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टेरर फंडिंग मामले में राशिद इंजीनियर की जमानत याचिका पर हाई कोर्ट ने NIA से मांगा जवाब

दिल्ली हाई कोर्ट ने टेरर फंडिंग मामले में आरोपी सांसद राशिद इंजीनियर की जमानत याचिका पर एनआईए को नोटिस जारी कर 30 जनवरी तक जवाब मांगा. राशिद, 2017 के आतंकी फंडिंग केस में 2019 से जेल में बंद हैं.

Terror Funding Case

राशिद इंजीनियर

टेरर फंडिंग मामले में आरोपी और बारामुला से सांसद राशिद इंजीनियर की ओर से दायर नियमित जमानत याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट 30 जनवरी को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. पटियाला हाउस कोर्ट ने राशिद इंजीनियर की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दिया है.

राशिद इंजीनियर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील एन हरिहरन ने कहा कि ऐसा लगता है कि कोई अदालत नही है, जो मेरी जमानत याचिका पर सुनवाई करेगी. उन्होंने कहा कि निचली अदालत ने पहले उनकी ओर से दायर जमानत याचिका पर सुनवाई की, लेकिन बाद में कह दिया कि यह उसके अधिकार क्षेत्र में नही आता है.

अदालत ने कहा कि यह एनआईए कोर्ट है, एमपी/एमएलए कोर्ट नही है. हरिहरन ने कहा कि या तो हाई कोर्ट मेरी बात सुने या अदालत को मेरी अर्जी पर निर्णय लेने का निर्देश दे. इसपर जस्टिस विकास महाजन ने कहा, लेकिन एमपी/एमएलए कोर्ट किसी कानून के तहत नहीं है. वही एनआईए की ओर से पेश वकील अक्षय मलिक ने कहा कि एनआईए ने रजिस्ट्रार जनरल से उसे सुनवाई के लिए नामित करने का अनुरोध किया था, जो लंबित है. इसपर हरिहरन ने कहा कि 3 महीने से लंबित है. जबकि तीसरा संसदीय सत्र खत्म हो गया. चौथा संसदीय सत्र 25 जनवरी से शुरू होने वाला है.

24 दिसंबर 2024 को पटियाला हाउस कोर्ट ने राशिद इंजीनियर की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था. उसके पहले राशिद इंजीनियर को शीतकालीन सत्र में शामिल होने के लिए अनुमति मांगी थी. इससे पहले राशिद इंजीनियर को जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए अंतरिम जमानत मिल चुकी है. लेकिन आगे की अंतरिम जमानत की अवधि को कोर्ट ने बढ़ाने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद राशिद इंजीनियर ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया था.

राशिद इंजीनियर ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामूला सीट पर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला को हराया था. राशिद इंजीनियर शेख अब्दुल रशीद के नाम से भी जाना जाता है. वह 2017 के आतंकवादी वित्तपोषण (आतंकी फंडिंग) मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से रशीद 2019 से जेल में बंद है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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