दुनिया

अमेरिकी बेस न होने पर भी ईरान ने मुस्लिम देशों को क्यों बनाया निशाना? अजरबैजान पर ड्रोन हमले के बाद उठे बड़े सवाल

Iran Attacks Middle East: अमेरिका और इजरायल के ईरान पर मिलिट्री हमले करने के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ चुका है. हमले के कुछ घंटे के अंदर ईरान ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और कुवैत जैसे इलाके के कई देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए. हालांकि अधिकतर जिन देशों को निशाना बनाया गया उनमें अमेरिका के मिलिट्री बेस मौजूद हैं.

लेकिन खबर यह भी है कि तुर्की पर भी हमले की आंच पहुंची है, उससे भी बड़ी बात अब अजरबैजान ने भी दावा किया है कि उसके ऊपर भी ईरानी ड्रोन ने कुछ हमले किये हैं. अब सवाल यह उठ रहा कि अमेरिकी बेस न होने पर भी ईरान ने ऐसे देशों को निशाना क्यों बनाया ? इसके पीछे क्या कोई साजिश है?

क्या इजरायल का ‘फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन’ है वजह?

ईरान के विदेश मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक, ईरान को लेकर लोगों की राय बदलने के लिए और पड़ोसी देशों के साथ उसके रिश्ते खत्म करने के लिए इजरायल ऐसे हमले कर रहा है और ईरान ऐसे हमलों की निंदा करता है
हालांकि उससे पहले वो खुद तुर्की पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला कर चुका है जिसे NATO देशों के एयर डिफेंस सिस्टम ने रोका था. नाटो के प्रवक्ता ने तुर्की के इस आरोप को गलत बताया है कि ये मिसाइल साइप्रस में एक मिलिट्री बेस की तरफ जा रही थी. NATO के प्रवक्ता एलिसन हार्ट तुर्की पर ईरान के हमले की निंदा की है.

तुर्की और अजरबैजान पर हमले का क्या मतलब?

तुर्की पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले की खबर आई, जिसे NATO के एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक लिया. NATO प्रवक्ता एलिसन हार्ट ने तुर्की के आरोप को गलत बताया कि मिसाइल साइप्रस में मिलिट्री बेस की तरफ जा रही थी. तुर्की के बाद अजरबैजान ने भी दावा किया कि ईरानी ड्रोन ने नखिचेवन इलाके पर हमला किया.

जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने तो ईरान पर ‘आतंकवाद’ फैलाने का आरोप लगाया और बदला लेने की कसम खाई. जिसके बाद अजरबैजान की सेना को मोबिलाइजेशन लेवल-1 पर रखा गया है. हालांकि इस हमले को लेकर ईरान का दावा है कि ये हमले इजरायल के फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन हो सकते हैं, लेकिन इसके कोई सबूत नहीं दिए गए हैं.

यह भी पढ़ें:  चाबहार पोर्ट पर हमला: ईरान और भारत के रिश्तों के बीच अमेरिका ने एक तीर से लगाए दो निशाने? भारत का था तगड़ा इनवेस्टमेंट

ईरान ने मुस्लिम देशों को निशाना क्यों बनाया?

ईरानी बयानों और सुरक्षा जानकारों के मुताबिक हमले उन देशों में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री बेस और स्ट्रैटेजिक एसेट्स पर किए गए थे. ईरान लंबे वक्त से इन बेस को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा मानता है. यूनाइटेड स्टेट्स-इजरायल हमलों के जवाब में तेहरान ने अमेरिकी मिलिट्री क्षमताओं को कमजोर करने और वाशिंगटन को चेतावनी देने के लिए इन जगहों को निशाना बनाने की कोशिश की. जिन देशों में अमेरिकी सेना तैनात है और जिन्हें कथित तौर पर निशाना बनाया गया उनमें बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान शामिल हैं. ईरान का दावा है कि ये हमले अमेरिकी बेस पर केंद्रित थे, न कि इन देशों की सरकारों या नागरिकों पर.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

Recent Posts

अडानी एंटरप्राइजेज की लॉन्ग-टर्म रेटिंग में बड़ा सुधार: CARE Ratings से मिली अब तक की सबसे हाई ‘CARE AA’ रेटिंग

Adani Enterprises Credit Rating: CareEdge ने अडानी एंटरप्राइजेज की लॉन्ग-टर्म क्रेडिट रेटिंग बढ़ाकर CARE AA…

32 minutes ago

डॉक्टरों को महंगे गिफ्ट और विदेश यात्रा! सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगी रिपोर्ट, बनाई जाएगी खास कमेटी

सुप्रीम कोर्ट ने दवा कंपनियों द्वारा डॉक्टरों को महंगे गिफ्ट, विदेश यात्राएं, कैश और अन्य…

41 minutes ago

‘थप्पड़, छीना फोन और फिर…’: मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ हाईकोर्ट सख्त, दिल्ली पुलिस को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश

दिल्ली सरकार में मंत्री और भाजपा नेता प्रवेश वर्मा के खिलाफ एक आम आदमी पार्टी…

47 minutes ago

सऊदी के समर में PAK एयरफोर्स की एंट्री: क्या यमन के दलदल और गृहयुद्ध में फंसने जा रहा है पाकिस्तान?

Saudi-Yemen War Pak Entry: सऊदी अरब के समर्थन में पाकिस्तान ने यमन के हूती विद्रोहियों…

57 minutes ago

‘उतनी ही लकड़ी लगनी है, मेरी लकड़ी जमा है…’, नाना पाटेकर ने हंसते-हंसते समझा दिया था जिंदगी का फलसफा

Nana Patekar: नाना पाटेकर की सबसे बड़ी खासियत यही थी कि उन्होंने कभी जिंदगी को…

1 hour ago