प्रतीकात्मक फोटो.
योगी सरकार के डिजिटल महाकुम्भ की परिकल्पना को उत्तर प्रदेश पुलिस साकार करते हुए दिख रही है. पुलिस के जवानों की कागज पर दर्ज होने वाली हाजिरी महाकुम्भ में डिजिटल हाजिरी हो गई है. महाकुम्भ-2025 में ड्यूटी के लिए आए सभी पुलिस कर्मियों को मेले में ड्यूटी के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण ले रहे सभी पुलिस कर्मियों की अटेंडेंस बायोमेट्रिक तरीक़े से दर्ज हो रही है.
प्रयागराज में हो रहे महाकुम्भ-2025 में 40 करोड़ श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान कराने के लिए लगभग 50 हजार पुलिस कर्मी तैनात होंगे. SSP कुम्भ मेला राजेश द्विवेदी ने बताया कि कुम्भ मेला में आये पुलिस कर्मियों का सॉफ्ट स्किल, आपदा प्रबंधन, भौगोलिक स्थितियों की जानकारी आदि के लिए प्रशिक्षण चल रहा है. इस दौरान सभी पुलिस कर्मियों की अटेंडेंस बायोमेट्रिक तरीके से रिकॉर्ड की जा रही है, जिससे हाजिरी लगाने में समय की बचत के साथ ही रिकॉर्ड मेंटेन करने में भी आसानी हो रही है. इससे पूर्व अटेंडेंस के लिए पारंपरिक रजिस्टर का रख रखाव मुश्किल होता था, लेकिन डिजिटल अटेंडेंस ने इन झंझटों से मुक्ति दिला दी है.
महाकुम्भ मेला में आए लगभग 10 हज़ार से अधिक पुलिस कर्मियों की पहले और दूसरे चरण की ट्रेनिंग हो चुकी है, जबकि तीसरे चरण का प्रशिक्षण चल रहा है. महाकुम्भ मेला में उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जनपदों से पुलिस कर्मी ड्यूटी करने आये है. बायोमैट्रिक हाज़िरी के लिए उनकी सम्प्पूर्ण जानकारी फीड की जाती है.
-भारत एक्सप्रेस
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