US Iran Conflict: अपने सुप्रीम लीडर (रहबर) के मारे जाने के बाद ईरान की इस्लामी सरकार अब अपने अस्तित्व की जंग लड़ रही है. अमेरिका-इजरायल के हमले ने ईरान की ताकत को तोड़ दिया है. अब ईरान अपनी पूरी ताकत से अमेरिका और इजरायल पर पलटवार कर रहा है. उसने पूरे मिडिल ईस्ट में मिसाइलों और ड्रोनों से छलनी कर दिया है.
ईरान के पास मिसाइलों का बहुत बड़ा भंडार है. इससे पहले जब इजरायल के साथ उसका 12 दिनों तक संघर्ष चला तब उसने पहली बार अपनी ताकत दिखाई. ईरान के इन मिसाइल हमलों में इजरायल का डिफेंस सिस्टम नाकाम हो गया. तो सवाल ये उठता है कि आखिर ईरान के पास कौन-कौन सी मिसाइलें हैं और वह कितने दिनों तक यु्द्ध खींच सकता है.
ईरान (Iran) मुख्य रूप से बैलिस्टिक मिसाइलें (Ballistic Missiles) और क्रूज़ मिसाइलें (Cruise Missiles) पर निर्भर है. अगर इनका रेंज के आधार पर वर्गीकरण करें तो…
इन मिसाइलों में सॉलिड फ्यूल (Solid Fuel) का इस्तेमाल किया जाता है. इन्हें मोबाइल लॉन्चर (Mobile Launcher) से बेहतर सटीकता के साथ लॉन्च किया जा सकता है.
रेंज: 1000–2000+ किलोमीटर
Fattah परिवार (Fattah-1 / Fattah-2)
फतह मिसाइलें हाइपरसोनिक ग्लाइज व्हीकल की मदद से लॉन्च की जाती हैं. जो मैक 13 से 15 की रफ्तार से सटीक हमला कर सकती हैं. इन मिसाइलों को इंटरसेप्ट करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है. इनकी रेंज 1400 से 1800 किलोमीटर तक है.
जून 2025 से पहले इजरायली डिफेंस फोर्सेज के अनुमान के मुताबिक ईरान के पास 3000 से 4000 बैलिस्टिक मिसाइलें थीं. जून 2025 में इजरायल के साथ संघर्ष के समय ईरान ने हजारों मिसाइलें लॉन्च की थी. जिसके बाद इनकी अब अनुमानित संख्या 2500 के आसपास है.
ईरान ने फरवरी 2025 में एक वीडियो जारी कर अपने अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी की जानकारी दी थी. जिसमें उसने हजारों की संख्या में मिसाइलों के जखीरे को दुनिया के सामने लाया था. ये जखीरे जमीन से हजारों फीट नीचे मौजूद हैं. यहीं पर ईरान अपनी सभी मिसाइलों को स्टोर करता है. यहां पर ऐसी सुविधाएं हैं जिससे मिसाइलों को यहीं से फायर किया जा सकता है.
ये मिसाइल सिटी जमीन के अंदर इतनी गहराई में है कि अमेरिका का सबसे खतरनाक बंकर बस्टर बम भी कुछ नहीं बिगाड़ सकते. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के पास ऐसी कम से कम 5 मिसाइल सिटी हैं.
यूएस और इजरायली डिफेंस फोर्सेज के मुताबिक ईरान के पास अनुमानित करीब 4000 बैलिस्टिक मिसाइलें थी. जून 2025 में इजरायल के साथ हुए संघर्ष में ईरान ने 12 दिनों के अंदर अपनी लगभग 70 प्रतिशत मिसाइलों को खो दिया था. जिसके बाद अब ईरान के पास अधिकतम 2 हफ्ते तक जंग जारी रख पाने की क्षमता है.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक ईरान जिस तरह से हमले कर रहा है और अपनी मिसाइलों को तबाह कर रहा है. इससे यह जाहिर होता है कि वो लंबे समय तक युद्ध में नहीं टिक सकता.
-भारत एक्सप्रेस
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