विश्लेषण

न सीट शेयरिंग पर बात, न साझा रैली की बिसात…क्या INDIA गठबंधन में पड़ गई दरार?

INDIA गठबंधन की मुंबई बैठक के 53 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक सीट शेयरिंग फॉर्मूले पर बात नहीं बन पाई है. भोपाल में इंडिया गठबंधन की पहली रैली अक्टूबर महीने के पहले हफ्ते में होने की बात कही गई थी. लेकिन वो भी नहीं हो सका. शरद पवार के नई दिल्ली आवास पर हुई समन्वय समिति की बैठक में इसका फैसला हुआ था. ऑफिस खोलने की बात भी हुई थी. लोगो के डिजाइन को लेकर भी चर्चा हुई थी.

नीतीश ने दिया कांग्रेस को झटका

दिल्ली के सीएम केजरीवाल और ममता बनर्जी ने इंडिया गठबंधन के सभी दलों से आग्रह किया था कि सितंबर तक सीटों का बंटवारा हो जाए. इंडिया ब्लॉक के साझेदारों के बीच सीट-बंटवारे की बातचीत अभी भी शुरू नहीं हुई है. विपक्षी पार्टियों ने संकल्प भी लिया था. संकल्प में कहा गया था कि हम, INDIA पार्टियां, आगामी लोकसभा चुनाव जहां तक संभव हो मिलकर लड़ने का संकल्प लेते हैं. लेकिन आगामी विधानसभा चुनावों में ही गठबंधन में शामिल पार्टियों के बीच खटास नजर आने लगी है. कारण, कांग्रेस ने फिलहाल लोकसभा चुनावों से ध्यान हटाकर राज्यों में फोकस किया है. इसी के चलते पहले समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ बागी तेवर दिखाए फिर अब जेडीयू ने इस गठबंधन को झटका दे दिया है.

एमपी चुनाव में जेडीयू ने उतारे 5 उम्मीदवार

जेडीयू ने भी मध्य प्रदेश में अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं. इससे गठबंधन की दरार और बड़ी हो गई है. जेडीयू ने एमपी में पांच उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है. समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के बाद जदयू चुनाव के लिए उम्मीदवारों का ऐलान करने वाली इंडिया ब्लॉक की तीसरी गैर-कांग्रेसी पार्टी है. जदयू के महासचिव आफाक अहमद खान ने कहा कि वे किसी समझौते पर पहुंचने में विफल रहे. जेडीयू लगभग 10-12 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. दूसरी सूची जल्द ही जारी की जाएगी.

सपा कांग्रेस में पहले से रार

दूसरी ओर मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों पार्टियों के बीच बड़ा विवाद खड़ा है ही. ऐसे में अब INDIA गठबंधन में दरार दिखने लगी है. मध्य प्रदेश में सपा को जनाधार नहीं है. इसलिए उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने अपील की कि समाजवादी पार्टी को वहां चुनाव न लड़कर कांग्रेस प्रत्याशी का समर्थन करना चाहिए. इसके बाद अखिलेश यादव ने कांग्रेस को खूब बुरा भला कहा था. दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया. हालांकि, अब अखिलेश के सुर कुछ नरम हो गए हैं. अखिलेश यादव ने कहा है कि मुझे कांग्रेस के शीर्ष नेता का संदेश मिला है, मुझे उनकी बात सुननी है.

इससे पहले भी जब पश्चिम बंगाल के लिए मनरेगा फंड की मांग को लेकर टीएमसी 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही थी तो इंडिया ब्लॉक के किसी भी दल ने साथ नहीं दिया था.

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‘INDIA’ में सबकुछ ठीक है: मल्लिकार्जुन खड़गे

हालांकि, कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को कहा कि इंडिया गठबंधन में सबकुछ ठीक है. उन्होंने कहा कि पांच राज्यों के चुनावों के बाद इंडिया ब्लॉक सीट बंटवारे की घोषणा होने की संभावना है. नवगठित “इंडिया गठबंधन 50 दिनों से अधिक समय से अस्तित्व में है, जिसका लक्ष्य आगामी लोकसभा चुनावों में पीएम मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा को चुनौती देना है. हालांकि, सीट बंटवारे को लेकर बातचीत अभी भी अनसुलझी है. न तो अभी तक गठबंधन का लोगो फाइनल हुआ है और न ही आपसी ताल मेल देखने को मिल रहा है. ऐसे में सवाल बड़ा है कि क्या केंद्र से मोदी सरकार को बेदखल करने की इंडिया गठबंधन की प्लानिंग धरी की धरी रह गई?

-भारत एक्सप्रेस

 

Rakesh Kumar

Sr. Sub-Editor

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