सुप्रीम कोर्ट ने संगीन अपराधों के मामलों में ट्रायल की धीमी रफ्तार पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अगर समयबद्ध सुनवाई नही हुई तो अपराधी पूरे न्यायिक प्रक्रिया को हाईजैक कर लेंगे. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ यूएपीए और मकोका जैसे कानूनों के तहत विशेष अदालतों के गठन से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही है. जस्टिस सूर्यकांत ने मुकदमों को समय पर पूरा करने के महत्व पर जोर दिया. अदालत ने स्पष्ट किया कि समाज में कानून का डर बनाए रखने और न्याय प्रणाली की साख बचाने के लिए जरूरी है कि ऐसे मामलों का निपटारा तय समय सीमा के भीतर किया जाए.
अदालत ने साफ कहा कि न्याय में देरी से आम नागरिकों का भरोसा डगमगाता है और संगठित अपराध पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो जाता है. कोर्ट ने संकेत दिया कि यूएपीए और मकोका जैसे गंभीर मामलों के लिए स्पेशल एनआईए कोर्ट्स की स्थापना पर विचार चल रहा है. कोर्ट ने केंद्र सरकार और सभी राज्यों को इस पर विचार करने को कहा है. मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि देश के सभी राज्यों के साथ मिलकर इस दिशा में काम हो रहा है और जल्द ही विशेष अदालतों के गठन पर ठोस निर्णय लिया जाएगा.
अदालत ने कहा कि जब तक न्यायिक प्रक्रिया तेज और प्रभावी नहीं होगी, तब तक अपराधियों का मनोबल बढ़ता रहेगा और कानून व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा. कोर्ट ने कहा कि संगीन अपराधों में तेज और पारदर्शी ट्रायल से समाज को सही संदेश जाता है और अपराधियों पर अंकुश लगता है. अदालत ने यह भी कहा कि देरी से चलने वाले मामलों का फायदा अक्सर संगठित अपराध और आतंकवाद से जुड़े आरोपी उठाते है. जिससे पीड़ित और गवाह दोनों असुरक्षित महसूस करते है.
Also Follow Bharat Express on X
मेरठ में एक युवती ने आगरा में तैनात यूपी पुलिस के सिपाही पर स्नैपचैट के…
India tourism growth foreign exchange earnings: देश में घरेलू पर्यटकों की संख्या 428.55 करोड़ पार…
Imran Masood: इमरान मसूद ने कहा कि प्रभारी जो बोल रहे हैं या जो मैं बोल…
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक कुणाल घोष ने शनिवार को आरोप लगाया कि हुगली जिले…
Pushkar Pitru Paksha Pind Daan significance: तीर्थ गुरु पुष्कर के 52 घाटों पर पितृपक्ष में…
'अर्नब' चक्रवात के प्रभाव से उत्तर प्रदेश में 50 घंटे से जारी तूफानी बारिश ने…