Starship Rocket Technical Issue: दुनिया के सबसे शक्तिशाली रॉकेट स्टारशिप के टेस्ट को एक बार फिर टाल दिया गया. बताया जा रहा है कि इसके ग्राउंड सिस्टम में खराबी आने की वजह से ये निर्णय लिया गया. यह स्टारशिप रॉकेट का 10वां टेस्ट था, लेकिन तकनीकी खराबी की वजह से यह टल गया. यह रॉकेट आज यानी 25 अगस्त को बोका चिका से सुबह 5 बजे लॉन्च किया जाना था.
ग्राउंड सिस्टम का अर्थ होता है जमीन पर रॉकेट लॉन्च करने के लिए मौजूद उपकरण. रॉकेट को लॉन्च करने के लिए जमीन पर जिन उपकरणों का उपयोग किया जाता है, उनमें तकनीकी खराबी आ गई है. जिसकी वजह से स्टारशिप रॉकेट के लॉन्च को टाल दिया गया.
यह पहली बार नहीं है कि स्टारशिप रॉकेट के लॉन्च में तकनीकी खराबी आई हो. इससे पहले 29 जून को यह टेस्ट किया गया, लेकिन स्टैटिक फायर टेस्ट के दौरान ही पूरा स्टारशिप रॉकेट उड़ गया. स्टैटिक फायर टेस्ट में रॉकेट को जमीन पर ही रखकर उसके इंजन को शुरू किया जाता है. जिससे ये पता लगाया जा सके कि जब रॉकेट को प्रक्षेपित किया जाएगा तो उसके इंजन में कोई खराबी आ सकती है या नहीं.
29 जून को जब स्टारशिप रॉकेट को जमीन पर रखकर उसके इंजन को शुरू किया गया, इसी दौरान स्टारशिप के ऊपरी हिस्से में विस्फोट हो गया.
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दुनिया के सबसे अमीर आदमी इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स इस रॉकेट को बनाती है. इस रॉकेट को दो हिस्सों में बांटा जाता है. उपरी हिस्से को स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट और निचले हिस्से सुपर हैवी बूस्टर कहा जाता है. इसकी ऊंचाई 403 फीट है.
– भारत एक्सप्रेस
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