Insomnia : आज की भागदौड़ वाले जीवन में रात में अगर नींद न आए तो यह चिंता का विषय है. बहुत से लोगों में देर रात तक जागने की आदत हो जाती है. चाहे वह काम के कारण हो या फिर टेलीविजन या मोबाइल देखने के कारण हो. देर रात तक नींद न आना या खुद देर रात तक जागने से इसका असर सीधे स्वास्थ्य पर पड़ता है.
नींद की कमी का सीधा असर दिल पर पड़ता है और जब नींद पूरी नहीं होती है तो दिल की धड़कन बढ़ जाती है, जिसके कारण ब्लड प्रेशर बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है. लगातार बढ़े ब्लड प्रेशर का बना रहना काफी घातक है, इससे हार्ट अटैक, अन्य स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता हैं. नींद की कमी के कारण दिल की धड़कने अनियमित हो सकती हैं जिससे हार्ट फेलियर भी हो सकता है.
नींद की कमी के कारण शरीर के मेटाबॉलिज्म पर भी प्रभाव पड़ता है. इससे इंसुलिन की मात्रा बिगड़ सकती है. इंसुलिन वह हार्मोन है जो शरीर में शुगर के स्तर को नियंत्रित करता है. नींद न आने के कारण इंसुलिन भी अनियंत्रित हो जाती है जिसके कारण ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है और टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है.
अनिद्रा रोग के विशेषज्ञ डॉ आशीष टंडन के मुताबिक जिन लोगों की नींद पूरी नहीं होती उन लोगों में अन्य लोगों की अपेक्षा क्रोनिक बीमारियों का खतरा काफी रहता है. डॉ टंडन के मुताबिक अनिद्रा के कारणों को जानना और समय रहते इसका इलाज कराना बेहद जरूरी है. अगर तनाव चिंता या अन्य व्यक्तिगत कारणों से नींद नहीं आती है तो मनोवैज्ञानिक से सलाह लेनी चाहिए. उनके मुताबिक अक्सर नींद न आने पर लोग नींद की गोली लेने लगते हैं जो काफी नुकसान दायक हो सकता है. कभी भी अपने आप इलाज नहीं करना चाहिए. क्योंकि यह दवाएं मस्तिष्क से लेकर गुर्दे और शरीर की विभिन्न प्रणालियों को नुकसान पहुंचा सकती है.
अच्छी नींद मेंटल हेल्थ के लिए बहुत जरूरी है. जब पर्याप्त नींद नहीं होती है तब दिमाग का केमिकल्स बैलेंस बिगड़ जाता है जिससे मूड डिस्टर्ब, चिंता और डिप्रेशन जैसे समस्याएं हो सकती हैं. इससे जीवन की गुणवत्ता भी प्रभावित हो जाती है.
रात को देर तक जागने पर भूख बढ़ जाती है और अक्सर लोग रात में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक स्नेक्स का सेवन करते हैं. यह आदत बजन बढ़ाने में सहायक होती है. इसके अलावा नींद की कमी से शरीर का मेटाबॉलिज्म सुस्त हो जाता है जिससे कैलोरी कम बर्न होती है और बजन बढ़ाने लगता है.
अच्छी नींद से इम्यून सिस्टम मजबूत रहता है और पर्याप्त नींद न आने से इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है. इसके कारण बार बार सर्दी जुखाम, बुखार और अन्य बीमारियां होती रहती हैं.
सोने का समय तय होना चाहिए जिससे सोने की आदत पड़ जाती है. सोने से 1 घंटे पहले मोबाइल और टेलीविजन से अपने को दूर कर लेना चाहिए, जिससे दिमाग शांत रह सके . सोने के लिए शांत और कमरे की लाइट बंद करकर अंधेरा कर लें जिससे नींद जल्दी आ सकती है. हमेशा सोने से पहले किताब पढ़े, संगीत सुने या ध्यान लगाएं इससे मन शांत होगा और नींद भी अच्छी आएगी.
–भारत एक्सप्रेस
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