Google का 27वां जन्मदिन
Google Celebrates 27th Birthday: आज दिन में 24 के 24 घंटे गुगल के साथ गुजरते हैं. हर जगह इसके बिना काम रुक जाता है. 27 सितंबर को दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन गूगल अपना 27वां जन्मदिन मना रहा है. जब भी हमें कोई भी जानकारी तुरंत चाहिए होती है, हम बिना सोचे-समझे गूगल का रुख करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि खुद गूगल को भी अपना असली जन्मदिन याद रखने में कितनी मुश्किल होती है? यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब देने में गूगल के संस्थापक भी कई सालों तक उलझे रहे. वहीं सबसे खास बात यह की गुगल की शुरुआत एक गलती से हुई लेकिन आज यह दुनिया में बादशाहत कर रहा है.
यह बात सही है कि गूगल की स्थापना 7 सितंबर 1998 को हुई थी, इसलिए शुरुआत में कंपनी ने अपना पहला जन्मदिन 7 सितंबर को मनाया. लेकिन यह तारीख ज़्यादा नहीं टिकी. पहले कुछ सालों तक इसे 8 सितंबर को मनाया गया. फिर कुछ वर्षों तक यह तारीख 26 सितंबर बन गई.
आखिरकार, कंपनी ने 27 सितंबर को आधिकारिक तौर पर जन्मदिन मनाने की घोषणा की. इसके पीछे की वजह यह थी कि इसी दिन गूगल के सर्च इंजन ने रिकॉर्ड संख्या में पेज सर्च किए जाने का नया रिकॉर्ड बनाया था. इसी रिकॉर्ड ने 27 सितंबर को गूगल के लिए सबसे ख़ास बना दिया.
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गूगल की कहानी शुरू होती है 1998 में कैलिफ़ोर्निया की स्टैनफॉर्ड यूनिवर्सिटी से. यहां के दो छात्र, लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन, वर्ल्ड वाइड वेब को आसान बनाने के सपने देख रहे थे. गूगल के ऑफिशियली लॉन्च होने से पहले इन दोनों ने इसका नाम ‘बैकरब’ रखा था, लेकिन यूनिवर्सिटी में आम सहमति न बनने के कारण इस नाम को बदलना पड़ा.
नया नाम ‘गूगॉल’ (Googol) रखा जाना तय हुआ. ‘गूगॉल’ का मतलब होता है ’10 के बाद 99 जीरो’, यानी एक बहुत बड़ी संख्या. यह नाम सर्च इंजन की असीमित क्षमता को दिखाता था. लेकिन, जब डोमेन खरीदा जा रहा था, तब एक टाइपिंग एरर हो गई और ‘गूगॉल’ की जगह नाम ‘गूगल’ (Google) पड़ गया. इस तरह, एक छोटी सी गलती की वजह से आज दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन ‘गूगल’ के नाम से जाना जाता है. (How Google got its name)
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शुरुआती दिनों में ही गूगल के पॉपुलर होने की दो मुख्य वजहें थीं. पहली क्लीन यूजर इंटरफेस जो इसका इस्तेमाल करना बेहद आसान बनाती थी. दूसरा बेहतर सर्च रिजल्ट जिससे हमेशा सटीक और बेहतरीन रिजल्ट देखने को मिलते थे. जैसे-जैसे कंपनी को फंडिंग मिलती गई, गूगल ने बाजार में अपनी बादशाहत कायम करनी शुरू कर दी.
आज गूगल सिर्फ एक सर्च इंजन (Google search engine) नहीं है, बल्कि यह यूट्यूब, जीमेल, गूगल मैप्स और एंड्रॉयड सिस्टम जैसे ढेरों प्रोडक्ट और सर्विसेज का एक विशाल साम्राज्य (Google Business Empire) है. इसकी पैरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक आज दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल है. आज गूगल 100 से अधिक भाषाओं में सर्च की सुविधा देता है और हाल ही में लॉन्च किए गए अपने AI टूल के साथ ब्राउज़िंग के अनुभव को बदलने को तैयार है.
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