US Iran Peace Deal: पूरी दुनिया इस वक्त एक बहुत बड़े और ऐतिहासिक राजनयिक बदलाव की गवाह बनने जा रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा सनसनीखेज ऐलान किया है, जिसने ग्लोबल पॉलिटिक्स और मार्केट में भूकंप ला दिया है. ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच एक बेहद अहम और बड़े समझौते (MoU) पर रविवार को हस्ताक्षर होने जा रहे हैं.
इस महा-डील के बाद रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) को तुरंत खोल दिया जाएगा. ट्रंप ने सीना ठोककर कहा कि ओबामा के पुराने समझौते के उलट यह नई डील सख्ती से पक्का करेगी कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार न बना सके.
समझौते की वो 14 बड़ी शर्तें (US Iran MoU Details)
ईरान की मशहूर ‘Mehr’ न्यूज़ एजेंसी के हवाले से इस गुप्त समझौते की जो 14 शर्तें सामने आई हैं, वो बेहद हैरान करने वाली हैं.
- युद्ध पर तुरंत रोक: ईरान, लेबनान और बाकी सभी मोर्चों पर चल रही जंग को तुरंत बंद किया जाएगा.
- नो न्यू वॉर गारंटी: अमेरिका और इजरायल गारंटी देंगे कि वे ईरान के खिलाफ कोई नया युद्ध शुरू नहीं करेंगे.
- सुरक्षा का वादा: अमेरिका इस डील में इजरायल की तरफ से भी सुरक्षा की पूरी गारंटी देगा.
- नेवी की नाकेबंदी खत्म: होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को पूरी तरह हटा लिया जाएगा.
- समुद्री व्यापार बहाल: ईरानी जहाजों और उनके समुद्री व्यापार पर लगी सभी पाबंदियां तुरंत खत्म होंगी.
- 30 दिनों का अल्टीमेटम: 30 दिनों के भीतर समुद्री व्यापार को पहले की तरह पूरी तरह बहाल कर दिया जाएगा.
- होर्मुज स्ट्रेट री-ओपनिंग: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा पूरी तरह खोलने पर दोनों देशों की रजामंदी बन गई है.
- फ्रीज फंड की रिहाई: विदेशों में फ्रीज किए गए ईरान के अरबों डॉलर के फंड को तुरंत जारी किया जाएगा.
- पहले फेज में आधा पैसा: शुरुआती चरण में कुल फ्रीज फंड का आधा हिस्सा सीधे ईरान को सौंप दिया जाएगा.
- प्रतिबंधों का अंत: ईरान पर बरसों से लगे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी.
- प्राइमरी और सेकेंडरी बैन: अमेरिका ईरान से प्राइमरी और सेकेंडरी दोनों तरह के प्रतिबंध हटाने पर काम करेगा.
- सैन्य मौजूदगी होगी कम: अमेरिका 30 दिनों के भीतर ईरान की सीमाओं के आसपास से अपनी सैन्य मौजूदगी को घटाएगा.
- नो न्यूक्लियर वेपन कमिटमेंट: ईरान दुनिया के सामने अपना वादा दोहराएगा कि वह परमाणु हथियार कभी नहीं बनाएगा.
- पुनर्निर्माण में मदद: प्रतिबंधों में बड़ी राहत के साथ-साथ ईरान में बुनियादी पुनर्निर्माण के मुद्दों पर सहयोग बढ़ाया जाएगा.
12 अरब डॉलर की सबसे बड़ी ‘अड़चन’? (US Iran agreement)
खबरों की मानें तो यह पूरी डील दिखने में जितनी शानदार है, इसकी शर्तें उतनी ही सख्त हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, आखिरी और फाइनल बातचीत तब तक शुरू नहीं होगी, जब तक कि अमेरिका ईरान के 12 अरब डॉलर (12 Billion Dollars) जारी नहीं कर देता, तेल पर लगी पाबंदियों को पूरी तरह हटा नहीं लेता और समुद्री नाकेबंदी को हमेशा के लिए खत्म नहीं कर देता.
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कच्चे तेल के बाजार में मचेगा हाहाकार (US Israel security guarantee Iran)
अमेरिका और ईरान के बीच होने जा रही इस ‘महा-डील’ से पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली है. होर्मुज स्ट्रेट के खुलते ही और ईरान के तेल से बैन हटते ही ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें धड़ाम से नीचे गिरेंगी, जिससे भारत समेत पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की महंगाई से आम आदमी को बहुत बड़ी राहत मिलने वाली है.
Shyamdatt Chaturvedi श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.