लीगल

चुनावी वादों के वित्तीय असर का हिसाब दें पार्टियां: सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर, शिक्षा-स्वास्थ्य पर ठोस रोडमैप की मांग

Supreme Court: राजनीतिक दलों के चुनावी घोषणापत्र के लिए एक मानक प्रारूप तय करने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार हो गया है. यह याचिका अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दायर की गई है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच के समक्ष याचिकाकर्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने जल्द सुनवाई की मांग की. जिसपर कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि देखते है.

घोषणापत्रों के लिए सुप्रीम कोर्ट-हाईकोर्ट की तर्ज पर मानक प्रारूप की मांग

याचिकाकर्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करने के लिए निर्धारित मानक प्रारूप है. इसी तरह राजनीतिक दलों के घोषणापत्र के लिए भी एक मानक प्रारूप तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग इस प्रारूप को स्वीकार करता है, तो राजनीतिक दलों द्वारा इसे अपनाया जा सकता है. दायर याचिका में राजनीतिक दलों के घोषणापत्र में नीतियों, चुनावी वादों और उनसे वित्तीय प्रभावों को एक समान प्रारूप में प्रस्तुत करने की व्यवस्था किए जाने की मांग की गई है.

मुफ्त की रेवड़ियों पर रोक, वादों की समयसीमा और पारदर्शिता पर जोर

याचिकाकर्ता का कहना है कि इससे मतदाताओं को विभिन्न दलों के घोषणापत्र में किए गए वादों को स्पष्ट और तुलनात्मक तरीके से समझने में मदद मिल सकती है. दायर याचिका में चुनाव से पहले सार्वजनिक निधि से तर्कहीन मुफ्त उपहार का वादा मतदाताओं को अनुचित रूप से प्रभावित करता है, खेल के मैदान से छेड़छाड़ करता है, निष्पक्ष चुनाव की जड़ें हिलाता है और चुनाव प्रक्रिया की शुद्धता को खराब करता है. याचिकाकर्ता ने कहा कि राजनीतिक पार्टियां न सिर्फ चुनावी घोषणा पत्र में वादे का जिक्र करें बल्कि वह उसे पूरा करने के लिए टाइमलाइन भी घोषित करें. राजनीतिक पार्टियां करप्शन और साम्प्रदायिकता रोकने के लिए सिर्फ कदम उठाने भर की बात में भी बताए.

मौलिक अधिकारों और लोक कल्याण के लिए ठोस रोडमैप की अपील

वे स्वास्थ्य का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, शेल्टर का अधिकार, गरिमा के साथ जीने का अधिकार, रोजगार के अधिकार, सबको न्याय पाने का अधिकार और स्वास्थ्य पर्यावरण के अधिकार के बारे में भी जिक्र करें कि उसके लिए वह जरूरी कदम उठाएगी.

यह भी पढ़ें-‘स्वास्थ्य से खिलवाड़ बंद करो!’ अश्विनी उपाध्याय ने SC में दायर की PIL, कहा- फौरन बने फास्ट ट्रैक व्यवस्था

-भारत एक्सप्रेस 

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

ग्राहम स्टेंस हत्याकांड: दोषी दारा सिंह की रिहाई याचिका पर ओडिशा सरकार का इनकार, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

ओडिशा सरकार ने ग्राहम स्टेंस हत्याकांड के दोषी दारा सिंह की रिहाई याचिका खारिज कर…

5 minutes ago

समुद्र की सुरक्षा पर BRICS का फोकस, पीएम मोदी ने रखा सीफेरर्स के लिए इमरजेंसी नेटवर्क का प्रस्ताव

BRICS Summit में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समुद्र में संकट का सामना करने वाले सीफेयरर्स…

19 minutes ago

लड़की का फोन लेकर भागा बंदर, पीछे दौड़ती रही युवती; ‘टॉम एंड जेरी’ वाली भागदौड़ देख हंस पड़े लोग

Monkey Viral Video Phone Snatching: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक बंदर लड़की का…

24 minutes ago

कारों में सीट बेल्ट और चाइल्ड सेफ्टी सिस्टम की अनिवार्यता, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का किया निपटारा

सुप्रीम कोर्ट ने कारों में सीट बेल्ट, चाइल्ड सेफ्टी सिस्टम और फर्स्ट एड किट को…

25 minutes ago

जज्बे से चौंका देश! डिलीवरी के 6 दिन बाद काम लौटीं वायनाड कलेक्टर, मैटरनिटी लीव पर क्या कहा?

केरलम के वायनाड जिले की कलेक्टर और 2017 बैच की आईएएस अधिकारी मेगाश्री डी आर…

33 minutes ago