प्रयागराज के नवनियुक्त पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया ने आज (गुरुवार) को श्रावण मास के पहले दिन अपनी नई जिम्मेदारी की शुरुआत धार्मिक आस्था के साथ की. उन्होंने सबसे पहले प्रसिद्ध श्री मनकामेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का पूजन किया. विधि-विधान से पूजा करने के बाद उन्होंने शहर की सुख-समृद्धि और लोगों के कल्याण की कामना की.
पूजा के बाद पुलिस आयुक्त ने मंदिर के महंत ब्रह्मचारी श्रीधरानंद महाराज से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया. इस दौरान महंत ने उन्हें वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया और नए पद पर सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं. इसके बाद पीयूष मोर्डिया पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे और औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया. कार्यालय पहुंचने पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया.
पदभार संभालने के बाद पुलिस लाइंस स्थित सभागार में आयोजित अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया ने अपनी कार्ययोजना साझा की. उन्होंने कहा कि प्रयागराज में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी.
उन्होंने साफ किया कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सख्त नीति आगे भी जारी रहेगी. संगठित अपराध, महिलाओं से जुड़े अपराध, साइबर अपराध और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी. उनका कहना था कि पुलिस का काम सिर्फ अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि आम लोगों के मन में सुरक्षा का भरोसा पैदा करना भी है.
पीयूष मोर्डिया ने कहा कि थानों में आने वाली शिकायतों का जल्द और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित किया जाएगा. पुलिस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए तकनीक का बेहतर इस्तेमाल किया जाएगा.
नए पुलिस आयुक्त ने शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर भी अपनी प्राथमिकताएं बताईं. उन्होंने कहा कि जाम वाले प्रमुख इलाकों की नियमित समीक्षा की जाएगी और सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे.
इसके अलावा बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए साइबर पुलिस की क्षमता बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि पूरी पुलिस टीम आपसी तालमेल के साथ काम करेगी ताकि प्रयागराज में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हो सके.
1998 बैच के आईपीएस अधिकारी पीयूष मोर्डिया का पुलिस सेवा में लंबा और अनुभवपूर्ण करियर रहा है. राजस्थान के अजमेर निवासी मोर्डिया उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी हैं. करीब तीन दशक से अधिक के अपने कार्यकाल में उन्होंने देश के कई चुनौतीपूर्ण इलाकों और महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां निभाई हैं.
उनके करियर का एक अहम हिस्सा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में प्रतिनियुक्ति के दौरान रहा, जहां उन्होंने महानिरीक्षक (केंद्रीय क्षेत्र) के रूप में काम किया. इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ समेत रेड कॉरिडोर क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियानों और पूर्वोत्तर राज्यों में सुरक्षा अभियानों की निगरानी की.
उत्तर प्रदेश में वापसी के बाद उन्होंने वाराणसी, मुरादाबाद, मैनपुरी, बुलंदशहर और अलीगढ़ जैसे जिलों में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के तौर पर सेवाएं दीं. अलीगढ़ में कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था बनाए रखने और प्रशासनिक चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभाई.
इसके बाद उन्हें लखनऊ में संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) बनाया गया, जहां उन्होंने बड़े आयोजनों, विरोध प्रदर्शनों और शहर की सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों को संभाला. बाद में वे अलीगढ़ रेंज के आईजी और फिर वाराणसी जोन के एडीजी बने. वाराणसी जोन में रहते हुए प्रयागराज महाकुंभ की सुरक्षा तैयारियों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही.
पीयूष मोर्डिया को पुलिस सेवा के साथ-साथ उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए भी जाना जाता है. उन्होंने बीएससी, एलएलबी और एमबीए की पढ़ाई की है. इसके बाद उन्होंने अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के हार्वर्ड कैनेडी स्कूल से मास्टर ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री हासिल की.
उनकी सेवाओं के लिए उन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं, जिनमें तीन बार राष्ट्रपति पुलिस पदक भी शामिल हैं. अब प्रयागराज के पुलिस आयुक्त के रूप में उनके सामने शहर की कानून व्यवस्था को और मजबूत करने, अपराध पर नियंत्रण पाने और जनता के साथ पुलिस के भरोसे को और गहरा करने की बड़ी जिम्मेदारी है.
भारत एक्सप्रेस
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