US-Iran Ceasefire: 7 अप्रैल की शाम जहां पूरी दुनिया राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी से सहमी हुई थी जिसमें उन्होंने ‘ईरान की सभ्यता को धरती से मिटाने’ की बात कही थी, वहीं आज सुबह एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने रुख में बड़ा बदलाव करते हुए ईरान पर प्रस्तावित ‘विनाशकारी हमले’ को दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया है. इसे एक ‘दोतरफा युद्धविराम’ के रूप में देखा जा रहा है, जो मध्य पूर्व की दशकों पुरानी दुश्मनी को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को दो हफ्तों के लिए रोकने पर सहमति बन गई है. यह घोषणा ट्रंप के उस बयान के कुछ ही घंटों बाद आई है जिसमें उन्होंने बेहद आक्रामक तेवर अपनाए थे.
ट्रंप के अनुसार, यह बड़ा बदलाव पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ हुई गहन बातचीत का नतीजा है. ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्होंने हमले को इस शर्त पर टाला है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए तुरंत और सुरक्षित रूप से खोल देगा. ट्रंप ने विश्वास जताते हुए कहा, “हमने अपने सैन्य उद्देश्य प्राप्त कर लिए हैं और अब हम दीर्घकालिक शांति की ओर बढ़ रहे हैं.” ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी इस कूटनीतिक प्रगति की पुष्टि की है.
इस युद्धविराम के लिए ईरान ने 10-सूत्री प्रस्ताव रखा है, जिसे ट्रंप प्रशासन ने बातचीत के लिए ‘व्यावहारिक आधार’ माना है. मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है. उनके अनुसार, विवाद के लगभग सभी बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है, लेकिन यह दो सप्ताह का समय समझौते को अंतिम रूप देने और उसे जमीन पर लागू करने के लिए लिया गया है. यदि यह समझौता सफल रहता है, तो यह मध्य पूर्व के इतिहास में शांति की सबसे बड़ी जीत होगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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