US Venezuela Conflict: एक संप्रभु राष्ट्र पर हमला, राष्ट्रपति की गिरफ्तारी और 40 लाशें… वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई ने पूरी दुनिया में भूचाल ला दिया है. जहां एक तरफ वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने अमेरिका की आंखों में आंखें डालकर ‘मादुरो की रिहाई’ की मांग की है, वहीं सबसे बड़ा झटका अमेरिका को अपने ही घर में लगा है. न्यूयॉर्क के नवनिर्वाचित मेयर ने इस हमले को ‘युद्ध का कृत्य’ बताकर प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है. रूस और चीन की एंट्री ने इस आग को भड़काने का काम किया है.
इस कार्रवाई की गूंज सिर्फ कराकस तक सीमित नहीं है, बल्कि न्यूयॉर्क और बीजिंग तक सुनाई दे रही है. हैरानी की बात यह है कि न्यूयॉर्क शहर के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान मामदानी ने अपनी ही सेना की कार्रवाई को ‘अवैध’ और ‘युद्ध का कृत्य’ करार दिया है. वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूस, चीन, ईरान और मेक्सिको ने अमेरिका के इस कदम को ‘दादागिरी’ बताते हुए मादुरो की तत्काल रिहाई की मांग की है.
वेनेजुएला और अमेरिका के बीच तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी के बाद उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज (Venezuela VP Delcy Rodriguez) ने अमेरिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. अपने पहले संबोधन में रोड्रिग्ज ने बेहद तल्ख तेवर अपनाते हुए कहा कि वेनेजुएला किसी भी दबाव या ताकत के आगे नहीं झुकेगा. उन्होंने पुष्टि की है कि अमेरिकी हमलों में सैनिकों समेत 40 लोगों की जान गई है और मादुरो ही देश के एकमात्र राष्ट्रपति हैं.
अमेरिका के भीतर से ही इस कार्रवाई के खिलाफ एक मजबूत आवाज उठी है. न्यूयॉर्क शहर के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान मामदानी ने मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है. मामदानी ने एक बयान जारी कर कहा कि किसी संप्रभु राष्ट्र पर एकतरफा हमला युद्ध का कृत्य (Act of War) है और यह संघीय व अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन है. उन्होंने चिंता जताई कि सत्ता परिवर्तन का यह खुला प्रयास न केवल वैश्विक स्तर पर, बल्कि न्यूयॉर्क में रहने वाले हजारों वेनेजुएला के नागरिकों को भी सीधे तौर पर प्रभावित करेगा.
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मादुरो की गिरफ्तारी पर वैश्विक शक्तियां भी लामबंद हो गई हैं. रूस, चीन और ईरान ने एक सुर में अमेरिकी कार्रवाई का विरोध किया है. बीजिंग ने इसे अमेरिका की ‘दादागिरी’ करार दिया है. मॉस्को ने मादुरो की तत्काल रिहाई की मांग की है. मेक्सिको के राष्ट्रपति शिनबाम ने हमले की निंदा की है. मेक्सिको में अमेरिकी दूतावास के बाहर प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. इन देशों का कहना है कि एक चुने हुए राष्ट्रपति को दूसरे देश की सेना द्वारा गिरफ्तार करना अंतरराष्ट्रीय नियमों की धज्जियां उड़ाना है.
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