चुनाव

चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्‍फ्रेंस: CEC ज्ञानेश कुमार बोले- बिहार में SIR प्रक्रिया सफल, अब 12 राज्‍यों-केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू होगी

Election Commission SIR Process: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने सोमवार शाम 4:15 बजे विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश के 12 राज्‍यों-केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया की शुरुआत की घोषणा की. मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने इसकी विस्तृत जानकारी साझा की.

SIR (Special Integrated Revision) मतदाता सूची को अपडेट और शुद्ध करने की एक गहन प्रक्रिया है, जिसमें नए मतदाताओं का पंजीकरण, मृतकों के नाम हटाना, डुप्लिकेट एंट्रीज निकालना और स्थानांतरण जैसे कार्य शामिल हैं. यह कदम 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है.

12 राज्यों की लिस्ट जहां SIR होगा

  • अंडमान निकोबार
  • छत्तीसगढ़
  • गोवा
  • गुजरात
  • केरल
  • लक्षद्वीप
  • मध्य प्रदेश
  • पुडुचेरी
  • राजस्थान
  • तमिलनाडु
  • उत्तर प्रदेश
  • पश्चिम बंगाल

SIR वाले राज्यों में विधानसभा चुनाव कब?

2026: पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी
2027: गोवा, गुजरात, उत्तर प्रदेश
2028: छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान. अंडमान निकोबार, लक्षद्वीप में विधानसभा नहीं.

बिहार में SIR का सफल संचालन हुआ: CEC

CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार में SIR (Special Integrated Revision) का सफल संचालन हुआ है, जहां पांच साल बाद विधानसभा चुनाव होने हैं. उन्होंने जोर देकर कहा, “राजनीतिक दलों ने ही इसकी मांग की थी. सोशल मीडिया पर उठे सवालों के बावजूद, यह प्रक्रिया पारदर्शी रही.”

बिहार मॉडल को आधार बनाकर SIR का दूसरा चरण अब राष्ट्रीय स्तर पर शुरू होगा. बिहार में हाल ही में 65 लाख नामों की जांच के बाद अंतिम सूची 30 सितंबर को जारी हुई थी, जिसकी अपील का विकल्प अभी भी उपलब्ध है.

चुनावी राज्यों में SIR अनिवार्य, पारदर्शिता पर जोर

ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया कि जिन राज्यों में 2026 में विधानसभा चुनाव होंगे, वहां SIR (Special Integrated Revision) जरूर कराई जाएगी. यह चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में लागू होगा, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया निष्पक्ष रहे. विपक्ष के ‘वोट चोरी’ आरोपों पर आयोग ने चुनौती दी कि हलफनामा दें या माफी मांगें. सुप्रीम कोर्ट ने भी बिहार SIR पर पारदर्शिता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, जिसका पालन हो रहा है. आयोग ने राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की, ताकि युवा और महिला मतदाताओं का अधिकतम पंजीकरण हो.

SIR (Special Integrated Revision) से मतदाता सूची अधिक सटीक बनेगी, जो 2026 चुनावों और उसके बाद लोकसभा चुनावों को मजबूत करेगी. हालांकि, कुछ राज्यों में स्थानीय निकाय चुनावों के कारण विलंब हो सकता है. दिल्ली में आखिरी SIR 2008 में हुई थी, जबकि उत्तराखंड में 2006 में. आयोग का लक्ष्य है कि अगले हफ्ते से प्रक्रिया शुरू हो. यह कदम लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है, जहां हर वोट की कीमत बराबर हो.

ये भी पढ़ें: बिहार चुनाव का ‘महा-रिस्क’! ‘फ्रेश एंट्री’ में NDA से आगे महागठबंधन, PK ने तोड़ा रिकॉर्ड; क्या बदलेगा समीकरण?

Also Follow Bharat Express on Youtube

Bharat Express Desk

Recent Posts

एसआईआर में गड़बड़ी के खिलाफ राहुल गांधी सहित विपक्ष के 11 नेताओं ने किया सुप्रीम कोर्ट का रुख

SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ राहुल गांधी समेत 11 विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट…

27 minutes ago

राहुल गांधी समेत 11 नेताओं की सुप्रीम कोर्ट में याचिका, CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ राहुल गांधी समेत 11 विपक्षी…

30 minutes ago

सिंतबर के महीने ने बिगाड़ा बजट! 108% दर से बढ़े प्याज के दाम ने निकाले आंसु, 6.08% बढ़ी मंहगाई

सितंबर 2026 में देश की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54% और खाद्य महंगाई 7.74% पर…

45 minutes ago

दानदाता, मालिक नहीं: सुप्रीम कोर्ट की कमर्शियलाइज़ेशन पर सख़्ती, जामिया हमदर्द रेगुलेटरी निशाने पर

शीर्ष अदालत ने प्राइवेट और डीम्ड यूनिवर्सिटीज़ को मुनाफ़े के सेंटर की तरह चलाने से…

47 minutes ago

कैसीनो में नौकरी का झांसा और फोन में गंदी तस्वीरें… नेपाल बॉर्डर पर टल गया मिजोरम की बेटियों का बड़ा खतरा

पश्चिम बंगाल के पानीटंकी भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी के एक मामले में मिजोरम की…

59 minutes ago

केंद्रीय कर्मचारियों की बढ़ सकती है सैलरी, महंगाई भत्ते के साथ TA में भी मिल सकता है बड़ा फायदा

DA Hike 2026: केंद्रीय कर्मचारियों को जुलाई 2026 में बड़ी राहत मिल सकती है. DA…

1 hour ago