दहली यमन की राजधानी सना
Israel Targets Houthi In Yemen: दुनिया में भेल ही शांति की बातें हो रही हैं, लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता जा रहा है. इजरायल और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच चल रही दुश्मनी ने एक नया और खतरनाक मोड़ ले लिया है. बीते हफ्ते हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर मिसाइलें और ड्रोन दागे थे, जिसका जवाब इजरायल ने यमन की राजधानी सना में एयर स्ट्राइक करके दिया है. इस अचानक हुए हमले ने न केवल सना को दहला दिया, बल्कि पूरे लाल सागर में व्यापारिक मार्गों पर भी खतरा बढ़ा दिया है.
इजरायल ने यमन की राजधानी सना पर एयर स्ट्राइक्स करके ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हवाई हमलों का जवाब दे दिया है. रविवार को सना के ज्यादातर रिहायशी इलाकों में धमाके की आवाज सुनाई दी. हूती मीडिया कार्यालय ने दावा किया कि इजरायल के द्वारा स्ट्राइक में कई जगहों को निशाना बनाया गया, जिसमें हेज़्याज़ बिजली संयंत्र और एक गैस स्टेशन शामिल है.
स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई और पांच से अधिक घायल हुए हैं. घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. धमाकों से दहला सना राजधानी सना के लोगों का कहना है कि पूरे शहर में धमाके की आवाज सुनाई दी गई, जिनमें राष्ट्रपति भवन और एक बंद सैन्य अकादमी के आसपास भी विस्फोट हुए.
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इजरायल की सेना ने बयान जारी कर कहा है कि हवाई हमलों ( Israel Airstrikes In Yemen) में राष्ट्रपति भवन, दो बिजली संयंत्र और एक ईंधन भंडारण स्थल को निशाना बनाया गया है. ये हमला हूती आतंकियों के खिलाफ लिया गया, जो इजरायल के लोगों के खिलाफ बीते सप्ताह सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें और यूएवी से हमला किया था.
फिलिस्तीनियों के साथ संघर्ष बढ़ने के बाद से ही लाल सागर में इजरायल को व्यापारिक नुकसान पहुंचाने के लिए हूती विद्रोहियों ने इजरायल से संबंधित जहाजों पर लगातार ड्रोन और मिसाइल से हमले करते आ रहा है. बीते दो सालों में हूती विद्रोहियों की ओर से लाल सागर में व्यापार करने वाले जहाजों को लगातार हमले किए जा रहे हैं.
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इजरायल के साथ बढ़ते तनाव के बाद बीते साल मई में अमेरिका ने हूती से एक समझौता किया था, जिसके तहत वह लाल सागर में हमला करना रोकेगा तो बदले में अमेरिका हवाई हमला बंद करेगा. हालांकि, हूती ने साफ कहा था कि वह इजरायल से जुड़े ठिकानों पर हमला करना जारी रखेगा. अब इस अमेरिका के समझौते पर पानी फिर रहा है.
इजरायल और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ती दुश्मनी इस बात का संकेत है कि पश्चिम एशिया में स्थिरता अभी भी दूर की कौड़ी है. इस तरह के हमले न केवल जान-माल का नुकसान करते हैं, बल्कि लाल सागर जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग पर भी अस्थिरता पैदा करते हैं. भले ही हूती विद्रोहियों को ईरान का समर्थन प्राप्त है, लेकिन इजरायल की सैन्य क्षमता और उसके जवाबी हमले यह साबित करते हैं कि वह अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है.
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