अजब-गजब

ब्राजील की अनोखी फैक्ट्री, डेंगू से लड़ने वाले मच्छरों का उत्पादन शुरू

Ajab Gajab: अब तक आपने फैक्ट्रियों में गाड़ियां, मोबाइल या कपड़े बनते देखे होंगे लेकिन ब्राजील में एक ऐसी फैक्ट्री है जहां इंसानों को काटने वाले मच्छर बनाए जा रहे हैं और वो भी डेंगू से लड़ने के लिए! सुनने में अजीब लगता है लेकिन यह कोई फिल्मी कहानी नहीं बल्कि विज्ञान की एक बड़ी कामयाबी है.

बीमारियों से लड़ने का नया तरीका

ब्राजील के साओ पाओलो राज्य के कैंपिनास शहर में बनी यह फैक्ट्री हर हफ्ते करीब 1.9 करोड़ मच्छर तैयार करती है. लेकिन ये मच्छर आम नहीं हैं. इनमें वोलबाचिया नाम का एक खास बैक्टीरिया डाला गया है जो डेंगू वायरस को फैलने से रोकता है. यानी अगर ये मच्छर किसी इंसान को काट भी लें तो भी डेंगू नहीं फैलेगा.

कैसे तैयार की जाती है प्रजाति?

इस फैक्ट्री में एडीज एजिप्टी नाम की मच्छर प्रजाति तैयार की जाती है, जो आम तौर पर डेंगू, चिकनगुनिया और जीका जैसी बीमारियां फैलाती है. फर्क बस इतना है कि इन्हें वोलबाचिया से संक्रमित किया गया है. जब ये मच्छर प्रजनन करते हैं तो उनकी अगली पीढ़ी भी सुरक्षित बन जाती है और धीरे-धीरे पूरे इलाके में डेंगू फैलाने वाले मच्छरों की संख्या कम हो जाती है.

मच्छर तैयार करने की प्रक्रिया

मच्छर तैयार करने की प्रक्रिया भी बेहद दिलचस्प है. हजारों ट्रे में पानी भरकर मच्छरों के अंडे रखे जाते हैं. कुछ दिनों में लार्वा निकलते हैं और फिर मच्छर बनते हैं. इन्हें खास पिंजरों में रखा जाता है, जहां नर मच्छरों को मीठा घोल और मादा मच्छरों को नकली खून दिया जाता है. यह खून इंसान के त्वचा जैसे थैलों में भरा होता है ताकि मच्छर उसे आसानी से चूस सकें.

फैक्ट्री में हर प्रक्रिया को बारीकी से मॉनिटर किया जाता है. इसमें तापमान, नमी और रोशनी का खास ध्यान रखा जाता है. यहां तक कि अंडों की गिनती और मच्छरों के लिंग की पहचान भी मशीनों से की जाती है.

बड़े स्वास्थ्य अभियान के रूप में प्रोजेक्ट

ब्राजील सरकार इस प्रोजेक्ट को एक बड़े स्वास्थ्य अभियान के रूप में चला रही है. जिन इलाकों में इन मच्छरों को छोड़ा गया है, वहां डेंगू के मामलों में कमी देखी गई है. वैज्ञानिकों का कहना है कि वोलबाचिया बैक्टीरिया इंसानों और जानवरों के लिए बिल्कुल सुरक्षित है.

ये भी पढ़ें-क्या सच में प्रशांत किशोर ने सम्राट चौधरी से मांगी माफी? वायरल माफी वीडियो की सच्चाई, जानें क्या है पूरा मामला?

नई जंग की उम्मीद

भारत, इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी इस तकनीक पर काम चल रहा है. उम्मीद है कि आने वाले समय में यह तरीका डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से लड़ने का सबसे असरदार हथियार बन सकता है. विज्ञान की यह पहल वाकई इंसानियत के लिए एक बड़ी राहत बन सकती है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

Recent Posts

अगले 11 घंटे…15 राज्यों में मौसम काटेगा भयंकर बवाल! 70 की स्पीड से आंधी और मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मौसम के बदलते मिजाज के बीच IMD के पूर्वानुमान में कई राज्यों में भारी बारिश,…

29 minutes ago

ट्रंप की हार से तेल की कीमतों में हाहाकार…! 1 दिन में 9% टूटा क्रूड ऑयल, भारत को मिला दिवाली गिफ्ट

Crude Oil Price: अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को झटका लगने और ईरान युद्ध…

46 minutes ago

Aaj Ka Panchang: आज है रमा एकादशी और मालव्य योग..! भूलकर भी न करें ये बड़ी गलती, जानें शुभ मुहूर्त

आज 5 नवंबर 2026 को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की रमा एकादशी मनाई जा…

1 hour ago

रमा एकादशी पर बन रहा मालव्य योग..! मकर-धनु समेत इन 5 राशियों की बदल जाएगी किस्मत, मेष वाले सावधान

5 नवंबर 2026 को रमा एकादशी पर मालव्य, बुधादित्य और लक्ष्मीनारायण योग का संयोग बन…

2 hours ago