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ग्रीनलैंड पर Donald Trump का नया प्लान, न्यूक्लियर कमांड विमान की तैनाती से बढ़ी हलचल

यूक्रेन और गाजा में जारी युद्ध के बीच अब अमेरिका ने एक नया मोर्चा खोल दिया है. जो जानकारी निकलकर सामने आ रही है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ग्रीनलैंड के पास न्यूक्लियर कमांड विमान E-6B मर्करी तैनात कर दिए हैं. अटलांटिक महासागर में इस मूवमेंट के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है. यह वही ट्रंप (Donald Trump) हैं जिन्होंने पहले भी ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाने की बात कही थी.

E-6B मर्करी क्या है?

E-6B मर्करी कोई आम विमान नहीं है यह अमेरिका का एटमी कमांड और कंट्रोल एयरक्राफ्ट है जो हवा से ही मिसाइल लॉन्च करने की क्षमता रखता है. इसके अंदर मिसाइल कंट्रोल सेंटर मौजूद है जिससे यह किसी भी समय परमाणु हमले का आदेश दे सकता है. ऐसे में इसकी तैनाती को सिर्फ चेतावनी मानें या किसी बड़े कदम की तैयारी यह अभी साफ नहीं हो पा रहा है.

ग्रीनलैंड पर ट्रंप का बयान

ट्रंप (Donald Trump) के ग्रीनलैंड को लेकर समय-समय पर दिए गए बयान भी कम चौंकाने वाले नहीं हैं. उन्होंने साफ कहा है,

ग्रीनलैंड को किसी भी कीमत पर लेकर रहेंगे. अमेरिका की सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड जरूरी है. इंटरनेशनल सिक्योरिटी के लिए ग्रीनलैंड चाहिए. हमें लगता है हम ग्रीनलैंड को हासिल करके रहेंगे. किसी न किसी तरीके से ग्रीनलैंड को ले ही लेंगे.

ट्रंप को ग्रीनलैंड क्यों चाहिए?

अब सवाल उठता है कि आखिर ट्रंप को ग्रीनलैंड क्यों चाहिए? इसका जवाब है लोकेशन और संसाधन के लिए ट्रंप (Donald Trump) को ग्रीनलैंड चाहिए. आइए समझते हैं. ग्रीनलैंड अमेरिका और यूरोप के बीच सबसे छोटा रूट है जिससे यह रणनीतिक रूप से बेहद अहम है. शीत युद्ध के दौरान यहां अमेरिकी सैन्य अड्डा भी था. इसके अलावा यहां 25 तरह के क्रिटिकल रॉ मटेरियल मौजूद हैं जो अमेरिका को आर्थिक और तकनीकी बढ़त दिला सकते हैं.

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डेनमार्क की संसद ने हाल ही में अमेरिकी सैन्य बेस को मंजूरी भी दी है जिससे ट्रंप का सपना अब हकीकत की ओर बढ़ता दिख रहा है. ऐसे में ग्रीनलैंड पर अमेरिका की बढ़ती सक्रियता को हल्के में लेना मुश्किल है.

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-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

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