उत्तर प्रदेश

संस्कार से लेकर साइंस रिसर्च तक: अयोध्या गुरुकुल से IISc तक युवा प्रतिभाओं को तराश रहा अदाणी ग्रुप

Adani Computer Lab Ayodhya: अयोध्या में धर्म और आधुनिकता के अद्भुत संगम की एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है. उद्योगपति गौतम अदाणी ने ‘एक्स’ (ट्विटर) पर एक वीडियो साझा करते हुए अयोध्या के ‘श्री निशुल्क गुरुकुल महाविद्यालय’ में स्थापित नई कंप्यूटर लैब की झलक दिखाई है, जहां छात्र पारंपरिक वैदिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक डिजिटल तकनीक की बारीकियों को सीख रहे हैं.

गौतम अदाणी ने गुरुकुल के विद्यार्थियों की इस छोटी सी इच्छा को पूरा करने में सहभागी बनने पर खुशी जताई. उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को डिजिटल युग से जोड़ने का यह प्रयास नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखने के साथ-साथ उनके लिए सीखने के नए रास्ते खोलेगा. इसके साथ ही, अदाणी ग्रुप ने देश की युवा वैज्ञानिक प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए आईआईएससी (IISc) में आयोजित ‘रिसर्च साइंस इनिशिएटिव-इंडिया’ (RSI-India) के दूसरे संस्करण को भी आर्थिक सहयोग प्रदान किया है, जो स्कूली छात्रों को पारंपरिक क्लासरूम पढ़ाई से अलग गहन रिसर्च का अनुभव प्रदान करता है.

प्राचीन ज्ञान परंपरा को डिजिटल युग से जोड़ने का प्रयास

इस वीडियो के कैप्शन में गौतम अदाणी ने लिखा, ‘अयोध्या के श्री निशुल्क गुरुकुल महाविद्यालय में विद्यार्थियों को आधुनिक कंप्यूटर लैब के माध्यम से तकनीक से जुड़ते देखना सुखद है. उनकी एक छोटी-सी इच्छा पूरी करने में हम सहभागी बन सके, यह हमारे लिए प्रसन्नता की बात है.

हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा को डिजिटल युग से जोड़ने का यह विनम्र प्रयास नई पीढ़ी को अपनी जड़ों के और करीब लाए और उनके लिए सीखने के नए अवसर खोले, यही कामना है.’

उन्होंने आगे लिखा कि गुरुकुल के सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं.

युवा वैज्ञानिक प्रतिभाओं को अदाणी ग्रुप का समर्थन

इससे पहले, अदाणी ग्रुप ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी) में आयोजित ‘रिसर्च साइंस इनिशिएटिव (आरएसआई)-इंडिया’ के दूसरे संस्करण में भारत के युवा वैज्ञानिक प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए सपोर्ट किया था.

इस मौके पर बोलते हुए, पालसमुद्रम फैमिली ट्रस्ट के फाउंडर और आईआईएससी के सलाहकार संजय पालसमुद्रम ने इस प्रोग्राम को आर्थिक मदद देने के लिए अदाणी ग्रुप का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि ग्रुप के समर्थन से ही यह पहल मुमकिन हो पाई और इससे देश के निर्माण में एसटीईएम रिसर्च की अहमियत का पता चलता है.

आरएसआई-इंडिया से स्कूली छात्रों को रिसर्च का अनुभव

अमेरिका में मशहूर ‘रिसर्च साइंस इनिशिएटिव’ की तर्ज पर बना आरएसआई-इंडिया, स्कूली छात्रों को क्लासरूम की पारंपरिक पढ़ाई से हटकर रिसर्च का एक गहरा अनुभव देता है.

यह भी पढ़ें-दुल्हन की तरह सजा ब्रजमंडल: कृष्ण जन्मोत्सव के रंग में रंगी मथुरा-वृंदावन, जन्मभूमि पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब

-भारत एक्सप्रेस

Shubhra Rai

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