Pitru Paksha Panchang: हिंदू पंचांग और धार्मिक परंपराओं के अनुसार, पितृ पक्ष का समय पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे पवित्र काल माना जाता है. आगामी 28 सितंबर 2026, सोमवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है, जो पितृ पक्ष के अंतर्गत द्वितीया श्राद्ध के रूप में मनाई जाएगी. आइए जानते हैं इस दिन के पंचांग, नक्षत्र योग और सभी महत्वपूर्ण समयों की पूरी जानकारी.
पंचांग के अनुसार, 28 सितंबर को द्वितीया तिथि शाम 7:13 बजे तक रहेगी, जिसके बाद तृतीया तिथि का आरंभ होगा.
श्राद्ध का महत्व: यह तिथि उन दिवंगत आत्माओं और पूर्वजों के श्राद्ध के लिए समर्पित है जिनकी मृत्यु किसी भी महीने की द्वितीया तिथि को हुई हो. परिवार के लोग विधि-विधान से तर्पण और पिंडदान करते हैं.
अभिजीत मुहूर्त: दिन का सबसे शुभ समय सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक रहेगा. धार्मिक कार्यों के लिए इस अवधि को उत्तम माना जाता है.
राहुकाल: अशुभ माना जाने वाला राहुकाल सुबह 7:50 बजे से 9:19 बजे तक रहेगा. इस दौरान किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है.
पितृ पक्ष के दौरान अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंचांग के नियमों का पालन करते हुए लोग अपने पूर्वजों की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं.
अस्वीकरण (Disclaimer): पितृपक्ष के संबंध में यह जानकारी (Pitru Paksha Panchang) पंचाग सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं के साथ ही तमाम स्थानों, प्रवचनों के आधार पर तैयार की गई है. भारत एक्सप्रेस इसकी कोई नैतिक पुष्टि नहीं करता है और न ही किसी अंधविश्वास को बढ़ावा देता है. पाठक अपने विवेक और व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार ही निर्णय लें.
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