Gautam Adani In IIM Lucknow: लखनऊ स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM Lucknow) में उद्योगपति गौतम अडानी ने भारत की सार्वजनिक डिजिटल संरचना को दुनिया में बेजोड़ करार दिया. अपने प्रेरक भाषण में, उन्होंने आधार, यूपीआई और ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) जैसे प्लेटफॉर्म्स को न केवल तकनीकी उपलब्धियां बताया, बल्कि इन्हें समावेशी और स्केलेबल नवाचार का आधार भी माना. 7 अगस्त 2025 को अडानी ने IIM Lucknow में कहा, “ये मंच नहीं, बल्कि नये भारत के लॉन्चपैड हैं, जो समावेशिता और तेजी से विकास के लिए डिज़ाइन किए गए हैं.”
अडानी ने अपने भाषण में भारत की डिजिटल संरचना को वैश्विक स्तर पर अनूठा बताया. उन्होंने कहा कि किसी भी देश ने इतने बड़े पैमाने पर और इतनी गति से ऐसी समावेशी तकनीकी संरचना नहीं बनाई. आधार ने 1.3 अरब से अधिक लोगों को डिजिटल पहचान दी, यूपीआई ने भुगतान प्रणाली को सरल और सुलभ बनाया, और ओएनडीसी ने ई-कॉमर्स को लोकतांत्रिक रूप दिया. अडानी ने इसे भारत की आर्थिक प्रगति का ऑपरेटिंग सिस्टम करार देते हुए कहा कि यह विश्वास, पारदर्शिता और समावेशिता पर आधारित है. विश्व बैंक ने भी भारत के डिजिटल पब्लिक गुड्स को “अद्वितीय सफलता की कहानी” बताया है, जो कई विकासशील देशों के लिए प्रेरणा बन रहा है.
अडानी ने भारत की प्रगति के लिए चार संरचनात्मक ताकतों का उल्लेख किया: युवा और महत्वाकांक्षी आबादी, बढ़ती घरेलू मांग, अभूतपूर्व डिजिटल संरचना और घरेलू पूंजी का नया उछाल. उन्होंने कहा कि ये कारक भारत को 2050 तक 25 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. विशेष रूप से डिजिटल संरचना पर जोर देते हुए, उन्होंने इसे भारत की सॉफ्ट पावर और नवाचार का आधार बताया. अफ्रीका से लेकर लैटिन अमेरिका तक, कई देश अब भारत के डिजिटल मॉडल को अपनाने की दिशा में काम कर रहे हैं.
अडानी ने IIM Lucknow के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “यह आपका समय है. भारत आपका कैनवास है, और रंग आपके पास हैं.” उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे केवल डेटा और पहले से बने ढांचों पर निर्भर न रहें, बल्कि असंभव को संभव बनाने की दिशा में काम करें. उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने 16 साल की उम्र में मुंबई में हीरा व्यापार शुरू किया और बाद में मुंद्रा, खावड़ा, ऑस्ट्रेलिया और धारावी जैसे “असंभव” क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा विकसित किया. उन्होंने कहा, “नक्शे आपको केवल वहां ले जाते हैं, जहां कोई पहले जा चुका हो. लेकिन कुछ नया बनाने के लिए, आपको संभावनाओं की ओर इशारा करने वाले कम्पास की जरूरत होती है.”
अडानी ने अपने भाषण में न केवल आर्थिक विकास, बल्कि नैतिकता और सभ्यता के दायित्व पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा, “ऐसे समय में जब दुनिया युद्ध और वर्चस्व की भूख से टूटी हुई है, भारत अपनी संयम और उदारता के साथ खड़ा है.” उन्होंने भारत को एक ऐसा देश बताया जो दूसरों को दबाने के बजाय उन्हें प्रोत्साहित करता है और चुपचाप, लेकिन दृढ़ता से देता है. उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे केवल बाजार में प्रतिस्पर्धी बनने के बजाय सभ्यता के संरक्षक बनें.
अडानी का भाषण केवल नीतिगत चर्चा तक सीमित नहीं था. यह एक प्रेरणादायक आह्वान था, जिसमें उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अपने चरित्र और साहस से परिभाषित हों. “भारत को उन चित्रकारों की जरूरत नहीं है जो रिक्त स्थानों को भरें. उसे उन लोगों की जरूरत है जो अभी तक न देखे गए रंगों से चित्र बनाएं.” यह भाषण भारत के डिजिटल ढांचे की प्रशंसा से कहीं अधिक था – यह राष्ट्रीय आत्मविश्वास का एक क्षण था. अडानी ने स्पष्ट किया कि उपकरण मौजूद हैं, महत्वाकांक्षा मौजूद है, और अब सवाल केवल यह है कि इनका उपयोग कौन करेगा और कितने साहस के साथ.
गौतम अडानी का यह भाषण भारत की डिजिटल संरचना को एक वैश्विक मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने के साथ-साथ युवाओं के लिए एक प्रेरणा था. उन्होंने न केवल भारत की उपलब्धियों को रेखांकित किया, बल्कि भविष्य की संभावनाओं को भी उजागर किया. यह एक ऐसा आह्वान था, जो भारत को न केवल आर्थिक शक्ति, बल्कि नैतिक और नवाचार की दृष्टि से भी एक वैश्विक नेता के रूप में देखता है.
यह भी पढ़िए: IIM Lucknow में Gautam Adani का प्रेरक संबोधन- भारत के भविष्य को ऐसे आकार दे सकते हैं युवा
200 करोड़ रुपये के सुकेश चंद्रशेखर ठगी मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेत्री…
अमित शाह के लखनऊ दौरे और प्रदेश कार्यसमिति बैठक के बाद साफ है कि यूपी…
दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने DHFL घोटाले के मुख्य आरोपी वधावन बंधुओं पर अतिरिक्त…
PM Modi Bharat Parv 2026 Ekta Nagar: पीएम मोदी ने एकता नगर में 'भारत पर्व…
Amit Shah UP BJP working committee meeting Lucknow 2027: लखनऊ में अमित शाह का चुनावी…
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वकीलों को जबरन अदालत में पेश होने से रोके जाने पर कड़ी…