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Iran लड़ रहा अस्तित्व की आखिरी लड़ाई! जानें अपनी ‘मिसाइल सिटी’ के दम पर कब तक टिक पाएगा लहूलुहान ईरान?

US Iran Conflict: अपने सुप्रीम लीडर (रहबर) के मारे जाने के बाद ईरान की इस्लामी सरकार अब अपने अस्तित्व की जंग लड़ रही है. अमेरिका-इजरायल के हमले ने ईरान की ताकत को तोड़ दिया है. अब ईरान अपनी पूरी ताकत से अमेरिका और इजरायल पर पलटवार कर रहा है. उसने पूरे मिडिल ईस्ट में मिसाइलों और ड्रोनों से छलनी कर दिया है.

ईरान के पास मिसाइलों का बहुत बड़ा भंडार है. इससे पहले जब इजरायल के साथ उसका 12 दिनों तक संघर्ष चला तब उसने पहली बार अपनी ताकत दिखाई. ईरान के इन मिसाइल हमलों में इजरायल का डिफेंस सिस्टम नाकाम हो गया. तो सवाल ये उठता है कि आखिर ईरान के पास कौन-कौन सी मिसाइलें हैं और वह कितने दिनों तक यु्द्ध खींच सकता है.

ईरान (Iran) मुख्य रूप से बैलिस्टिक मिसाइलें (Ballistic Missiles) और क्रूज़ मिसाइलें (Cruise Missiles) पर निर्भर है. अगर इनका रेंज के आधार पर वर्गीकरण करें तो…

रेंज: 300–1000 किलोमीटर

  • Shahab-1: रेंज 300 km
  • Shahab-2: रेंज 500 km
  • Qiam-1 / Qiam: रेंज 700–800 km
  • Fateh-110 परिवार (Fateh-110, Zolfaghar, Dezful variants): रेंज 300–700 km
  • Khalij Fars / Hormuz: एंटी-शिप (Anti-Ship) वेरिएंट मिसाइल, रेंज 300 km

इन मिसाइलों में सॉलिड फ्यूल (Solid Fuel) का इस्तेमाल किया जाता है. इन्हें मोबाइल लॉन्चर (Mobile Launcher) से बेहतर सटीकता के साथ लॉन्च किया जा सकता है.

ईरान की Shahab-1 मिसाइल

मीडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें (Medium-Range Ballistic Missiles – MRBM)

रेंज: 1000–2000+ किलोमीटर

  • Shahab-3: रेंज 1300–2000 km
  • Ghadr / Ghadr-1: रेंज 2000 km
  • Emad: रेंज 1700–2000 km (बेहतर सटीकता)
  • Sejil: रेंज 2000–2500 km
  • Kheibar / Kheibar Shekan: रेंज 2000 km
  • Khorramshahr (BM-25 आधारित): रेंज 2000–3000 km
  • Haj Qasem: रेंज 1400 km
  • Hoveyzeh (Cruise Missile Variant):रेंज 1350 km
ईरान की Sejil मिसाइल

हाइपरसोनिक / एडवांस्ड मिसाइलें (Hypersonic)

Fattah परिवार (Fattah-1 / Fattah-2)

फतह मिसाइलें हाइपरसोनिक ग्लाइज व्हीकल की मदद से लॉन्च की जाती हैं. जो मैक 13 से 15 की रफ्तार से सटीक हमला कर सकती हैं. इन मिसाइलों को इंटरसेप्ट करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है. इनकी रेंज 1400 से 1800 किलोमीटर तक है.

ईरान की फतह (Fateh) मिसाइल

जून 2025 से पहले इजरायली डिफेंस फोर्सेज के अनुमान के मुताबिक ईरान के पास 3000 से 4000 बैलिस्टिक मिसाइलें थीं. जून 2025 में इजरायल के साथ संघर्ष के समय ईरान ने हजारों मिसाइलें लॉन्च की थी. जिसके बाद इनकी अब अनुमानित संख्या 2500 के आसपास है.

ईरान ने जारी किया था वीडियो

ईरान ने फरवरी 2025 में एक वीडियो जारी कर अपने अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी की जानकारी दी थी. जिसमें उसने हजारों की संख्या में मिसाइलों के जखीरे को दुनिया के सामने लाया था. ये जखीरे जमीन से हजारों फीट नीचे मौजूद हैं. यहीं पर ईरान अपनी सभी मिसाइलों को स्टोर करता है. यहां पर ऐसी सुविधाएं हैं जिससे मिसाइलों को यहीं से फायर किया जा सकता है.

ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइल

ये मिसाइल सिटी जमीन के अंदर इतनी गहराई में है कि अमेरिका का सबसे खतरनाक बंकर बस्टर बम भी कुछ नहीं बिगाड़ सकते. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के पास ऐसी कम से कम 5 मिसाइल सिटी हैं.

ईरान कितने दिनों तक टिक पाएगा

यूएस और इजरायली डिफेंस फोर्सेज के मुताबिक ईरान के पास अनुमानित करीब 4000 बैलिस्टिक मिसाइलें थी. जून 2025 में इजरायल के साथ हुए संघर्ष में ईरान ने 12 दिनों के अंदर अपनी लगभग 70 प्रतिशत मिसाइलों को खो दिया था. जिसके बाद अब ईरान के पास अधिकतम 2 हफ्ते तक जंग जारी रख पाने की क्षमता है.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक ईरान जिस तरह से हमले कर रहा है और अपनी मिसाइलों को तबाह कर रहा है. इससे यह जाहिर होता है कि वो लंबे समय तक युद्ध में नहीं टिक सकता.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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