दुनिया

चिन्मय दास की गिरफ्तारी के बाद बांग्लादेश में उनके वकील की हत्या, हिंदुओं पर दोष मढ़ने की साजिश

बांग्लादेश के बंदरगाह शहर चटगांव में इस्कॉन (Iskcon) पुजारी चिन्मय कृष्ण दास (Chinmoy Krishna Das) की गिरफ्तारी को लेकर भड़के तनाव के बीच एक वकील की कथित हत्या का मामला सामने आया है. यह घटना मंगलवार को हुई, जिसकी जानकारी स्थानीय वकीलों ने दी है.

चटगांव बार एसोसिएशन (Chittagong Bar Association) के अध्यक्ष नाजिम उद्दीन चौधरी (Nazim Uddin Chowdhury) ने फोन पर बताया कि वकील सैफुल इस्लाम अलिफ (Saiful Islam Alif) की हत्या कर दी गई है. उन्होंने कहा कि हत्या के पीछे का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है. वहीं, एसोसिएशन के महासचिव अशरफ हुसैन रज्जाक (Ashraf Hussain Razzaq) ने इस हत्या को बर्बर करार दिया. उन्होंने घोषणा की कि वकील की हत्या के विरोध में चटगांव बार एसोसिएशन बुधवार को अदालत की कार्यवाही स्थगित रखेगा.

चटगांव में बढ़ा तनाव

चटगांव और राजधानी ढाका (Dhaka) में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है. बंदरगाह शहर में हजारों लोग इस्कॉन नेता चिन्मय ब्रह्मचारी की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी जमानत याचिका खारिज होने और उन्हें जेल भेजे जाने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई. प्रदर्शनकारियों ने जेल वैन को रोकने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस और ध्वनि ग्रेनेड का इस्तेमाल करना पड़ा.

सनातनी व्यक्ति की कोई संलिप्तता नहीं

बांग्लादेश के हिंदू संगठन ‘सनातनी जागरण जोते’ ने वकील सैफुल इस्लाम की हत्या को लेकर एक बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस घटना में किसी सनातनी व्यक्ति की कोई संलिप्तता नहीं है. संगठन ने आरोप लगाया है कि एक योजनाबद्ध साजिश के तहत इस हत्या को अंजाम दिया गया है ताकि दोष सनातनियों पर मढ़ा जा सके.

संस्था ने अपने बयान में यह भी बताया कि उनके प्रवक्ता चिन्मय कृष्ण दास को 26 नवंबर को अदालत में पेश किया गया. उन पर देशद्रोह का झूठा आरोप लगाकर गिरफ्तार किया गया है. संगठन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे सनातनी समुदाय को बदनाम करने की साजिश करार दिया है.

देशद्रोह का मामला और विवाद

चिन्मय ब्रह्मचारी पर देशद्रोह (Treason) का मामला दर्ज किया गया है, जिसमें उन पर बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने का आरोप है. हालांकि, शिकायतकर्ता ने अब इस मामले से खुद को अलग कर लिया है और इसे आगे बढ़ाने से इनकार किया है.

अल्पसंख्यक समुदाय की चिंता

बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद (BHBCUC) ने चिन्मय ब्रह्मचारी की गिरफ्तारी पर गहरी चिंता व्यक्त की है. संगठन ने उनकी तुरंत रिहाई की मांग करते हुए इन घटनाओं की कड़ी निंदा की है.

बांग्लादेश सरकार की प्रतिक्रिया

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने वकील की हत्या की निंदा करते हुए घटना की जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है. उन्होंने जनता से संयम बनाए रखने और किसी भी अप्रिय गतिविधि से दूर रहने की अपील की. साथ ही, उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के आदेश दिए हैं.

सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने का वादा

मुहम्मद यूनुस ने अपने बयान में कहा कि अंतरिम सरकार बांग्लादेश में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हरसंभव कदम उठाएगी.

-भारत एक्सप्रेस

Ashutosh Kumar Rai

आशुतोष कुमार राय, भारत एक्सप्रेस के साथ बतौर सब एडिटर जुड़े हैं और करीब 7 वर्ष से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले आशुतोष, पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हैं. क्रिकेट, लाइफस्टाइल और राजनीति में खास दिलचस्पी है. देश-दुनिया और राजनीति की लेटेस्ट खबरों, विश्लेषण, इनसाइड स्टोरी और अपडेट्स के लिए आशुतोष को फॉलो करें… X Account: @AshuRai208

Recent Posts

आखिर क्यों दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज हुआ पाकिस्तान? जानिए हंगर इंडेक्स की रिपोर्ट का कड़वा सच

Pakistan News: ग्लोबल हंगर इंडेक्स की रिपोर्ट ने पाकिस्तान में गहराते भुखमरी संकट का उजागर…

24 seconds ago

20 या 21 अक्टूबर, कब मनेगा दशहरा? जानिए विजयादशमी की सही तारीख और रावण दहन का शुभ मुहूर्त

दशहरा 2026 में 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा या 21 अक्टूबर को? दशमी तिथि दो…

17 minutes ago

स्टारलिंक विवाद पर रिलायंस ने मस्क को दिया जवाब, कहा- स्टारलिंक का स्वागत है…हम प्रतिस्पर्धा से नहीं डरते

Reliance Reply To Musk: स्टारलिंक के साथ उपजे विवाद पर रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इलॉन मस्क…

38 minutes ago

फिर थर्राया कामचटका, 7 की तीव्रता से आया विनाशकारी भूकंप, सुनामी की आहट से सहमे लोग

Kamchatka Earthquake: रूस के कामचटका में शुक्रवार को 7 तीव्रता का भूकंप आया. यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल…

58 minutes ago

1961 से 2011 तक कितना बदला भारत का जनसांख्यिकीय ढांचा? हरेन्द्र प्रताप की किताब में हुआ बड़ा खुलासा

Indian Census Analysis: हरेन्द्र प्रताप की पुस्तक 1961 से 2011 तक की जनगणना के आधार…

1 hour ago