आस्था

राधाष्टमी आज: लाड़ली जी के 5254वें प्राकट्योत्सव की बहुत-बहुत बधाइयां! राधे-राधे जपकर इन 10 मंदिरों में कीजिए दर्शन

Radha Ashtami 2026: आज पूरा विश्व राधाष्टमी के उत्‍साह-उमंग में डूबा हुआ है. देश-दुनिया के लाखों मंदिरों में लाड़ली जी का 5254वां प्राकट्योत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के ठीक 15 दिन बाद आने वाला यह दिन (19 सितंबर 2026) ब्रजभूमि सहित पूरी दुनिया के कृष्ण-राधा भक्तों के लिए महाउत्सव का दिन होता है. मान्यता है कि हजारों साल पहले आज ही के दिन लाड़ली जी का प्राकट्य हुआ था.

इस पावन अवसर पर यदि आप भी श्रीराधा रानी की भक्ति में लीन होना चाहते हैं, तो हम आपको बताने जा रहे हैं भारत के उन 10 सबसे प्रसिद्ध राधा मंदिरों के बारे में, जहां की छटा आज के दिन देखते ही बनती है-

जगद्गुरु कृपालु जी महाराज द्वारा निर्मित भव्य त्रयी

राधा भक्ति और वास्तुकला की बात हो, तो जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज द्वारा बनवाए गए इन तीन मंदिरों का नाम प्रमुखता से आता है:

प्रेम मंदिर (वृंदावन): इसे भारत में राधा-कृष्ण का सबसे खूबसूरत मंदिर माना जाता है. सफेद इटैलियन संगमरमर से बने इस मंदिर की नक्काशी और लाइटिंग अद्भुत है. आज के दिन यहाँ देश के किसी भी अन्य राधा-कृष्ण मंदिर से कहीं ज्यादा श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं.

भक्ति मंदिर (मनगढ़): प्रतापगढ़ जिले के मनगढ़ में स्थित यह मंदिर कृपालु जी महाराज की जन्मभूमि है. यहाँ राधा-कृष्ण की अष्टधातु की बेहद सुंदर मूर्तियां हैं, जिनकी दिव्यता आज देखते ही बनती है.

कीर्ति मंदिर (बरसाना): लाड़ली जी के मायके बरसाना में स्थित यह मंदिर श्रीराधा रानी की माता ‘कीर्ति’ के नाम पर समर्पित है. पूरे विश्व में यह इकलौता ऐसा मंदिर है जहाँ राधा रानी को बाल स्वरूप में उनकी माता की गोद में बैठे दिखाया गया है.

इस्कॉन (ISKCON) के सुप्रसिद्ध राधा-कृष्ण मंदिर

इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) ने पूरी दुनिया में राधा-नाम की अलख जगाई है. इनके ये तीन प्रमुख मंदिर आज विशेष आकर्षण का केंद्र हैं:

इस्कॉन मंदिर (वृंदावन): इसे ‘श्री श्री कृष्ण बलराम मंदिर’ भी कहा जाता है. यहाँ का कीर्तन और राधा-रासबिहारी जी का आज का विशेष श्रृंगार भक्तों को मंत्रमुग्ध कर रहा है.

इस्कॉन मंदिर (कोलकाता): भारत का पहला आधिकारिक इस्कॉन मंदिर होने के कारण इसका ऐतिहासिक महत्व है. यहाँ राधा अष्टमी पर विशेष छप्पन भोग का आयोजन किया जाता है.

इस्कॉन मंदिर (दिल्ली): ईस्ट ऑफ कैलाश में स्थित यह विशाल मंदिर अपनी भव्यता और तकनीक (रोबोटिक शो) के लिए प्रसिद्ध है. आज सुबह से ही यहाँ लाखों दिल्लीवासी दर्शन के लिए कतारों में खड़े हैं.

ब्रज और भारत के अन्य ऐतिहासिक राधा मंदिर

श्री लाडली जी महाराज (बरसाना): बरसाना की भानुगढ़ पहाड़ी पर स्थित यह राधा रानी का मूल और सबसे प्राचीन मंदिर है, जहाँ आज महाअभिषेक का भव्य आयोजन हो रहा है.

राधाकुंड-कृष्णकुंड (गोवर्धन): गोवर्धन की तलहटी में स्थित राधाकुंड स्वयं राधा जी का स्वरूप माना जाता है. आज के दिन इस पवित्र कुंड में स्नान और यहाँ स्थित प्राचीन राधा मंदिरों के दर्शन का महत्व है.

श्री राधा रमण मंदिर (वृंदावन): यहाँ स्थापित विग्रह स्वयंभू हैं. इस मंदिर की खासियत है कि यहाँ सेवा बेहद कड़े नियमों और विशुद्ध प्रेम भाव से की जाती है.

श्री राधा वल्लभ मंदिर (वृंदावन): इस मंदिर में राधा जी का कोई अलग विग्रह नहीं है, बल्कि कृष्ण जी के वामांग में एक गद्दी रखी होती है, जिसे साक्षात राधा रानी का स्वरूप माना जाता है.

भारत के 10 प्रसिद्ध राधा मंदिर और उनके स्थान

क्र.सं. मंदिर का नाम शहर / स्थान (राज्य)
1 प्रेम मंदिर वृंदावन (उत्तर प्रदेश)
2 भक्ति मंदिर मनगढ़, प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश)
3 कीर्ति मंदिर बरसाना, मथुरा (उत्तर प्रदेश)
4 इस्कॉन मंदिर वृंदावन (उत्तर प्रदेश)
5 इस्कॉन मंदिर कोलकाता (पश्चिम बंगाल)
6 श्री श्री राधा पार्थसारथी मंदिर (इस्कॉन) नई दिल्ली
7 राधाकुंड के प्राचीन मंदिर गोवर्धन, मथुरा (उत्तर प्रदेश)
8 श्री लाडली जी महाराज बरसाना, मथुरा (उत्तर प्रदेश)
9 श्री राधा रमण मंदिर वृंदावन (उत्तर प्रदेश)
10 श्री राधा वल्लभ मंदिर वृंदावन (उत्तर प्रदेश)

इस अवसर पर BharatExpress.Com के ये विशेष आलेख भी पढ़ सकते हैं:

आज देखिए बृजभूमि में हजारों साल पहले हुईं श्री राधा-कृष्ण की सचित्र बाल लीलाएं, ये अहसास करने दुनियाभर से आते हैं लोग

अष्‍टमी को देवकी की 8वीं संतान के रूप में प्राकट्य, 8 सखी, 8 ही पटरानियां…जानिए श्रीकृष्ण से ‘8’ अंक का क्‍या ताल्‍लुक रहा

5253वाँ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव: परमेश्वर ने जब पृथ्वी पर लिया था मानव अवतार, 125 वर्ष बिताए — प्रस्थान करते ही शुरू हुआ कलयुग

1.2 अरब से ज्यादा सनातनियों के आराध्य भगवान श्रीकृष्ण का 5253वाँ जन्मोत्सव, जानें पूजन विधि, भोग सामग्री और सिद्ध मंत्र

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के लिए फिर बुलंद हुई आवाज, साधु-संतों ने कर डाली ‘कारसेवा’ की घोषणा; कब निपटेगा विवाद?

चले आइए श्री राधा-कृष्ण के ब्रज में होली खेलने… 24 फरवरी से 5 मार्च तक होलिकोत्‍सव का आनंद लेंगे लाखों लोग

शाम ढलते ही बंद हो जाता है यह वन: हर रात रास रचाने आते हैं 12-13 साल के कान्‍हा, तुलसी के पौधे बन जाते हैं गोपियां

‘यशोमति मैया से बोले नंदलाला…’ श्री कृष्ण पर बने हैं ढेरों गाने, लीला और भक्ति का दिखता है संगम

Radha Ashtami 2026: बरसाना में बरसे राधे की कृपा! जन्मोत्सव के लिए उमड़ रहे लाखों श्रद्धालु; ऐसी हैं व्यवस्था

Vijay Ram

'भारत एक्सप्रेस' में चीफ सब एडिटर। न्‍यूज वेबसाइट पर एवरग्रीन स्‍टोरीज, क्रिएटिव/स्‍पेशल प्रजेंटेशन, हाइलाइट्स के अगुआ। संस्‍था के शुरुआती दौर से दिन-रात हर मौके पर दम-दिमाग झोंककर स्वयं को तपाया। अब तक 8,000 से ज्‍यादा पोस्ट्स पब्लिश कर चुके, 1K+ बाइलाइन हुईं। 'भारत एक्सप्रेस' के CMD एवं एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय जी के प्रोग्राम्स (कॉन्क्लेव), और आर्टिकल्‍स को Bharatexpress.com पर प्रमुखता से कवर करते हैं। जर्नलिज्‍म में इनके 10+ वर्ष बीते। यहां से पहले एबीपी इंटरनेशनल, वनइंडिया हिंदी, राजस्‍थान पत्रिका और भास्कर ग्रुप में सेवा दे चुके। देश-विदेश, सैन्य-रणनीति, स्पेस साइंस, ऑफबीट, धर्म-अध्यात्म की खबरों में रुचि।

Recent Posts

निठारी हत्याकांड: D-5 बंगले का नौकर, फिर सुप्रीम कोर्ट से बरी; जानिए कैसे गुमनामी में हुई सुरेंद्र कोली की मौत

निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में संदिग्ध हालत में मौत. 2014 में…

6 hours ago

‘BTech की डिग्री, सिर पर कर्ज और 3 साल की बेटी’ मुरादाबाद में होमगार्ड भर्ती के दौरान युवा की मौत

मुरादाबाद में होमगार्ड भर्ती की 4800 मीटर दौड़ के दौरान BTech पास अभ्यर्थी की मौत.…

6 hours ago

19 सितंबर को मनाई जाएगी राधा अष्टमी, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा

Radha Ashtami 2026: राधा अष्टमी 2026 में 19 सितंबर, शनिवार को मनाई जाएगी. मध्याह्न पूजा…

7 hours ago