Trump Tariff Impact: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा दुनिया भर के देशों पर इंपोर्ट टैरिफ लगाने के फैसले ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में हलचल मचा दी है. ट्रंप ने सभी देशों से आने वाले आयातित सामानों पर 10 प्रतिशत का बेस टैरिफ लागू कर दिया है, वहीं अमेरिका के प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों पर इससे भी अधिक दर की हाई ड्यूटीज लगाई गई हैं.
इस फैसले के तुरंत बाद दुनियाभर के शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. निवेशकों की चिंता यह है कि यह फैसला एक बड़े ट्रेड वॉर की शुरुआत बन सकता है. वर्षों से चले आ रहे व्यापार उदारीकरण (Trade Liberalization) की दिशा में यह कदम पीछे की ओर लौटने जैसा माना जा रहा है.
ट्रंप के इस कदम से नाराज प्रमुख वैश्विक ताकतें अब जवाबी कार्रवाई की तैयारी में हैं. चीन, जापान और यूरोपीय यूनियन ने संकेत दिए हैं कि वे अमेरिका के टैरिफ के जवाब में कड़े कदम उठा सकते हैं. इससे वैश्विक व्यापार संबंधों में और तनाव बढ़ने की आशंका है.
इस टैरिफ नीति का सीधा असर अमेरिकी उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने वाला है. विशेषज्ञों का मानना है कि टैरिफ के कारण रोजमर्रा के उपयोग की चीजों से लेकर हाई-टेक प्रोडक्ट्स तक की कीमतें बढ़ जाएंगी.
उदाहरण के लिए, Rosenblatt Securities की रिपोर्ट के अनुसार, अगर Apple कंपनी इन अतिरिक्त लागतों का बोझ उपभोक्ताओं पर डालती है, तो एक हाई-एंड iPhone की कीमत लगभग 2,300 डॉलर तक जा सकती है. इसके अलावा, कैनबिस प्रोडक्ट्स और स्पोर्ट्स शूज़ जैसे सामान्य उपयोग की चीजें भी महंगी हो सकती हैं.
दुनियाभर के नेता अब इस फैसले को गंभीरता से देख रहे हैं. दशकों से जो व्यापार में स्वतंत्रता और सहकारिता की नीति चल रही थी, वह अब खतरे में नजर आ रही है. आने वाले समय में यदि यह स्थिति यूं ही बनी रही, तो एक वैश्विक ट्रेड वॉर की शुरुआत हो सकती है, जिसका असर सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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