दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भांजा बनकर एक कारोबारी से 3.90 करोड़ रुपए का धोखाधड़ी करने के आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया है.जस्टिस गिरीश कथपालिया ने जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि आरोपों की गंभीरता और मामले की प्रकृति के मद्देनजर आरोपी को जमानत देना संभव नही है.
अभी तक पूछताछ पूरी नहीं
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि आरोपी अपने मुकदमे को खींचने की कोशिश कर रहा है. उसने केवल एक गवाह की पूछताछ में पांच तारीखें ली, लेकिन अभी तक पूछताछ पूरी नहीं हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी पहले भी इसी तरह की धोखाधड़ी में शामिल था.
इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि आरोपों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए, यह अदालत याचिकाकर्ता व कथितआरोपी को जमानत देने के मूड में नही है. इसलिए यह याचिका खारिज की जाती है.
90 करोड़ रुपये का टेंडर दिलाने का आश्वासन
कोर्ट ने जमानत याचिका को खारिज करते हुए यह भी कहा था कि आरोपी ने खुद को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भतीजा बताकर अपराध को अंजाम देने में सक्रिय भूमिका निभाई थी. शिकायतकर्ता को 90 करोड़ रुपये का बड़ा टेंडर दिलाने का आश्वासन दिया था और शिकायतकर्ता से नकद और आरटीजीएस के जरिये 3.9 करोड़ रुपए ले लिया.
आरोपी को कड़ीं सजा की जरूरत
कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि आरोपी के खिलाफ आरोप बहुत गंभीर और गंभीर प्रकृति के हैं और इसके लिए कड़ीं सजा की जरूरत है. अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष की यह चिंता सही हो सकती है कि आरोपी जमानत पर रिहा होने के बाद अपनी स्वतंत्रता का दुरुपयोग कर सकता है. नैयर पर आरोप है कि उसने 90 करोड़ रुपए का टेंडर दिलाने के नाम पर नकद एवं आरटीजीएस के जरिए 3.90 करोड़ रुपए लिए थे.
न्यायाधीश ने उसकी जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि उसके खिलाफ आरोप बहुत गंभीर और संगीन प्रकृति के हैं. इसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है. उन्होंने कहा था कि आरोपों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए यह अदालत आरोपी को जमानत पर रिहा करने के पक्ष में नहीं है.
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-भारत एक्सप्रेस
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