दिल्ली हाई कोर्ट दिल्ली शराब नीति से संबंधित सीबीआई की अपील पर 25 मई को सुनवाई करेगा. जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने मामले में सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था, जिसके बाद नई बेंच का गठन किया गया. अब मामले को जस्टिस मनोज जैन की बेंच सुनवाई कर रही है. कोर्ट ने केजरीवाल सहित अन्य को मामले में अपना पक्ष रखने को कहा है.
सीबीआई ने निचली अदालत द्वारा केजरीवाल सहित 23 लोगों को आरोपमुक्त किए जाने के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की है. कोर्ट ने कहा कि चूंकि मामला ट्रांसफर होकर उनके पास आया है, और अभी संबंधित पक्ष अदालत में पेश नही हुआ है. लिहाजा औपचारिक तौर पर नोटिस जारी किया जाता है. कोर्ट ने सभी को सोमवार तक नोटिस का जवाब देने को कहा है.
मामले की सुनवाई के दौरान एजेंसी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को जानकारी दे दिया जाए, ताकि यदि वे अदालत में पेश होना चाहें तो उपस्थित हो सके. कोर्ट ने कहा कि आदर्श स्थिति यही होगी कि सभी पक्ष अदालत में मौजूद हों और सबकी बात सुनी जाए. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि मामला पहले ही अखबारों में आ चुका है, इसलिए माना जा सकता है कि संबंधित पक्षों को ट्रांसफर की जानकारी है, लेकिन फिर भी उन्हें नया नोटिस जारी गया. कोर्ट ने यह भी कहा कि एक दो दिन आगे पीछे होने से कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन जब सभी पक्ष सामने होंगे तभी यह स्पष्ट होगा कि वे मौजूदा बेंच के समक्ष सुनवाई से संतुष्ट है या नहीं.
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि किसी को भी न्यायिक प्रक्रिया को, ‘मजाक’ या जॉय राइड की तरह लेने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. मामले में निचली अदालत ने केजरीवाल सहित 23 लोगों को आरोप मुक्त कर दिया था. जिसके खिलाफ सीबीआई ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि रिकॉर्ड न मिलने के कारण अदालत ने सुनवाई को टाल दिया है.बता दें कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिख कर सुनवाई में पेश नही होने की बात कही है. पिछले दिनों हाई कोर्ट ने केजरीवाल सहित अन्य की ओर से दायर उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को केस से खुद को अलग होने की मांग की गई थी.
हालांकि केजरीवाल और सिसोदिया ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिखकर कहा है कि सुनवाई के दौरान उनके तरफ से कोई वकील पेश नही होगा. क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि उनको इस कोर्ट ने इंसाफ नही मिलेगा. यह मामला दिल्ली शराब नीति से जुड़ा है. जिस मामले में सीबीआई और ईडी दोनों ने हाई कोर्ट का रुख किया है. जिसपर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा सुनवाई कर रही है.
पिछले दिनों कोर्ट ने केजरीवाल के उस अर्जी को खारिज कर दिया था, जिसमें याचिका में कहा गया था कि जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से खुद को अलग होने की मांग की गई थी. सिसोदिया ने अपने पत्र में कहा कि मेरी तरफ से भी कोई वकील पेश नही होगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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