आस्था

रंगपंचमी पर महाकाल की नगरी में उड़ा केसरिया गुलाल: भस्म आरती में बाबा के दरबार में खेली गई हर्बल होली

Rang Panchami 2026: उज्जैन की सुबह आज आम दिनों से बिलकुल अलग और बेहद खास थी. रविवार की भोर जैसे ही अवंतिका नगरी (उज्जैन) की दहलीज पर उतरी, पूरे शहर की हवा में केसरिया सुगंध और भक्ति का एक अनूठा संगम देखने को मिला. मौका था रंगपंचमी के विशेष उल्लास का. विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के 4 बजे जब मंदिर के पट खुले, तो नजारा ऐसा था मानो साक्षात शिव लोक धरती पर उतर आया हो.

केसर जल से महका गर्भगृह

परंपरा के अनुसार, भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को विशेष रूप से केसर युक्त जल अर्पित किया गया. जैसे ही यह पावन जल ज्योतिर्लिंग पर चढ़ा, पूरा गर्भगृह एक दिव्य खुशबू से महक उठा. उत्सव की शुरुआत पुजारियों ने पूरे शिव परिवार के साथ होली खेलकर की.

इसमें बाबा महाकाल के साथ-साथ माता पार्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय और नंदी जी को शुद्ध हर्बल रंग अर्पित कर पर्व का श्रीगणेश किया गया. इसके बाद प्रथम घंटाल की गूंज और वेदमंत्रों के बीच हरिओम का जल चढ़ाया गया और फिर बाबा का पंचामृत अभिषेक हुआ.

राजा के स्वरूप में सजे बाबा महाकाल

अभिषेक के बाद शुरू हुआ बाबा महाकाल का वह अलौकिक श्रृंगार, जिसे देखने के लिए भक्त मीलों दूर से आते हैं. पुजारियों ने बाबा के मस्तक पर भांग और चंदन का लेप लगाकर आकर्षक त्रिपुंड बनाया और उन्हें एक दिव्य राजा के रूप में सजाया. श्रृंगार पूरा होने के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर पवित्र भस्म अर्पित की गई. बाबा के गले में मुंडमाल, सुगंधित पुष्पों की माला और मस्तक पर रजत मुकुट… यह छवि इतनी मनमोहक थी कि नंदी हॉल और कार्तिकेय मंडपम में मौजूद हजारों श्रद्धालु ‘जय महाकाल’ के उद्घोष से झूम उठे.

ये भी पढ़ें- रविवार का पंचांग: रंग पंचमी पर ‘सर्वार्थ सिद्धि’ का चमत्कार, शाम में ‘मृत्यु पंचक’ से बचाव जरूरी; जानें उपाय

प्रशासन की सख्ती रंग लाई

हाल ही में हुए कुछ अनुभवों को देखते हुए, मंदिर प्रशासन ने इस बार सुरक्षा और शुद्धता का खास ख्याल रखा था. मंदिर परिसर में केवल कोठार शाखा द्वारा उपलब्ध कराए गए शुद्ध केसर जल और हर्बल गुलाल के उपयोग की ही अनुमति दी गई थी.

बाहरी रंगों पर पाबंदी होने के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी. पहली बार इस तरह की नियंत्रित और व्यवस्थित होली से श्रद्धालुओं ने भी राहत की सांस ली. यह केसरिया भक्ति का रंग देखते ही देखते पूरे उज्जैन शहर में फैल गया और हर कोई महाकाल के रंग में रंगा नजर आया.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Radha Priya

Recent Posts

एनसीएमईआई और अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों की राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर एरा यूनिवर्सिटी लखनऊ में ऐतिहासिक संगोष्ठी

प्रो. (डॉ.) शाहिद अख्त़र ने अल्पसंख्यक संस्थानों को 'सामाजिक प्रयोगशाला' बताया, डॉ. इंद्रेश कुमार ने…

3 hours ago

शुभ मुहूर्त में निवेश का मौका: 8 नवंबर को सजेगा शेयर बाजार का मंच, जानें टाइमिंग्स

देश के प्रमुख शेयर बाजारों (NSE और BSE) ने दिवाली के अवसर पर 8 नवंबर…

4 hours ago

Noida Dussehra Traffic Advisory: दशहरा और मूर्ति विसर्जन को लेकर बदलेगा ट्रैफिक, घर से निकलने से पहले जान लें नए रूट

Noida Dussehra Traffic Advisory: दशहरा और मूर्ति विसर्जन कार्यक्रमों को देखते हुए नोएडा और ग्रेटर…

4 hours ago

यह कैसा अंधविश्वास? मंदिर में खुदवाया गड्ढा, फिर करने लगी समाधि लेने की बात

रामपुर के शाहबाद में सपने में माता रानी के दर्शन का दावा कर महिला मंदिर…

4 hours ago

अंडरगारमेंट में क्या छिपाकर ले जा रहा था युवक? मेट्रो स्कैनर ने खोल दिया राज

Jama Masjid Metro Incident: जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर पकड़े गए मोहम्मद शोएब पर दिल्ली…

4 hours ago