Nepal Protests: नेपाल की राजधानी काठमांडू की सड़कें आज आग और धुएं से घिरी रहीं, जब प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के कुछ घंटों बाद राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने भी अपनी कुर्सी छोड़ दी. भ्रष्टाचार, नेपोटिज्म और सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ ‘जन जेड क्रांति’ का नाम ले चुके युवा प्रदर्शनकारियों का विजय जुलूस सड़कों पर निकला, लेकिन हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही. कम से कम 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों घायल हैं. संसद भवन, नेताओं के घरों और दफ्तरों में आगजनी की घटनाओं ने देश को गृहयुद्ध जैसे हालात में धकेल दिया है.
यह सब तब शुरू हुआ जब 8 सितंबर को सरकार ने फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगा दिया. युवाओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला माना. #NepoKids और #CorruptNepal जैसे हैशटैग वायरल हो चुके थे, जो राजनेताओं के बच्चों की लग्जरी लाइफस्टाइल को गरीबी से जोड़ते थे. अगले ही दिन हजारों युवा-ज्यादातर स्कूल-कॉलेज के छात्र-सड़कों पर उतर आए. काठमांडू के संसद भवन के बाहर नारे गूंजे: “भ्रष्टाचार बंद करो, ओली को भगाओ!” पुलिस ने आंसू गैस, रबर बुलेट्स और लाइव फायरिंग की, जिसमें 20 मौतें हुईं.
ओली ने दोपहर करीब 4:25 बजे राष्ट्रपति पौडेल को इस्तीफा सौंपा, कहा-“असाधारण परिस्थितियों में संवैधानिक समाधान के लिए.” पौडेल ने इसे स्वीकार कर लिया, लेकिन प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत न हुआ. उन्होंने ओली के भक्तपुर स्थित घर, पौडेल के बोहोरतार आवास, पूर्व पीएम पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचंड’ के खुमल्टार बंगले और शेरबहादुर देउबा के घर पर हमला कर दिया. आग लगाई गई, कारें जलाई गईं. वित्त मंत्री बिश्नु प्रसाद पौडेल पर हमला हुआ, उन्हें पीटा गया. नेपाली सेना ने हेलीकॉप्टर से मंत्रियों को बचाया और संसद की सुरक्षा की. कर्फ्यू लगा, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इसे तोड़ा. त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बंद हो गया, ट्रांसपोर्ट हड़ताल पर है.
21 सांसदों ने सामूहिक त्यागपत्र दिया
इस बीच, गृह मंत्री रमेश लेखक, कृषि मंत्री रामनाथ अधिकारी, स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पौडेल और युवा-सेवा मंत्री तेजुलाल चौधरी ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दे दिया. राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के 21 सांसदों ने सामूहिक त्यागपत्र दिया. काठमांडू मेयर बालेन शाह ने कहा, “तुम्हारी मांगें पूरी हो गईं, अब तुम्हारी पीढ़ी नेतृत्व करे.” लेकिन युवा नेता सुडान गुरुंग जैसे कार्यकर्ता चेतावनी दे रहे हैं-“हम नई सरकार, तत्काल चुनाव और भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई चाहते हैं.”
भारत ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की, सरकार के बयान में कहा गया- “नेपाल में स्थिति स्थिर होने तक यात्रा टालें.” नेपाल अब अनिश्चितता के भंवर में फंसा है.
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