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इंटरमिटेंट फास्टिंग: वजन कम करने का नया तरीका, जानें इसके फायदे और नुकसान

दुनिया भर में पिछले कुछ समय से इंटरमिटेंट फास्टिंग बेहद पॉपुलर हो रही है. इंटरमिटेंट फास्टिंग एक ऐसा ईटिंग पैटर्न है, जिसमें व्यक्ति को सिर्फ एक बार खाना खाता हैं. और बाकि के समय में पानी पीकर फास्टिंग करनी होती है. इसके अलावा लोग एक दिन के गैप (अल्टरनेट डे) पर भी फास्टिंग करके वजन कम करने की कोशिश करते है.आइए जानते हैं कि वजन घटाने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग से क्या फायदे होते है और क्या नुकसान होता हैं.

वजन कम करने का तरीका

वजन कम करने का एक तरीका है इंटरमिटेंट फास्टिंग. इसमें आप को दिन के कुछ समय तक कुछ नहीं खाना होता है और केवल कुछ घंटों तक ही आपकी ईटिंग विंडो खुली रहती है. इस दौरान आप अपनी डाइट के हिसाब से कुछ भी खा सकते हैं.

क्या इंटरमिटेंट फास्टिंग सही है या नहीं?

अलग अलग एक्सपर्ट की इस मामले में अलग अलग राय है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग आपके लिए सही है या नहीं लेकिन यह बात तो तय है कि इससे वजन कम होता है. कुछ लोगों का मानना है की यह सही तकनीक है और इसका प्रयोग होना चाहिए तो कुछ लोगों का मानना है की इसके शरीर को कुछ साइड इफेक्ट्स हैं.

कैसे काम करती है इंटरमिटेंट फास्टिंग?

इंटरमिटेंट फास्टिंग आपको वजन कम करने में मदद कर सकती है. लेकिन यह आपके हॉरमोन को भी प्रभावित कर सकती है. ऐसा इसलिए है क्योंकि शरीर की चर्बी शरीर की ऊर्जा (कैलोरी) को संग्रहीत करने का तरीका है. जब आप कुछ नहीं खाते हैं, तो आपका शरीर संग्रहीत ऊर्जा को इस्तेमाल करना शुरू कर देता है. जिसमे आपकी नर्वस सिस्टम एक्टिविटी में बदलाव होता है. और साथ ही कई जरूरी हार्मोन्स में भी परिवर्तन होने लगता है. जैसे

इंसुलिन सेंसिटिविटी में लाभ

ऐसा देखने को मिला है की जो लोग इंटरमिटेंट फास्टिंग करते हैं उनको इंसुलिन सेंसटिविटी में सुधार देखने को मिला है. इससे डायबिटीज का रिस्क कम होता है और आप का ब्लड शुगर लेवल सीमा में रहता है. जो लोग डायबिटीज के मरीज हैं वह भी अपने डॉक्टर से पूछ कर इस तकनीक का प्रयोग कर सकते है.

मानसिक स्पष्टता करने का प्रयास

अत्यधिक उत्तेजित दुनिया में मानसिक स्पष्टता को पुनः प्राप्त करना एक बहुआयामी प्रयास है. जिसके लिए हमारी जीवनशैली और आदतों में जानबूझकर बदलाव की आवश्यकता होती है.जिसमे सादगी को अपनाना, अपने शारीरिक स्वास्थ्य का पोषण करना, और संतुलन और चिंतन की तलाश करना हमें एक स्पष्ट, अधिक केंद्रित मन की स्थिति प्राप्त करने में मदद करता है.

इन्फ्लेमेशन कम होती है

इंटरमीटेंट फास्टिंग करने से आप के शरीर से इन्फ्लेमेशन कम होती है.और यह फास्टिंग करने से आपको एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण मिलते हैं. जो आपके शरीर में कई बीमारियों का रिस्क कम करते हैं. जिनमें हृदय से जुड़ी बीमारी और स्ट्रोक आदि शामिल हैं.

क्या आपको भी करनी चाहिएस फास्टिंग

अगर आपको वजन कम करने की काफी अधिक जरूरत है तो आप इस फास्टिंग को कर सकते हैं नहीं तो किसी अन्य तकनीक का भी उपयोग कर सकते हैं. आपको बता दें कि बच्चों और ईटिंग डिसऑर्डर से जूझ रहे लोगों को इस तरीके का पालन नहीं करना चाहिए.

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-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

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