लीगल

सुप्रीम कोर्ट उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे की 29 एकड़ जमीन कब्जे के मामले में 24 फरवरी को करेगा सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे की 29 एकड़ जमीन को कब्जे के मामले मामले में 24 फरवरी को सुनवाई करेगा. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कोर्ट द्वारा दी गई राहत को बरकरार रखने का आदेश दिया था.

पिछली सुनवाई के दौरान रेलवे की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया था कि रेलवे और सरकार की जमीन की पहचान कर ली गई हैं. उन्होंने कहा था कि वह मुआवजा भी देने को तैयार है, लिहाजा जमीन को वापस दिलाया जाए. एएसजी भाटी ने कोर्ट को यह भी बताया था कि मामले में रेलवे की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट फाइल कर दिया गया हैं.

मामले की सुनवाई के दौरान उत्तराखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि केंद्र के साथ संयुक्त बैठक की गई और सर्वेक्षण किया गया है. जिसमें साढ़े चार हजार परिवारों की पहचान की गई है, और पुनर्वास नीति पर विचार किया जा रहा है. सरकार ने कहा था कि पीड़ितों की पुनर्वास के लिए अभी तक 40 हेक्टेयर भूमि की पहचान कर ली गई है. सुप्रीम कोर्ट नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है.

मुख्य सचिव, केंद्र और रेलवे अधिकारियों को पुनर्वास योजना बनाने का निर्देश

जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्ज्वल भुइयां और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच मामले में सुनवाई कर रही है. सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव, केंद्र सरकार के अधिकारी और रेलवे के अधिकारी मीटिंग कर, ये योजना बनाए कि आखिर लोगों का पुनर्वास किस तरह से होगा. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि रेलवे ने अब तक कोई कार्रवाई नही की है. अगर आप लोगों को बेदखल करना चाहते हैं तो नोटिस जारी करे. जनहित याचिका के साथ क्यों? इसका इस्तेमाल नही किया जा सकता है. वही रेलवे की तरफ से कहा गया था कि वो वंदे भारत ट्रेन वहां चलाना चाहता है. इसको लेकर प्लेटफार्म को बढ़ाने की जरूरत है.

दरअसल केंद्र सरकार द्वारा 2023 में पारित अंतरिम आदेश में संशोधन के लिए दायर किया गया था, क्योंकि विवाद में भूमि के एक हिस्से में रेलवे ट्रैक और हल्द्वानी रेलवे स्टेशन की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पूरे मामले में पुनर्वास के लिए विकल्प तलाशने की जरूरत है. फॉरेस्ट एरिया को छोड़कर किसी दूसरे लैंड को लेकर विकल्प को तलाशने की जरूरत है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था इस मामले में जल्द करवाई की जरूरत है. 4365 घर है, वहां पर 50 हजार लोग रह रहे है.

यह भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में OBC को 27 फीसदी आरक्षण देने की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट भेजा

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

क्यूबा को धमका रहा था US..! भारत ने ले लिया ऐसा स्टैंड; सनक जाएगा ट्रंप का माथा

Cuba US Sanctions UN Vote: संयुक्त राष्ट्र महासभा में क्यूबा पर अमेरिकी आर्थिक और व्यापारिक…

28 minutes ago

सात भाइयों की लाडली वीरवती की वह कथा, जिसके बिना अधूरा है करवा चौथ का व्रत

Karva Chauth Vrat Katha: करवा चौथ पर सुहागिनें पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक…

1 hour ago

Gold Silver Price: करवा चौथ पर सोने की कीमतों में उछाल, चांदी में नरमी बरकार; जानें आज के ताजा दाम

करवा चौथ और त्योहारी सीजन के बीच सर्राफा बाजार में सोने के भाव में हल्की…

2 hours ago

Bigg Boss 20: क्या सच में घर से बेघर हो गए गुल्लू? यंग के साथ हुई हाथापाई के बाद उड़ रही एविक्शन की अफवाह

बिग बॉस 20 के घर में कैप्टेंसी टास्क के दौरान माहौल उस वक्त गरमा गया…

2 hours ago

इजरायल में फंसा सत्ता का पेच: बहुमत से दूर सभी गुट, नेतन्याहू की पार्टी का हाल कैसा?

इजरायल के चुनाव में करीब 93 फीसदी वोटों की गिनती के बाद बेंजामिन नेतन्याहू का…

2 hours ago