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OpenAI Controversy: क्या है ओपन एआई का Project Q, क्यों इंसानों के लिए हो सकता है खतरनाक?

OpenAI Controversy: Open AI के जरिए आज के वक्त में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मजबूत हो गया है. इस दौरान कंपनी के सीईओ सैम ऑल्टमैन के निकाले जाने को लेकर लंबा विवाद चलता रहा है. इस दौरान प्रोजक्ट क्यू की चर्चा भी खूब हो रही है. यह सैम के निकलने के बाद कंपनी के ही एक रिसर्चर का लेटर सामने आया है, जिसने कंपनी को एक खतरे से रूबरू कराया था. जानकारी के मुताबिक रिसर्चर ने डायरेक्टर्स को एक पावरफुल एआई के बारे में बताया है कि जो कि इंसानों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है.

अब सवाल यह उठता है कि आखिर Open AI के प्रोजेक्ट क्यू क्या है तो बता दें कि ये एक आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस यानी एजीआई है, जो कि खुद से ही मैथमेटिक्स के सवालों को हगल कर सकता है. खास बात यह है कि यह इंसानों की तरह ही रीजनिंग की प्रॉब्लम्स को भी सॉल्व कर सकता है. इसको लेकर सैम ऑल्टमैन ने भी कहा था कि यह एआई को और ज्यादा स्मार्ट बना देगा.

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किसे मिलता है इसे बनाने का क्रेडिट

प्रोजेक्ट क्यू का क्रेडिट सुतस्केवर को दिया जाता है, जिसे सिजमन सिदोर और जैकब पचोकी ने आगे बढ़ाया है. एआई के और ज्यादा तगड़े होने की जानकारी काफी पहले से जारी थी लेकिन पहली बार इस प्रोजेक्ट के बारे में डिटेल्ड जानकारी मिली है. एआई आज कल लोगों के कामों को आसान कर रहा है, तो ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि आखिर ये खतरनाक क्यों है, तो चलिए इसकी वजह भी बता देंते हैं.

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क्यों खतरनाक है ये नया प्रोजेक्ट

दरअसल, रिसर्चर्स क लेटर में प्रोजेक्ट Q* की काबिलियत और उससे होने वाले खतरों के बारे में बताया है. रिपोर्ट में बताया है कि OpenAI के पास अभी इस प्रोजेक्ट को रोकने के पर्याप्त साधन नहीं हैं. इस मॉडल ने कथित तौर पर कंपनी के कर्मचारियों को भी नाराज किया है. उन्होंने कहा कि इसकी वजह से मानवता को खतरा हो सकता है. इस चेतावनी को उन प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है, जिसके कारण ऑल्टमैन को बर्खास्त किया था.

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एडवांस लॉजिकल रीजनिंग को समझने की काबिलियत के चलते यह ज्यादा स्मार्ट हो गया है. इसके अलावा डीप लर्निंग और प्रोग्राम रूल्स के बारे में बताया गया है कि प्रोजेक्ट Q* नाम दो AI को मिक्स करके तैयार किया है. इसमें Q-लर्निंग और Q* सर्च है. उन्होंने कहा कि नया मॉडल काफी एडवांस है. यह AI मॉडल ना सिर्फ डेटा से सीखता है, बल्कि उसे इंसान की तरह अप्लाई करना भी जानता है. ऐसे में इसे कंट्रोल करना और इसके बारे में अभी से भविष्यवाणी करना मुश्किल है.

-भारत एक्सप्रेस

कृष्णा बाजपेई

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