एजुकेशन

सिर्फ भारत ही नहीं, पाकिस्तान-बांग्लादेश में भी है पेपर लीक का ‘कैंसर’! जानें दोनों देशों में किस पैटर्न पर होते हैं एग्जाम

Paper Leak Controversy: भारत में NEET से लेकर तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने का मुद्दा इस वक्त देश का सबसे गरमाया हुआ टॉपिक बना हुआ है. छात्रों का गुस्सा और सरकार की टेंशन सातवें आसमान पर है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पेपर लीक की यह बीमारी सिर्फ हमारे देश तक ही सीमित नहीं है? हमारे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और बांग्लादेश भी इस वक्त परीक्षा प्रणाली के इसी संकट से जूझ रहे हैं.

हाल ही में पाकिस्तान में कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल की एएस-लेवल मैथ्स परीक्षा का पेपर लीक होने की पुष्टि हुई है, जिसके बाद वहां भी हजारों छात्रों के भविष्य पर तलवार लटक गई है. सोशल मीडिया पर जो सवाल पहले से तैर रहे थे वही एग्जाम में आ गए. इसके बाद से ही उपमहाद्वीप के इन देशों में परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर बहस छिड़ गई है. आइए समझते हैं कि हमारे इन पड़ोसी देशों में एग्जाम का क्या पैटर्न है और वहां पेपर लीक का क्या हाल है.

पाकिस्तान का एग्जाम पैटर्न

पाकिस्तान में पढ़ाई और परीक्षा का एक बड़ा हिस्सा कैंब्रिज इंटरनेशनल एजुकेशन (CIE) के इर्द-गिर्द घूमता है. वहां बड़ी संख्या में छात्र ‘ओ-लेवल’ और ‘ए-लेवल’ की पढ़ाई करते हैं. आसान भाषा में कहें तो ओ-लेवल को वहां 10वीं-11वीं के बराबर दर्जा हासिल है, जबकि एएस और ए-लेवल को 12वीं की एडवांस पढ़ाई माना जाता है. इन परीक्षाओं के नंबर्स के दम पर ही छात्रों को पाकिस्तान और दुनिया भर की बड़ी यूनिवर्सिटीज में दाखिला मिलता है. कैंब्रिज का यह बोर्ड दुनिया के 160 से ज्यादा देशों में एग्जाम कराता है.

पाकिस्तान में इसका पूरा पैटर्न लिखित परीक्षा पर आधारित होता है, जहां हर सब्जेक्ट के लिए खास कोडेड पेपर तैयार किए जाते हैं. कहने को तो परीक्षा से पहले पेपर को पूरी तरह सीक्रेट रखने के बेहद कड़े नियम हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. पिछले कुछ सालों में यहां लगातार पेपर आउट होने के मामले सामने आए हैं. हाल ही में 29 अप्रैल को हुए मैथ्स के पेपर को लेकर जब सोशल मीडिया पर बवाल मचा, तो जांच के बाद खुद बोर्ड को भी झुकना पड़ा और उन्होंने माना कि लीक के दावों में दम है.

बांग्लादेश में भी सोशल मीडिया पर बिक रहे पर्चे

अब बात करते हैं बांग्लादेश की. यहाँ भी हालात कुछ जुदा नहीं हैं. बांग्लादेश में बोर्ड परीक्षाओं से लेकर सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं तक, पेपर लीक का ग्रहण हर जगह लगा हुआ है. माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर की परीक्षाओं के दौरान प्रश्न पत्र एग्जाम से ठीक पहले वॉट्सऐप, फेसबुक या अन्य मैसेजिंग ऐप्स पर वायरल हो जाते हैं. कई बार तो पानी सिर से ऊपर जाने के बाद सरकार को आनन-फानन में परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों ही देशों में कागजों पर तो कड़े कानून मौजूद हैं, लेकिन उन्हें जमीन पर ठीक से लागू न कर पाना सबसे बड़ी कमजोरी साबित हो रहा है. इसी लचर सिस्टम का फायदा उठाकर नकल माफिया बार-बार छात्रों के भविष्य से खेल जाते हैं.

ये भी पढ़ें- META में फिर बड़ी छंटनी, AI के चक्कर में 8,000 कर्मचारियों की जाएगी नौकरी; जानिए कंपनी ने क्यों लिया ये फैसला

दुनिया में पेपर लीक को लेकर कितने कड़े हैं कानून?

जब भारत में पेपर लीक का बवाल बढ़ा, तो सरकार ने हाल ही में ‘पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट 2024’ लागू किया. इस नए कानून के तहत अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो उसे 3 से 10 साल तक की जेल हो सकती है और साथ ही 1 करोड़ रुपये तक का भारी-भरकम जुर्माना भी देना पड़ सकता है. अगर इसमें कोई संगठित गिरोह (सिंडिकेट) शामिल है, तो उनकी संपत्ति तक जब्त करने का नियम है.

वहीं अगर दुनिया के दूसरे देशों पर नजर डालें तो चीन इस मामले में सबसे आगे है. चीन की सबसे कठिन राष्ट्रीय परीक्षा ‘गाओकाओ’ में अगर कोई पेपर लीक करता है या नकल करते पकड़ा जाता है, तो उसे सीधे 7 साल के लिए जेल की हवा खानी पड़ती है. चीन अपने परीक्षा केंद्रों पर चीटिंग रोकने के लिए AI कैमरे, फेस रिकग्निशन सॉफ्टवेयर और आसमान में ड्रोन तक तैनात कर देता है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Radha Priya

Recent Posts

चुनाव आयोग ने जारी किया नया शेड्यूल: 12 नवंबर को आएगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, जानिए कैसे करा सकते हैं सुधार

चुनाव आयोग ने यूपी-बिहार समेत 17 राज्यों में स्पेशल संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) शुरू करने का…

2 hours ago

‘भारत में भी सत्ता बदले…’, प्रशांत भूषण-नेहा बोरा के ‘रिजीम चेंज’ बयानों से छिड़ा विवाद, बांग्लादेश मॉडल के सुर अलापे

Delhi Protest News: राहुल गांधी की समर्थक नेहा बोरा बोलीं- 'बांग्लादेश ने हमें एक रास्ता…

3 hours ago

‘पैसे से नहीं चलती देश की नीतियां…’ स्टारलिंक को लेकर एलन मस्क पर बरसे बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे

आईटी संसदीय समिति के अध्यक्ष डॉ. निशिकांत दुबे ने स्टारलिंक के मुद्दे पर एलन मस्क…

3 hours ago

जेआरडी टाटा का वो सपना, जिसने भारत को दी पहली एयरलाइन; जानिए एयर इंडिया की दिलचस्प कहानी

जेआरडी टाटा को 1929 में भारत का पहला पायलट लाइसेंस मिला था. इसके बाद उन्होंने…

4 hours ago

‘सत्ता को सेवा में बदला’, पीएम मोदी के 25 वर्षों के कार्यकाल पर हिमाचल प्रदेश बीजेपी ने जताई कृतज्ञता

हिमाचल प्रदेश भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने…

4 hours ago