फर्जी एसएलपी मामले में सुप्रीम कोर्ट बार SCBA और SCAORA की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस बेला त्रिवेदी और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने साफ किया कि वो इस मामले में आदेश पारित करेगा. सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की दलीलों के बाद जस्टिस बेला त्रिवेदी ने कहा कि आप बार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं इसलिए हम आपको सुन रहे हैं. लेकिन यह साफ कर दे रहे हैं और इस मामले में आपका कोई अधिकार क्षेत्र नही है. जस्टिस बेला त्रिवेदी ने कहा कि वकील के साथ जो भी जुड़े है, उनके नाम है. ऐसा नही हो सकता है.
कोर्ट सुप्रीम कोर्ट बार SCBA और SCAORA की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा है. पिछली सुनवाई में एससीबीए की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि बार के सदस्यों के साथ बहुत अन्याय हुआ है. और अनुरोध किया था कि अदालत कम से कम फैसले में वही पंक्तियां जोड़े. इसपर कोर्ट ने सवाल किया था कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और एससीएओआरए का क्या लेना देना है.
सिब्बल ने कहा कि न्यायालय बहुत अच्छी तरह से लोकस के एमए को खारिज कर सकता है, लेकिन आदेश को अपने आप संशोधित कर सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक प्रणाली को दूषित करने के प्रयास और कोर्ट के साथ फर्जीवाड़े को गंभीरता से लेते हुए सीबीआई जांच का आदेश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि अफसोस कि कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने के बेशर्म प्रयास किए जा रहे हैं.
कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया था कि प्रारंभिक जांच के बाद वह मामला दर्ज करके जांच करें और सारे लिंक पता कर दो महीने में रिपोर्ट दे. जिसके बाद सीबीआई ने इस मामले में 8 वकीलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू किया है. सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि इस मामले में झूठे प्रतिरूपण, कोर्ट में झूठे दावे, जालसाजी-धोखाधड़ी सहित अन्य अपराध में शामिल होने का संदेह है. सीबीआई ने आठ वकीलों सहित 10 लोगों पर सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी तथा इलाहाबाद हाईकोर्ट में विविध आवेदन दायर करने के लिए आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है. इन 10 में से 3 वकील सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करते है और पांच इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते है.
इस केस में याचिकाकर्ता भगवान सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि उसने कभी यह केस दाखिल नही किया और न ही वह कभी किसी वकील से मिला है, न ही उसने कभी कोई वकील पैरवी के लिए रखा. जबकि केस के साथ संलग्न वकालतनामे पर याचिकाकर्ता भगवान सिंह के हस्ताक्षर मौजूद थे, इतना ही नहीं उसके हस्ताक्षर और दस्तावेज नोटरी द्वारा सत्यापित भी किया गया था.
ये भी पढ़ें: टेरर फंडिंग मामले में राशिद इंजीनियर की जमानत याचिका पर हाई कोर्ट ने NIA से मांगा जवाब
-भारत एक्सप्रेस
पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में फिर हवाई हमले किए हैं, जिनमें कुनार…
Ketan Agarwal Murder Case: केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस इस एंगल की जांच कर रही…
Bigg Boss 20 First Eviction: 'बिग बॉस 20' के पहले एविक्शन में रोहैद घर से…
Weather Today: IMD ने 21 सितंबर को कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं…
गुजरात से शुरू हुआ बालाजी वेफ़र्स आज भारतीय स्नैक्स मार्केट में लेज़ जैसे ग्लोबल ब्रांड…
21 सितंबर 2026 को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रात 8:02 बजे तक रहेगी,…