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अमेरिका अब नहीं रहा सुपर पावर! अमेरिकी वरिष्ठ पत्रकार ने ट्रंप की विदेश नीति पर उठाये सवाल, कहा- ट्रंप की वजह से भारत गया चीन के करीब

वैश्विक शक्ति संतुलन में अमेरिका की गिर रही साख को लेकर अमेरिका के वरिष्ठ पत्रकार रिक सांचेज ने डोनाल्ड ट्रंप की तीखी आलोचना की. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप की उलझन भरी विदेश नीति की वजह से अमेरिका वर्ल्ड ऑर्डर में अपनी स्थिति तेजी से खो रहा है. डोनाल्ड ट्रंप अपनी गलत नीतियों की वजह से अपने सहयोगी देशों को अपने प्रतिद्वंदी देशों की तरफ धकेल रहे हैं. सांचेज ने शंघाई सहयोग शिखर सम्मेलन (SCO) को लेकर अमेरिकी नीतियों की कमी को उजागर किया.

उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि, ट्रंप की नीतियों ने अमेरिका के प्रतिद्वंदी देशों के इन गठजोड़ों को बढ़ावा दिया. उन्होंने कहा कि उभरता हुआ ब्रिक्स वर्ल्ड ऑर्डर में पश्चिमी वर्चस्व के लिए बड़ा खतरा है. ब्रिक्स देश पश्चिमी देशों के गठबंधन से कहीं अधिक ताकतवर हो सकते हैं. चाहे वो डीजीपी के क्षेत्र में हो या जनसंख्या में या नेचुरल रिसोर्सेस के मामले में. यह संगठन अमेरिका के लिए बड़ा खतरा हो सकता है.

सांचेज ने कहा कि आज भारत चीन की तरफ झुक रहा है तो इसका कारण डोनाल्ड ट्रंप की द्वंद भरी नीतियां हैं. ट्रंप की इन नीतियों ने ही भारत को चीन की तरफ धकेला है.

ट्रंप दिये हैं इन गठजोड़ों को बढ़ावा

सांचेज ने डोनाल्ड ट्रंप को इन नए गठजोड़ों को बढ़ावा देने का कारण बताया है. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी नीतियों की वजह से वर्ल्ड ऑर्डर में इन नए गठजोड़ों के लिए दरवाजा खोला. जिसकी वजह से अमेरिका अपनी विश्व में अपनी रणनीतिक स्थिति खो रहा है.

ट्रंप का व्यवहार कभी प्यार-कभी नफरत वाला

उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप की बातचीत के तरीकों पर भी सवाल उठाये. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप का कभी गर्मजोशी तो कभी उदासीन व्यवहार अमेरिका के मित्र देशों को असहज कर रहा है. वो आज आपसे प्यार करते हैं तो अगले दिन आपसे नफरत. इससे अमेरिका से विदेशों में ऐसा संदेश जा रहा है कि अमेरिका पर भरोसा करा जाए या नहीं. विश्व के नेता डोनाल्ड ट्रंप की उलझन भरे संदेशों को नजरअंदाज करना शुरू कर चुके हैं.

ट्रंप कर रहे बाजार को भ्रमित

रिक सांचेज ने डोनाल्ड ट्रंप के बिजनेस स्टाइल पर भी सवाल उठाये. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप हमेशा बिजनेस की बात करते हैं, तो उन्हें पता होना चाहिये कि एक बिजनेसमैन बाजार को भ्रमित नहीं करता. उन्हें अपने संदेशों में एकरूपता रखनी चाहिये. डोनाल्ड ट्रंप की भ्रम भरी नीतियों ने अमेरिका के मित्र देशों को वैकल्पिक व्यवस्थाओं की तरफ धकेल रहा है.

ट्रंप हैं भारत के चीन के करीब जाने के कारण

रिक सांचेज ने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि, भारत अगर आज चीन की तरफ झुक रहा है तो इसका कारण सिर्फ और सिर्फ डोनाल्ड ट्रंप ही हैं. भारत पर 50% टैरिफ लगने से भारतीय इकोनॉमी को जो नुकसान होगा. उसकी भरपाई के लिए ही भारत चीन की तरफ झुक रहा है. चीन भारत से कह रहा है कि, हम आपके दोस्त हैं, आपके उत्पाद को खरीदेंगे और आपके साथ व्यापारिक साझेदारी करेंगे.

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अमेरिका अब नहीं रहा सुपरपावर

डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर सवाल उठाते हुए रिक सांचेज ने उनकी दोहरे मापदंडों की आलोचना की. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप अगर पुतिन से मिलते हैं तो ठीक है. बीजिंग से बात करके उसपर टैरिफ की डेट लगातार टाल रहे हैं. और भारत को इन देशों से बात करने पर सवाल उठा रहे हैं. ये हास्यास्पद है. ये उसी तरह हुआ जैसे, मैं कर सकता हूं लेकिन तुम नहीं कर सकते. इस दौरान रिक सांचेज ने कहा कि अमेरिका अब सुपर पावर नहीं रह गया है.

अमेरिका को चला रहा इजरायल

रिक सांचेज ने कहा कि, अमेरिका अब दुनिया का सबसे ताकतवर देश नहीं रह गया है. अब सबसे ताकतवर देश इजरायल है. वहीं अमेरिका को नियंत्रित कर रहा है. जब इजरायल अमेरिका से कहता है कि, भौंको तो अमेरिका भौंकता है. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप पर अब उनके समर्थक भी नाराज हो रहे हैं.

सांचेज ने आगे कहा कि, अमेरिका के लिए सुधार का समय अब शायद निकल चुका है. अमेरिका के सहयोगी देशों के चीन के साथ जो रिश्ते बन चुके हैं, वो इतने गहरे हो चुके हैं कि पीछे नहीं हट सकते. अमेरिका अब इस मल्टीपोलर वर्ल्ड में खुद को अलग-थलग महसूस कर रहा है और इसका मुख्य कारण ट्रंप की उलझन भरी नीतियां हैं.

– भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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