चीन में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते लोग
China: चीन में कोरोना वायरस लगातार खतरनाक होता जा रहा है. यहां आए दिन पॉजिटिव केसों में बढ़ोत्तरी हो रही है. जिसके बाद सरकार ने एक बार फिर से जीरो कोविड पॉलिसी लागू कर दी है. साथ ही कई शहरों के लाखों लोगों को घरों में कैद कर दिया गया है. इस बीच सरकार की सख्त कानून से परेशान लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. शंघाई में शनिवार को इसके विरोध में प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर आए और जीरो कोविड पॉलिसी वापस लेने की मांग की.
इस प्रदर्शन की शुरुआत चीन (China) के उरुमकी शहर में एक इमारत में आग लगने के बाद हुई, जिसमें 10 लोगों की जलकर मौत हो गई और नौ लोग घायल हो गए. सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए प्रदर्शन के एक वीडियो के अनुसार, उरुमकी के लिए लॉकडाउन हटाओ, झिसिजियांग के लिए लॉकडाउन हटाओ, पूरे चीन के लिए लॉकडाउन हटाओ! जैसे नारे लगे.
इसके अलावा इन्टरनेट पर एक और वीडियो वायरल हो रहे है, जिसमे एक बड़े समूह द्वारा चीनी कम्युनिस्ट पार्टी मुर्दाबाद, शी जिनपिंग मुर्दाबाद, उरुमकी को आज़ाद करो! जैसे नारे लगाये जा रहे हैं. प्रदर्शनकारियों के सामने पुलिस कि एक बड़ी टुकड़ी भी मौजूद थी जो कभी-कभी भीड़ को तोड़ने की कोशिश कर रही थी.
मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि, एक वीडियो में शनिवार को एक ओपन-एयर कारपार्क में बीजिंग के निवासियों को राजधानी के एक हिस्से में के आस-पास मार्च करते हुए और लॉकडाउन समाप्त करें. जैसे नारे लगाते हुए दिखाया गया है.
महामारी के शुरुआती हफ्तों के बाद चीन कि अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य सेवा प्रणाली अगले कुछ सप्ताह सबसे खराब स्थिति में रह सकती हैं, कैपिटल इकोनॉमिक्स के मार्क विलियम्स ने पिछले सप्ताह के एक नोट में कहा था, क्योंकि प्रकोप को रोकने के प्रयासों के लिए कई में शहरों लॉकडाउन की आवश्यकता होगी जिसका असर चीन (China) की अर्थव्यवस्था पर दिखेगा.
चीन में कोरोना के मामले पिछले दिनों के मुकाबले अपने उच्च रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं, पिछले दिन रविवार को लगभग 40,000 नए संक्रमण दर्ज किए गए. चीन में कोरोना के मामले पिछले दिनों के मुकाबले अपने उच्च रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं. एक ओर जहां सिजियांग में सरकार पर मुख्य रूप से उइघुर मुस्लिमों के खिलाफ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया जाता है.
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वहीं दूसरी ओर निवासियों को अगस्त से ही घरों बंद कर दिया गया है. अधिकांश लोगों को अपने घर से निकालने कि अनुमति नहीं दी गई है, और कुछ लोगों ने तो चीन की सरकार पर ये आरोप भी लगाया कि भोजन वितरण बाधित होने कि वजह से निवासियों को भूखा रहना पड़ा है.
-भारत एक्सप्रेस
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