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Vivah Muhurat 2024: खरमास खत्म होते ही अब गूंजेंगी शहनाइयां; दिसंबर तक शादी के लिए ये हैं शुभ मुहूर्त

Shaadi Vivah Muhurat 2024: खरमास समाप्त हो चुका है. दरअसल पिछले महीने की 14 तारीख को सूर्य देव, मीन राशि में प्रवेश किए थे. जिसके बाद से खरमास शुरू हो गया था. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य देव 13 अप्रैल को मेष राशि में प्रवेश कर गए हैं. ऐसे में सूर्य के मेष राशि (Sun in Aries) में प्रवेश करते ही खरमास की समाप्ति हो चुकी है. खरमास के दौरान किसी भी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं. आइए जानते हैं कि अप्रैल से जुलाई तक शादी के लिए शुभ मुहूर्त.

अप्रैल में शादी के लिए शुभ मुहूर्त

खरमास (Kharmas 2024) समाप्त होने के बाद अप्रैल में शादी के लिए पांच तिथियां शुभ हैं. पंचांग के अनुसार, अप्रैल की 18, 19, 20, 21 और 22 तारीख विवाह के लिए शुभ हैं.

शुक्र अस्त के दौरान शादी के लिए नहीं है शुभ मुहूर्त

ज्योतिष शास्त्र (Astrology) के अनुसार, 23 अप्रैल से 30 जून 2024 के बीच शुक्र ग्रह अस्त रहेगा. ऐसे में शुक्र अस्त के दौरान शादियां नहीं होंगी. इसके अलावा इस दौरान दूसरे मांगलिक कार्य भी नहीं होंगे.

जुलाई 2024 में शादी शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, जुलाई में शादी के लिए शुभ मुहूर्त हैं. इस महीने की 9, 11, 12, 13, 14 और 15 तारीख शादी के लिए शुभ है. इसके बाद 17 जुलाई से चातुर्मास शुरू हो जाएगा. चातुर्मास के दौरान शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं.

नवंबर में शादी के लिए शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, चातुर्मास की समाप्ति के बाद नवंबर में 12, 13, 16, 17, 18, 22, 23, 25, 26, 28 और 29 तारीख विवाह के लिए शुभ है.

दिसंबर में विवाह के लिए शुभ तिथियां

दिसंबर महीने की 4, 5, 9, 10 और 14 तारीख शादी के लिए शुभ है.

चातुर्मास में क्यों नहीं होते मांगलिक कार्य

सनातन धर्म में चातुर्मास (chaturmas 2024) का खास महत्व है. चातुर्मास की शुरुआत देवशयनी एकादशी से होती है. जबकि इसकी समापित देव उठनी एकादशी के दिन होती है. इस दौरान चार महीने की अवदि को चातुर्मास कहा जाता है. इस साल देवशयनी एकादशी 17 जुलाई से शुरू हो रही है जो कि 12 नवंबर को समाप्त होगी. इस दिन देवशयनी एकादशी है. ऐसे में इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा जागेंगे. ध्यान रहे कि देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं. यही वजह है कि इस दौरान किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं.

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Dipesh Thakur

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