इजरायल की सेना ने गुरुवार 8 अक्टूबर को बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि गाजा में तीन महीने पहले एक हमले में हमास के तीन वरिष्ठ नेता मारे गए थे, जहां पर सेना करीब एक साल से फिलिस्तीनी आतंकवादियों से लड़ रही है. इजरायल की सेना ने कहा कि हमले में मरने वालों में हमास सरकार के प्रमुख रावी मुश्तहा, कमांडर समी औदेह और हमास के राजनीतिक ब्यूरो के लिए सुरक्षा पोर्टफोलियो रखने वाले समेह अल-सिराज की मौत हो गई. यह दावा इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) और इजरायल सिक्योरिटी एजेंसी (आईएसए) शिन बेट ने गुरुवार को संयुक्त रूप से किया. मुश्ताहा हमास प्रमुख याह्या सिनवार का दाहिना हाथ माना जाता था.
आईडीएफ और शिन बेट प्रवक्ताओं ने यह भी कहा कि मुश्ताहा के साथ-साथ हमास के राजनीतिक ब्यूरो में सुरक्षा पोर्टफोलियो संभालने वाले समेह अल-सिराज और हमास के जनरल सुरक्षा तंत्र का कमांडर समी औदेह भी हमले में मारे गए. संयुक्त बयान में कहा गया, “खुफिया जानकारी के आधार पर वायुसेना के फाइटर जेट्स ने उत्तरी गाजा पट्टी में एक अंडरग्राउंड कंपाउंड में छिपे आतंकवादियों पर हमला किया और उन्हें मार गिराया. यह कंपाउंड हमास का कमांड और कंट्रोल सेंटर था और आतंकवादियों के लंबे समय तक छिपे रहने के लिए बनाया गया था.”
बयान के मुताबिक कंपाउंड पर हमले और आतंकवादियों के खात्मे के बाद, हमास ने मुश्ताहा की मौत की घोषणा नहीं की. फिलिस्तीनी आतंकी ग्रुप ने अपने गुर्गों के मनोबल को बनाए रखने और कामकाज को ठीक ढंग से जारी रखने के लिए ऐसा किया. आईडीएफ के अनुसार, रावी मुश्ताहा हमास के सबसे सीनियर कार्यकर्ताओं में से एक था और हमास की सेना की तैनाती से संबंधित निर्णयों पर उसका सीधा प्रभाव था. मुश्ताहा मिलिट्री फैसलों में शामिल था, साथ ही गाजा पट्टी में हमास नागरिक प्रशासन के प्रमुख के रूप में कार्य करता था और कैदियों के मामलों का पोर्टफोलियो भी संभालता था. वह पहले वित्त विभाग भी संभाल चुका था.
संयुक्त वक्तव्य में कहा गया, “याह्या सिनवार के साथ मिलकर मुश्ताहा ने हमास के जनरल सिक्योरिटी मैकेनिज्म की स्थापना की. उन्होंने एक साथ इजरायली जेल में सजा काटी. मुश्ताहा को गाजा पट्टी में हमास के राजनीतिक ब्यूरो में सबसे वरिष्ठ व्यक्ति माना जाता था और युद्ध के दौरान उसने हमास शासन पर नागरिक नियंत्रण बनाए रखा, इजरायल के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों में भी वह शामिल रहा. मुश्ताहा सिनवार का दाहिना हाथ था और उसके सबसे करीबी सहयोगियों में से एक था.”
बता दें कि 7 अक्टूबर 2023 को फिलिस्तीनी आतंकवादी ग्रुप हमास ने इजरायल में बड़ा हमला किया था. इसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए थे और करीब 250 का अपहरण किया गया था. इसके बाद इजरायल ने हमास के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी और गाजा पट्टी में सैन्य ऑपरेशन शुरू किया. इजरायली हमलों में गाजा में बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान हुआ है. अलजजीरा की गुरुवार की एक रिपोर्ट के मुताबिक गाजा में अक्टूबर 2023 से अब तक इजरायली हमलों में कम से कम 41,788 लोग मारे गए हैं और 96,794 घायल हुए हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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