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न्यू ऑरलियन्स हमलावर ने मेटा ग्लासेस से रिकॉर्ड की सड़कें, काहिरा और ओंटारियो की यात्रा की: एफबीआई का खुलासा

न्यू ऑरलियन्स: अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने खुलासा किया है कि न्यू ऑरलियन्स में हाल ही में हुए हमले का आरोपी हाई-टेक गैजेट्स का उपयोग कर रहा था. जांच में पाया गया कि हमलावर ने मेटा ग्लासेस (Meta Smart Glasses) का इस्तेमाल कर सड़कों और संभावित हमले के स्थलों को रिकॉर्ड किया. इसके अलावा, उसने काहिरा (मिस्र) और ओंटारियो (कनाडा) की यात्रा भी की थी. एफबीआई ने इस घटना को सुनियोजित और तकनीकी रूप से उन्नत हमले के रूप में परिभाषित किया है.

मेटा ग्लासेस के जरिए हमले की योजना

एफबीआई ने बताया कि हमलावर ने मेटा ग्लासेस का उपयोग करके न्यू ऑरलियन्स की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों का लाइव रिकॉर्डिंग की. इन ग्लासेस के जरिए वह हाई-डेफिनिशन वीडियो और ऑडियो रिकॉर्ड कर रहा था. इससे हमले की योजना बनाने में उसे मदद मिली. विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग आतंकवादी गतिविधियों और आपराधिक साजिशों के लिए एक नई चुनौती बन सकता है.

काहिरा और ओंटारियो की यात्रा का उद्देश्य

जांच में सामने आया है कि आरोपी ने न्यू ऑरलियन्स में हमले से पहले काहिरा और ओंटारियो की यात्रा की थी.
– काहिरा: आरोपी ने मिस्र की राजधानी में कई दिनों तक रुककर वहां कुछ संदिग्ध व्यक्तियों से मुलाकात की.
– ओंटारियो: कनाडा के इस शहर में उसने कुछ गुप्त बैठकों में हिस्सा लिया, जिनका मकसद अभी जांच के अधीन है.

एफबीआई का मानना है कि इन यात्राओं के दौरान आरोपी ने हमले की रणनीति और अन्य संसाधन जुटाए. हमले के बाद एफबीआई ने आरोपी के ठिकानों पर छापा मारा और उसके इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए. इनमें मेटा ग्लासेस, लैपटॉप और मोबाइल फोन शामिल हैं. प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी ने अपने नेटवर्क के साथ हमले की योजना बनाने के लिए एन्क्रिप्टेड चैट और सोशल मीडिया का उपयोग किया.

मेटा ग्लासेस का बढ़ता खतरा

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि स्मार्ट ग्लासेस जैसी तकनीक, जो मूल रूप से रोजमर्रा के कार्यों को आसान बनाने के लिए विकसित की गई है, अब आपराधिक गतिविधियों में भी इस्तेमाल हो रही है.
– इन डिवाइसों से गुप्त रूप से रिकॉर्डिंग करना आसान हो गया है.
– लाइव डेटा शेयरिंग फीचर अपराधियों को वास्तविक समय में अपने सहयोगियों के साथ जानकारी साझा करने की अनुमति देता है.

आतंकवाद और साइबर सुरक्षा पर सवाल

इस घटना ने वैश्विक आतंकवाद और साइबर सुरक्षा के खतरों को उजागर कर दिया है. हाई-टेक उपकरणों का उपयोग न केवल जांच एजेंसियों के लिए चुनौती है, बल्कि आम जनता की गोपनीयता और सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है.

एफबीआई की सख्त कार्रवाई

एफबीआई ने हमले के बाद सतर्कता बढ़ा दी है और संभावित नेटवर्क की तलाश शुरू कर दी है. इसके अलावा, उन्होंने मेटा और अन्य टेक कंपनियों से अपील की है कि वे इस तरह के डिवाइसों के दुरुपयोग को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को और मजबूत करें. एफबीआई ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें. हाई-टेक उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर सतर्क रहने की भी सलाह दी गई है.

-भारत एक्सप्रेस 

मिताली चंदोला, एडिटर, स्पेशल प्रोजेक्ट्स

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