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मध्य प्रदेश के वक्फ मुतवल्ली ने उम्मीद पोर्टल में खामियों का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट का खटखटाया दरवाजा

मध्य प्रदेश के Waqf मुतवल्ली ने उम्मीद पोर्टल में खामियों का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. दायर याचिका में तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए दिशा निर्देश देने की मांग की गई है. याचिका में एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास कानून 1995 की धारा 3 बी के तहत डिजिटल अपलोडिंग अनिवार्यता की प्रवर्तनीयता को चुनौती दी है.

उम्मीद पोर्टल तकनीकी रूप से दोषपूर्ण

याचिका में आरोप लगाया गया है कि केंद्र सरकार का उम्मीद पोर्टल संरचनात्मक रूप से दोषपूर्ण है और वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण के लिए तकनीकी रूप से अनुपयुक्त है. अनुच्छेद 32 के तहत दायर रिट याचिका में तर्क दिया गया है कि उम्मीद नियम 2025 के तहत अधिसूचित पोर्टल कई राज्यों में वक्फ बोर्ड्स को नियंत्रित करने वाले वैधानिक ढांचे के अनुरूप नहीं है और इसकी लगातार तकनीकी खामियों के कारण इसका अनुपालन असंभव हो गया है.

इससे पहले भी याचिका दायर की गई थी, जिसपर सुनवाई से इनकार करते हुए कोर्ट ने याचिककर्ताओ को वक्फ ट्रिब्यूनल जाने को कहा था. मुस्लिम संगठनों ने इस नए वक्फ संशोधन कानून 2025 का विरोध किया है. इस कानून की विपक्षी दलों, मानवाधिकार संगठनों और सिख व ईसाई समुदाय समेत अन्य अल्पसंख्यकों द्वारा भी आलोचना की गई है.

केवल मुस्लिम नहीं अल्पसंख्यको भी अस्वीकार

इसको लेकर मौलाना रहमानी ने कहा था कि इस कानून को न केवल मुस्लिम संगठनों, बल्कि विपक्षी दलों, मानवाधिकार संगठनों, सिख, ईसाई और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों ने भी अस्वीकार किया हैं इसके बावजूद सरकार द्वारा वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन (Waqf Properties Registration) अनिवार्य करने की योजना को बोर्ड ने गैरकानूनी करार दिया है. उन्होंने इसे संविधान के खिलाफ और सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन मामले की अवमानना बताया था.

फैसला आने तक प्रावधान नहीं होंगे लागु

बता दें कि वक्फ संशोधन एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई है. मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया था कि इस कानून में मौजूद विवादित प्रावधानों को तब तक लागू नहीं किया जाएगा, जबतक इसपर कोई फैसला नहीं आ जाता.

दरअसल सरकार द्वारा लाया लॉन्च किया जा रहा वक्फ उम्मीद पोर्टल केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक डिजिटल पहल है. जिसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का केंद्रीकृत पंजीकरण और प्रबंधन करना है. सरकार के दावा है कि यह पोर्टल वक्फ.संपत्तियों में पारदर्शिता लाएगा और अवैध कब्जे को रोकेगा.

ये भी पढ़ें: इंडिगो मामले में सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग, 1000 से ज्यादा उड़ानें हो चुकी हैं रद्द

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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