रॉकेट लॉन्च में खतरा होने पर कैसे बचाई जाती है एस्ट्रोनॉट्स की जान? जानिए Abort System का पूरा काम
Space mission abort system: रॉकेट लॉन्च के दौरान किसी भी बड़ी तकनीकी खराबी से एस्ट्रोनॉट्स की सुरक्षा के लिए स्पेस एजेंसियां 'अबॉर्ट सिस्टम' का इस्तेमाल करती हैं. कनाडाई एस्ट्रोनॉट जेरेमी हैनसेन ने बताया कि यह सिस्टम लॉन्च के आखिरी पलों में कैप्सूल को रॉकेट से अलग कर सुरक्षित लैंडिंग कराता है.
चांद पर बनेगा इंसानों का परमानेंट घर, नासा चीफ जेरेड आइजकमैन ने बताया 2028 का मेगा प्लान
National Aeronautics and Space Administration: अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (National Aeronautics and Space Administration) ने आने वाले वर्षों के लिए अपनी नई स्पेस रणनीति के तीन बड़े लक्ष्य तय किए हैं. चांद पर फिर से इंसानों को भेजने की घोषणा की है.
‘इस साल इंसानों को फिर से चंद्रमा पर भेजेंगे…’, NASA चीफ आइजकमैन बोले- तीन बड़े मिशनों को अंजाम तक पहुंचाएंगे
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (National Aeronautics and Space Administration) ने आने वाले वर्षों के लिए अपनी नई स्पेस रणनीति के तीन बड़े लक्ष्य तय किए हैं. चांद पर फिर से इंसानों को भेजने की घोषणा की है.
दुनिया के सबसे शक्तिशाली रॉकेट स्टारशिप का टेस्ट फिर टला, ग्राउंड सिस्टम में खराबी के चलते लिया गया फैसला
Starship Rocket Technical Issue: ग्राउंड सिस्टम का अर्थ होता है जमीन पर रॉकेट लॉन्च करने के लिए मौजूद उपकरण. रॉकेट को लॉन्च करने के लिए जमीन पर जिन उपकरणों का उपयोग किया जाता है, उनमें तकनीकी खराबी आ गई है.
Axiom-4 Space Mission: इस अभियान से अंतरिक्ष में जाएंगे शुभांशु शुक्ला समेत 4 एस्ट्रोनॉट, NASA ने लॉन्चिंग पर दिया अपडेट
Axiom-4 Mission में भारत के शुभांशु शुक्ला उन अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल होंगे, जो पृथ्वी के बाहर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर जाएंगे. इस मिशन की लॉन्चिंग के लिए अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा कुछ जरूरी डेटा की समीक्षा कर रही है.
चंद्रयान-5 मिशन को सरकार ने दी मंजूरी, जापान के साथ होगा संयुक्त अभियान: इसरो प्रमुख वी. नारायणन
ISRO के अध्यक्ष वी. नारायणन ने बताया कि केंद्र ने चंद्रयान-5 मिशन को मंजूरी दी है, जो भारत और जापान का संयुक्त अभियान होगा, और इस मिशन का रॉवर चंद्रयान-3 से 10 गुना भारी होगा.
Earth: पृथ्वी गोल है और घूमती रहती है फिर भी हम नहीं गिरते…जानें क्यों होता है ऐसा
हमारी धरती 24 घंटे अपनी धुरी पर घूमती रहती है. चूंकि पृथ्वी की गति नियत है यानि ये एक ही रफ्तार से घूमती है





