नाबालिग बच्ची की दोबारा गवाही कराने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने गुजरात हाई कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें अभियोजन पक्ष को एक 11 साल की बच्ची को दोबारा गवाह के रूप में बुलाने की अनुमति दी गई थी. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस एजी मसीह की पीठ ने यह फैसला दिया है. कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि धारा 31 सीआरपीसी का इस्तेमाल बहुत सीमित और सावधानी से किया जाना चाहिए और तभी किया जाए जब वह सच्चाई सामने लाने के लिए जरूरी हो. कोर्ट ने कहा कि-
इस मामले में अभियोजन पक्ष ने 21 गवाहों की गवाही पूरी होने के बाद, ट्रायल के अंतिम चरण में बच्ची को गवाह बनाने की अर्जी दायर की. इसके लिए कोई ठोस वजह या देरी का संतोषजनक कारण नहीं बताया गया था.
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह की अनुमति देने से सिर्फ मुकदमा लंबा होगा और आरोपियों को नुकसान पहुंचेगा. कोर्ट ने यह भी कहा कि धारा 311 की शक्ति व्यापक जरूरत है, लेकिन इसका प्रयोग केवल तभी होना चाहिए जब साक्ष्य सच्चाई तक पहुंचने के लिए अपरिहार्य हो. इस मामले में यह शर्त पूरी नहीं होती है.
सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि हाई कोर्ट का यह मान लेना कि बच्ची एक प्रत्यक्षदर्शी हो सकती है, केवल अनुमान पर आधारित है. रिकॉर्ड में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है कि वह घटना के वक्त मौजूद थी या उसने सब कुछ देखा था. इसके अलावे कोर्ट ने बच्ची की गवाही की विश्वसनीयता पर गंभीर चिंता जताई है.
यह मामला 2017 का है. जब एक महिला ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. इसके एक महीने बाद बाद महिला के पिता ने पति और रिश्तेदार के खिलाफ धारा 498A, 306 आईपीसी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी. उस समय दंपत्ति की बेटी करीब 4 साल की थी. पूरे ट्रायल के दौरान 21 गवाहों की गवाही हुई, लेकिन कहीं भी यह नहीं कहा गया कि बच्ची घटना की गवाह थी.
ये भी पढ़ें: ‘परंपरा पर फिलहाल नहीं लगेगी रोक’, ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती दरगाह मामले में SC का जल्द सुनवाई से इनकार
घटना के करीब 7 साल बाद अभियोजन ने अब 11 साल की हो चुकी बच्ची को गवाह बनाने के लिए अर्जी दाखिल किया था. जिसे ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दिया था. लेकिन गुजरात हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को पलटते हुए बच्ची की गवाही कराने को कहा था.
Delhi Pollution Action Plan: दिल्ली और एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण और सर्दियों की चुनौतियों से…
Air Pollution: साल 2000 से 2020 के बीच प्रति व्यक्ति जीडीपी करीब 3 गुना बढ़ी,…
Supreme Court on Traffic Challan: सुप्रीम कोर्ट ने कहा अगर लोग ट्रैफिक चालान नहीं भर…
Chirag Paswan satisfied with ECI: बीते रोज SIR पर चुनाव आयोग से सवाल पूछने वाले…
1920 के दशक में पूर्वी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में महात्मा गांधी की छवि…
UP Rajya Sabha Election: यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों पर 16 अक्टूबर को चुनाव…