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टैरिफ पर निचली अदालत के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा ट्रंप प्रशासन, कहा- बागी न्यायाधीशों से निपटने के लिए कर रहे काम

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए आयात शुल्कों (Tariff) को निचली अदालत द्वारा अवैध ठहराने के बाद, ट्रंप प्रशासन ने इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने की धमकी दी है. प्रशासन ने मांग की है कि इस निर्णय को तुरंत स्थगित किया जाए.

Tariff फैसले को SC में चुनौती देंगे ट्रंप

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कराइन लैविट (Karine Leavitt) ने गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, हम यह लड़ाई अदालत में जीतेंगे. उन्होंने कहा कि प्रशासन बागी न्यायाधीशों से निपटने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है. प्रेस सचिव ने जानकारी दी कि अमेरिकी व्यापार राजदूत को गुरुवार सुबह ही कई देशों से आश्वासन मिला है कि वे अमेरिका के साथ व्यापार वार्ताएं जारी रखेंगे, भले ही टैरिफ को लेकर कानूनी अनिश्चितता बनी हुई है.

लैविट ने यह भी बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू ईशिबा (Shigeru Ishiba) के बीच गुरुवार को फोन पर वार्ता हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने टैरिफ से संबंधित मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया. उन्होंने आगे बताया कि राष्ट्रपति के कैबिनेट सदस्य—वाणिज्य सचिव लटकनिक, वित्त सचिव बेसेन्ट, और राजदूत जैमीसन ग्रीयर—दुनियाभर में अपने समकक्षों के साथ लगातार संपर्क में हैं और यह संकेत दे रहे हैं कि अमेरिका अब भी व्यापार वार्ताओं के लिए प्रतिबद्ध है.

व्हाइट हाउने क्या कहा?

लैविट ने कहा. “दुनियाभर के देश प्रमुख वार्ताकार—राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप—पर विश्वास करते हैं. और वे शायद समझते हैं कि यह फैसला कितना हास्यास्पद है. वे जानते हैं कि प्रशासन यह लड़ाई जीतेगा,” उन्होंने पुष्टि की कि प्रशासन ने आपातकालीन अपील दायर कर दी है और सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई जारी रखने का इरादा रखता है.

गुरुवार को व्हाइट हाउस के वकीलों ने संघीय अपील न्यायालय (Court of Appeals for the Federal Circuit) में एक याचिका दायर की, ताकि बुधवार को दिए गए फैसले के प्रभाव को रोका जा सके. यह कदम दूसरी अदालत के निर्णय के बाद उठाया गया जिसमें कहा गया था कि ट्रंप ने टैरिफ (Tariff) लागू करने में अपनी संवैधानिक सीमाओं को पार किया.

यह भी पढ़ें- डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी अदालत से करारा झटका, कोर्ट ने ‘लिबरेशन डे’ टैरिफ पर लगाई रोक

लैविट ने अदालत के फैसले की आलोचना करते हुए इसे न्यायिक अतिक्रमण (judicial overreach) कहा और यह तर्क दिया कि ट्रंप के टैरिफ (Tariff) अमेरिका के व्यापार घाटे को कम करने के उद्देश्य से लगाए गए थे. उन्होंने इन शुल्कों को कानूनी रूप से सही और बहुत समय से लंबित बताया.

-भारत एक्सप्रेस

Shailendra Verma

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