दुनिया

ईरान को पहले फारस या पर्सिया क्यों कहते थे? दज्जाल कौन था, जिसके लिए यहूदियों से नफरत करने लगे मुस्लिम

ईरान को आज हम आधिकारिक तौर पर ईरान के नाम से जानते हैं, लेकिन कभी इसे फ़ारस या पर्सिया कहा जाता था. प्राचीन समय में, खासकर हख़ामनी साम्राज्य के दौर में (लगभग 550 ईसा पूर्व से), पश्चिमी दुनिया में यह पर्सिया के नाम से मशहूर था. इसका नाम उस क्षेत्र ‘पारसा’ से आया था, जहां से महान बादशाह जैसे कुरोश और दारा हुए.

यूनानियों और बाद में यूरोपियों ने इसे पर्सिया कहा, और यही नाम लंबे समय तक विदेशों में प्रचलित रहा.

क्या है असली कहानी?

ईरान नाम बहुत पुराना है. यह ‘आर्यनाम’ से लिया गया है, जिसका मतलब ‘आर्यों की भूमि’ है. ईरानी खुद सदियों से अपने देश को ईरान ही कहते रहे, लेकिन 1935 में रेज़ा शाह पहलवी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे आधिकारिक रूप से ईरान कर दिया, ताकि देश की पुरानी आर्य पहचान को उजागर किया जा सके. संक्षेप में, दोनों नाम सही हैं. फ़ारस/पर्सिया विदेशी संदर्भों में ज्यादा जाना जाता था, जबकि आज का आधिकारिक नाम ईरान है.

2003-2004 में स्टार प्लस पर प्रसारित टीवी शो ‘हातिम’ में भी फ़ारस या पर्सिया का जिक्र मिलता है. शो की कहानी यमन के राजकुमार हातिम की है, जो बुराई और जादू से लड़ता है. इसमें परिस्तान का बादशाह, जिसे कभी-कभी फारस का बादशाह कहा जाता है, अच्छाई की ताकतों के पक्ष में दिखाई देता है.

परिस्तान शो में एक जादुई, कल्पनाशील दुनिया है, जो फारस से प्रेरित लगती है. बादशाह ज़ालिम या बुरे शासकों के खिलाफ खड़े होते हैं और कई एपिसोड में उनकी बहादुरी दिखाई जाती है. हालांकि यह पात्र किसी असली फारसी बादशाह (जैसे कुरोश या दारा) पर आधारित नहीं है, बल्कि लोककथाओं और फंतासी के मिश्रण से तैयार किया गया है.

कौन था दज्जाल?

शो में दज्जाल मुख्य खलनायक है. उसे जाफर का बादशाह दिखाया गया है, जो पूरी दुनिया में अंधेरा फैलाना चाहता है. दज्जाल का जन्म एक जादूगर नजूमी के जादू से हुआ और उसे काले जादू की ताकत दी गई. वह अमर जैसा है, उसका शक्ति स्त्रोत ‘शैतान टावर’ से जुड़ा है. दज्जाल लोगों को पत्थर में बदल देता है, ज़ॉम्बी आर्मी बनाता है और हातिम को हराने की कोशिश करता है.

हातिम को उसे हराने के लिए सात सवालों के जवाब खोजने पड़ते हैं. अंत में वह दज्जाल को हराता है, लेकिन कई एपिसोड में यह विलेन बार-बार वापस आता है. इस किरदार को निर्मल पांडे ने निभाया था, जिसकी डरावनी एंट्री और पावरफुल एक्टिंग आज भी लोगों को याद है.

असल दुनिया और फंतासी का फर्क

‘हातिम’ में दज्जाल पूरी तरह फंतासी है. इसका नाम इस्लामी दज्जाल से लिया गया है, लेकिन यह धार्मिक या ऐतिहासिक दज्जाल नहीं है. असल में कुछ सोशल मीडिया या कम्युनिटी में दज्जाल शब्द का इस्तेमाल आलोचनात्मक रूप में किया जाता है, लेकिन टीवी शो में यह सिर्फ एक काल्पनिक खलनायक है.

ये भी पढ़ें-Dhurandhar 2: पहले दिन दुनिया में ₹237 करोड़ कमाने वाली पहली भारतीय फिल्म, 2 देशों में 8 लोकेशन्स पर शूट हुई, देखकर पाकिस्तानी भी रह गए दंग

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

Recent Posts

लड़कों संग क्रिकेट से लॉर्ड्स में धमाल: जानिए छोटे से आदिवासी गांव की लड़की क्रांति गौड़ की प्रेरक कहानी

Cricket News: छतरपुर के छोटे से आदिवासी गांव से निकली क्रांति गौड़ ने संघर्ष को…

4 minutes ago

गणेशोत्सव को विश्व धरोहर बनाने की बड़ी तैयारी: सीएम देवेंद्र फडणवीस ने लॉन्च किया ‘bappa.org’

महाराष्ट्र सरकार ने गणेशोत्सव की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया तक पहुंचाने के लिए…

19 minutes ago

हर घर में गूंजती है जिनकी आरती: जानिए कौन थे ‘ओम जय जगदीश हरे’ के अमर रचयिता पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी

Hindi Literature: विश्व प्रसिद्ध आरती 'ओम जय जगदीश हरे' के रचयिता पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी न…

30 minutes ago

सुप्रीम कोर्ट ने मिलन प्रधान की अंतरिम जमानत के खिलाफ बंगाल पुलिस की तत्काल सुनवाई ठुकराई

सुप्रीम कोर्ट ने नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की अंतरिम जमानत को चुनौती देने…

42 minutes ago