मुहम्मद युनूस. (फाइल फोटो)
Attack on Hindu Minorities in Bagladesh: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) ने देश में हिंदू अल्पसंख्यकों (Hindu Minorities) पर हुए हमलों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. उनका कहना है कि इन हमलों को बढ़ा-चढ़ाकर फैलाया गया. बीते रविवार (17 नवंबर) को देश के हिंदू अल्पसंख्यक के खिलाफ हाल की हिंसा को कमतर आंकते हुए उन्होंने इसे देश को अस्थिर करने के राजनीतिक मकसद से किया गया ‘अतिशयोक्तिपूर्ण/भ्रामक प्रचार’ बताया.
यूनुस ने माना कि हिंसा हुई, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि यह राजनीतिक प्रकृति की थी और इसे ‘सांप्रदायिक रंग दिया गया.’ उनकी यह टिप्पणी हजारों हिंदुओं द्वारा घरों, व्यवसायों और धार्मिक स्थलों पर हमलों की लहर के बीच सुरक्षा की मांग को लेकर कई सप्ताह तक किए गए विरोध प्रदर्शनों के बाद आई है.
उन्होंने कहा, ‘ये मुख्य रूप से प्रोपगेंडा (दुष्प्रचार) थीं… पूर्ण रूप से आधारहीन… यह दुर्भाग्यपूर्ण था. इनमें से अधिकांश की उत्पत्ति भारतीय तरफ से हुई, इसका जो भी कारण हो. शायद इस तनाव को जिंदा रखने के लिए ऐसा किया गया. हालांकि वास्तव में ऐसा नहीं था. बहुत धूमधाम हिंदुओं ने पूजा की. बिना किसी घटना के साथ पूजा संपन्न हुई.’
हालांकि बांग्लादेश की 17 करोड़ की आबादी में करीब 8 प्रतिशत हिंदू समुदाय के लोगों ने इस वर्ष सादगी से दुर्गा पूजा (Durga Puja) मनाई और त्योहार से संबंधित कम से कम 35 अप्रिय घटनाएं सामने आईं, लेकिन यूनुस ने कहा, ‘देश भर में करीब 32,000 पंडालों में दुर्गा पूजा मनाई गई.’
इसके विपरीत हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों ने पहले कहा था कि अंतरिम सरकार (Interim Govt) ने उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी है. हालांकि, 84 वर्षीय यूनुस ने रविवार को कहा कि देश भर में शांतिपूर्ण दुर्गा पूजा समारोह सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था की गई थी.
बांग्लादेश पुलिस ने बीते अक्टूबर माह में कथित तौर पर कहा था कि दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान हुईं 35 अप्रिय घटनाओं के सिलसिले में 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 11 मामले दर्ज किए गए हैं.
बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार ने कहा, ‘हमने हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की हर घटना की जांच की मांग की है.’ यूनुस ने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार देश में सभी धार्मिक अल्पसंख्यकों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है.
समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) ने बीते 2 नवंबर की अपनी रिपोर्ट में अल्पसंख्यक अधिकार समूह ‘बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद’ के हवाले से कहा है कि इस साल अगस्त में शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने के बाद से हिंदुओं पर 2,000 से अधिक हमले हुए हैं. यह समूह ऐसी घटनाओं पर नजर रखता है. इस हिंसा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया था.
-भारत एक्सप्रेस
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