क्राइम

रील बनाने के चक्कर में महिला ने चुरा लिए 5 करोड़, हुई 28 महीनों की जेल

आप रील बनाने के चक्कर में लोगों को अजीबोगरीब हरकतें करते देखे या सुने तो जरूर होंगे, लेकिन क्या हो अगर रील बनाने की लत जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दे. जी ये सच है. ब्रिटेन में एक महिला को टिकटॉक की लत ने जेल पहुंचा दिया.

दरअसल ब्रिटेन की रहने वाली 29 साल की कैथरीन ग्रिनाल को लिवरपूल क्राउन कोर्ट ने 28 महीने जेल की सजा सुनाई है. कैथरीन पर आरोप था कि उसने अपनी कंपनी के खाते से करीब 5 करोड़ रुपये निकाल लिए. आरोप सिद्ध होने पर कोर्ट ने उसे 28 महीने की जेल की सजा सुनाई है.

कंपनी में अकाउंट मैनेजर के पद पर थी कार्यरत

दो बच्चों की मां कैथरीन ग्रिनाल अप्रैल 2021 को सेंट हेलेन स्थित न्यू रेग लिमिटेड कंपनी में सर्विस मैनेजर के पद पर काम करना शुरू किया था. दिसंबर में ग्रिनाल को कंपनी ने अकाउंट मैनेजर के पद पर पदोन्नत कर दिया. जिससे उसे कंपनी के खातों तक पहुंच मिल गई. जिसके बाद कैथरीन ग्रिनाल ने 2023 तक कुल 53 अवैध निकासी कर कंपनी के खातों से 5 करोड़ से अधिक की चोरी कर ली.

3 करोड़ से ज्यादा की रकम टिकटॉक पर की खर्च

चुराये गए इन पैसों को कैथरिन ने कई जगहों पर खर्च किये. उसने इन पैसों का सुपरमार्केट, फूड आउटलेट्स, अमेजन प्राइम और स्पोर्ट्स रिटेलर्स पर खर्च किया. इसके अलावा उसने अपने परिवार को छुट्टियों और होटल बुकिंग पर खर्च किये. जांच में ये पाया गया कि कैथरिन ने करीब 3 करोड़ 49 लाख से ज्यादा की रकम टिकटॉक क्रियेटर्स को टोकन के रूप में गिफ्ट किये.

कोर्ट में सुनवाई के दौरान ग्रिनाल ने अपने गुनाह कबूल कर लिए. जिसके बाद लिवरपुल क्राउन कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कैथरिन ग्रिनाल को 28 महीने जेल की सजा सुनाई.

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जरूरी बात-

अगर आपके परिवार में भी किसी को टिकटॉक या रील बनाने की लत है. तो इसे गंभीरता से लीजिये. ज्यादा रील्स देखने या सोशल मीडिया यूज करने से लोग मानसिक रोगी बन रहे हैं. क्योंकि इसका असर सीधे दिमाग पर होता है. इससे बचने के लिए समय-समय पर इंटरनेट या सोशल मीडिया से दूरी बनाएं.खुद के लिए समय निकालें और योग या दूसरे शारीरिक गतिविधि में भाग लें. दोस्तों या परिवार के साथ समय गुजारें.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

गोविंद सिंह बिहार के कैमूर जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हासिल की और पटना कॉलेज, पटना से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, कंटेंट एडिटिंग, रिसर्च और न्यूज प्रोडक्शन का अनुभव हासिल किया। फिलहाल वह भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस विदेश नीति, राष्ट्रीय राजनीति और बिहार से जुड़े मुद्दों पर है।

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