Salasar Balaji Hanuman Jayanti crowd record: हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर राजस्थान के विश्व प्रसिद्ध सालासर बालाजी धाम में भक्ति का ऐसा सैलाब उमड़ा कि चारों ओर केवल श्रद्धा और विश्वास का मंजर नजर आया. देशभर के कोने- कोने से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा के अनूठे दाढ़ी-मूंछ वाले स्वरूप के दर्शन कर मन्नतें मांगीं.
बता दें कि तड़के 2 बजे जैसे ही मंदिर के पट खुले, पूरा परिसर “जय श्री बालाजी” और “पवनसुत हनुमान की जय” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा. कतारों में लगे भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था, जो घंटों इंतजार के बाद भी बाबा की एक झलक पाने के लिए व्याकुल दिखे.
उत्सव की रौनक उस वक्त और बढ़ गई जब दिल्ली से पैदल यात्रा कर ‘बालाजी सेवा दल’ सालासर धाम पहुंचा. अपने साथ अखंड ज्योत लेकर आए इन पदयात्रियों का स्वागत ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ किया गया. हाथों में रंग-बिरंगी ध्वजाएं लिए श्रद्धालु भजनों की धुन पर नाचते-गाते बाबा के दरबार पहुंचे, जहां पुजारी परिवार ने उन पर पुष्प वर्षा कर भव्य अभिनंदन किया. पैदल जत्थों के इस अटूट विश्वास ने मेले के माहौल को और भी आध्यात्मिक बना दिया.
हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर सालासर बालाजी को विशेष बाल भोग और छप्पन भोग का नैवेद्य अर्पित किया गया. मंदिर में जहां एक ओर प्राचीन परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना हुई, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं के बीच आधुनिक उत्साह भी देखने को मिला.
वहीं भक्तों ने जब बाबा के जन्मोत्सव की खुशी में केक काटकर और मिठाई बांटकर उत्सव मनाया. मान्यता है कि इस खास दिन सालासर में नारियल बांधने से हर मनोकामना पूरी होती है, जिसके चलते खेजड़ी के वृक्ष के पास नारियल बांधने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई.
मंदिर प्रशासन के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक 6 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. हनुमान जन्मोत्सव और चैत्र पूर्णिमा के दुर्लभ संयोग के कारण इस बार मेले में पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड टूट गया है.
साह ही इतनी भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की है. जगह-जगह बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरे और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि सुगम दर्शन सुनिश्चित किए जा सकें.
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सालासर धाम की हर गली और कोना इस समय केसरिया ध्वजाओं से अटा पड़ा है. जगह-जगह भंडारे और प्याऊ लगाए गए हैं, जहां स्वयंसेवक दिन-रात श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हैं. सालासर आने वाले मुख्य मार्गों पर पदयात्रियों की लंबी कतारें लगी हैं, जो ‘बालाजी’ के नाम का जयघोष करते हुए आगे बढ़ रहे हैं. पूरा क्षेत्र इस समय सालासर बालाजी की भक्ति और अटूट श्रद्धा के रंग में सराबोर नजर आ रहा है, जिससे सालासर का कोना-कोना ‘अंजनी सूत’ के रंग में रंग गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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