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हेल्थ इंश्योरेंस के नियम में हुए बड़े बदलाव, IRDAI ने हटाई एज लिमिट; जानें किसको मिलेगा फायदा

सरकार ने इन दिनों हेल्थ पॉलिसी को लेकर बड़ा बदलाव किया है. अब हर उम्र के लोग हेल्थ इंश्योरेंस करा सकेंगे क्योंकि इंश्‍योरेंस रेगुलेटरी डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के नियमों में बदलाव करते हुए अधिकतम उम्र सीमा को हटा दिया है. पहले हेल्थ इंश्योरेंस के लिए अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष थी.

हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर IRDAI का ऐलान

स्वास्थ्य बीमा खरीदने पर अधिकतम आयु प्रतिबंध (Health Insurance Age Limit) को समाप्त करके IRDAI का लक्ष्य एक अधिक समावेशी और सुलभ स्वास्थ्य देखभाल पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना है, जो अप्रत्याशित चिकित्सा खर्चों के खिलाफ पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करता है. 1 अप्रैल 2024 से प्रभावी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसीज के लिए ये नियम लागू कर दिया गया है. यानी अब किसी भी उम्र का व्यक्ति नई हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीद सकता है.

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बीमा कंपनियों को दिए गए ये नए निर्देश

आईआरडीए (IRDA) ने मैक्सिमम एज लिमिट को खत्म करते हुए एक सर्कुलर में कहा है कि तमाम बीमा कंपनियां यह सुनिश्चित करें कि उनके पास सभी एज ग्रुप के लोगों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स उपलब्ध हों. रेग्युलेटर ने हेल्थ इंश्योरेंस प्रोवाइडर्स को सीनियर सिटीजंस (Senior Citizens) के हिसाब से इंश्योरेंस पॉलिसीज लाने और उनके क्लेम व शिकायतों से निपटने के लिए डेडिकेटेड चैनल बनाने करने के भी निर्देश दिए हैं.

कैंसर और एड्स जैसी पीड़ितों के लिए नई पॉलिसी

नए नियमों के अनुसार, इंश्योरेंस कंपनियां लगातार 60 महीने की कवरेज के बाद मौजूदा स्थिति के बारे में खुलासा नहीं करने और गलत बयानी के आधार पर कस्टमर के किसी भी बीमा क्लेम को खारिज नहीं कर सकेंगी. इसके अलावा, पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों के हिसाब से भी कंपनियों को बीमा पॉलिसी लानी होंगी. साथ ही कैंसर, हार्ट, गुर्दे और एड्स जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को स्वास्थ्य बीमा देने से मना नहीं कर सकेंगी. सर्कुलर के अनुसार, इरडा ने हेल्थ इंश्योरेंस वेटिंग पीरियड को भी 48 महीने के बजाय घटकर 36 महीने कर दिया है.

हेल्थ इंश्योरेंस के नियमों में नए अपडेट में पॉलिसीधारकों के लिए वेटिंग पीरियड कम करने और क्लेम सेटलमेंट की शर्तों में सुधार पर जोर दिया गया है बीमारियों के लिए वेटिंग पीरियड को 8 साल से घटाकर 5 वर्ष कर दिया गया है, जबकि पहले से मौजूद स्थितियों के लिए वेटिंग पीरियड को भी कम कर दिया गया है. 31 मार्च 2024 तक मोरेटोरियम पीरियड 8 साल थी, जो अब 6 साल के भीतर वे इसके हकदार हो जाएंगे.

-भारत एकस्प्रेस

निहारिका गुप्ता

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