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भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान कथित नारेबाजी पर कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को जारी किया नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के दौरान भारत-पाकिस्तान मैच में कथित रूप से भारत विरोधी नारे लगाने के मामले में महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है. जस्टिस बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह नोटिस एक अवमानना याचिका पर जारी किया है, जिसमें राज्य सरकार के अधिकारियों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है.

क्या है मामला?

याचिकाकर्ता किताबुल्ला हमीदुल्ला खान ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया कि 23 फरवरी 2025 को मालवन के तारकरली रोड इलाके में भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के दौरान कथित भारत विरोधी नारे लगाने के आरोप में उनके, उनकी पत्नी और 14 वर्षीय बेटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. इसके अगले ही दिन, 24 फरवरी को प्रशासन ने उनके घर और दुकान को ध्वस्त कर दिया.

याचिकाकर्ता ने दावा किया कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के 13 नवंबर 2024 के फैसले का उल्लंघन है, जिसमें कहा गया था कि बिना कारण बताओ नोटिस और सुनवाई के किसी की संपत्ति पर बुलडोजर नहीं चलाया जा सकता. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि ऐसी किसी भी कार्रवाई से पहले पीड़ित पक्ष को जवाब देने के लिए कम से कम 15 दिन का समय दिया जाना अनिवार्य है.

याचिकाकर्ता की मांग

याचिका में मालवन नगर परिषद के मुख्य अधिकारी और प्रशासक के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने के निर्देश देने की मांग की गई है. याचिकाकर्ता का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना या सुनवाई के उनकी संपत्ति पर बुलडोजर चला दिया गया, जो कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सीधा उल्लंघन है.

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से इस मामले में चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह एक गंभीर अवमानना का मामला होगा.

भारत-पाकिस्तान मैच और विवाद

यह विवाद चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए हाई-वोल्टेज मुकाबले से जुड़ा है, जो दुबई में खेला गया था. इस मैच में भारत ने पाकिस्तान को छह विकेट से हराया था, और विराट कोहली ने शानदार शतक जड़ा था. इसी मैच की दूसरी पारी के दौरान कथित नारेबाजी की घटना सामने आई थी, जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई थी.

जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी फिलहाल जमानत पर हैं और पुलिस इस मामले में जल्द ही चार्जशीट दाखिल करेगी. अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई और सरकार का जवाब महत्वपूर्ण रहेगा.


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-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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