बिहार चुनाव 2025 नए चेहरे
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का रणक्षेत्र इस बार केवल राजनीतिक दलों के बीच की टक्कर नहीं है, बल्कि यह अनुभव बनाम नए उत्साह की एक रोमांचक कहानी बनने जा रहा है. नामांकन वापसी की तारीख खत्म होते ही तय हो गया है कि अब मुकाबला किनके बीच होना है. चुनाव आयोग की ओर से जारी फाइनल आंकड़े बताते हैं कि इन चुनावी में सभी दलों ने भारी संख्या में नए चेहरों पर दांव लगाया है. आइये जानें किस दल ने कितने नए लोगों को मौका दिया और अगर सभी पहली बार के प्रत्याशी जीतते हैं तो बिहार के क्या समीकरण होंगे?
बता दें 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में होने वाले इन चुनावों में 18 जिलों की 121 और उसके बाद 20 जिलों की 122 सीटों पर मतदान होगा. इसके लिए कुल 2616 उम्मीदवार मैदान में है. अब उन्हीं की किस्मत कै फैसला होना है जो 14 नवंबर को सबके सामने आएगा.
41.5 फीसदी नए चेहरे (Bihar Election 2025 New Faces)
243 सीटों पर उतरे 2616 उम्मीदवारों में से 41.5% यानी 1085 प्रत्याशी ऐसे हैं जो पहली बार चुनावी समर में ताल ठोक रहे हैं. यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव का संकेत है. हालांकि, इसमें कई चेहरे ऐसे हैं जो पहले से परिचित हैं. मैथिली ठाकुर, डॉ. करिश्मा राय, और भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव जैसे नए चेहरे जनता के बीच उम्मीद की एक नई किरण लेकर आए हैं. वहीं सियासी परिवारों के वारिस भी पहली बार ताल ठोंक रहे हैं. इसमें स्नेह लता (उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी) और सीमांत मृणाल (चिराग पासवान के भांजे) जैसे नाम शामिल हैं.
किसने नए उम्मीदवारों पर ज्यादा भरोसा जताया?
एनडीए ने 243 सीटों में से 23% यानी 56 सीटों पर नए चेहरों को मौका दिया है. वहीं महागठबंधन ने 243 की जगह 255 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जिनमें 37% यानी 92 उम्मीदवार पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं. जबकि, जन सुराज ने तो इस मामले में रिकॉर्ड बना दिया है. उसके 90% यानी 218 उम्मीदवार पहली बार चुनाव मैदान में हैं. ओवैसी की एआईएमआईएम ने भी 26 में से 18 सीटों (लगभग 69%) पर नए प्रत्याशी उतारे हैं. इनमें से ज्यादातर उम्मीदवार पहली बार किसी विधानसभा या लोकसभा चुनाव में उतर रहे हैं, यानी राजनीति में एकदम ‘फ्रेश एंट्री’ है.
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NDA में पहली बार के प्रत्याशी ( NDA New Candidates In Bihar Election)
- भाजपा ने अपनी 101 सीटों में से 19 प्रत्याशी नए उतारे हैं. यह कुल प्रत्याशियों का 19 फीसदी है.
- जदयू ने अपनी 101 सीटों में से 15 प्रत्याशी नए उतारे हैं. यह कुल प्रत्याशियों का 15 फीसदी है.
- लोजपा- R ने अपनी 29 सीटों में से 19 प्रत्याशी नए उतारे हैं. यह कुल प्रत्याशियों का 65 फीसदी है.
- रालोमो ने अपनी 6 सीटों में से 2 प्रत्याशी नए उतारे हैं. यह कुल प्रत्याशियों का 33 फीसदी है.
- हम ने अपनी 6 सीटों में से 01 प्रत्याशी नए उतारे हैं. यह कुल प्रत्याशियों का 16 फीसदी है.
महागठबंधन में पहली बार के प्रत्याशी ( Mahagathbandhan New Candidates In Bihar Election
- राजद ने अपनी 143 सीटों में से 49 प्रत्याशी नए उतारे हैं. यह कुल प्रत्याशियों का 34 फीसदी है.
- कांग्रेस ने अपनी 61 सीटों में से 22 प्रत्याशी नए उतारे हैं. यह कुल प्रत्याशियों का 36 फीसदी है.
- माले ने अपनी 20 सीटों में से 5 प्रत्याशी नए उतारे हैं. यह कुल प्रत्याशियों का 25 फीसदी है.
- वीआईपी ने अपनी 15 सीटों में से 11 प्रत्याशी नए उतारे हैं. यह कुल प्रत्याशियों का 73 फीसदी है.
- सीपीआई ने अपनी 9 सीटों में से 3 प्रत्याशी नए उतारे हैं. यह कुल प्रत्याशियों का 33 फीसदी है.
- सीपीएम ने अपनी 4 सीटों में से 1 प्रत्याशी नए उतारे हैं. यह कुल प्रत्याशियों का 25 फीसदी है.
- आईआईपी ने अपनी 3 सीटों में से 3 प्रत्याशी नए उतारे हैं. यह कुल प्रत्याशियों का 100 फीसदी है.
पहली फाइट में लोकप्रिय चेहरे (Bihar Election Fresh Faces)
बीजेपी ने लोकगायिका मैथिली ठाकुर को अलीनगर से उतारा है, जबकि राजद ने पूर्व मुख्यमंत्री दारोगा राय की पोती डॉ. करिश्मा राय को परसा से और भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव को छपरा से मैदान में भेजा है. जदयू ने इस्लामपुर से पूर्व विधायक राजीव रंजन के बेटे रोहेल रंजन, और जन सुराज ने कर्पूरी ठाकुर की पोती जागृति ठाकुर को मोरवा से उम्मीदवार बनाया है. इसके अलावा भोजपुरी गायक रितेश पांडेय (करहेर), गणितज्ञ केसी सिन्हा (कुम्हरार) और हाईकोर्ट एडवोकेट वाईवी गिरि (मांझी) भी पहली बार चुनावी दंगल में हैं.
देखें नए फेस की लिस्ट
| विधानसभा क्षेत्र | प्रत्याशी |
| BJP (भाजपा) | |
| Alinagar (अलीनगर) | Maithili Thakur (मैथिली ठाकुर) |
| Aurai (औरई) | Rama Nishad (रमा निषाद) |
| Kumhrar (कुम्हरार) | Sanjay Gupta (संजय गुप्ता) |
| Patna Sahib (पटना साहिब) | Ratnesh Kushwaha (रत्नेश कुशवाहा) |
| Shahpur (शाहपुर) | Rakesh Ojha (राकेश ओझा) |
| RJD (आरजेडी) | |
| Parsa (परसा) | Dr. Karishma Roy (डॉ. करिश्मा राय) |
| Chhapra (छपरा) | Khesari Lal Yadav (खेसारी लाल यादव) |
| Lalganj (लाल गंज) | Shivani Shukla (शिवानी शुक्ला) |
| Raghunathpur (रघुनाथपुर) | Osama Shahab (ओसामा शहाब) |
| Parihar (परिहार) | Smita Purve Gupta (स्मिता पूर्वे गुप्ता) |
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JDU (जदयू) |
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| Khagaria (खगड़िया) | Bablu Mandal (बबलू मंडल) |
| Islampur (इस्लामपुर) | Rohel Ranjan (रोहेल रंजन) |
| Madhepura (मधेपुरा) | Kavita Saha (कविता साहा) |
| Raghunathpur (रघुनाथपुर) | Jishu Singh (जीशु सिंह) |
| Jamalpur (जमालपुर) | Nachiket Mandal (नचिकेत मंडल) |
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Congress (कांग्रेस) |
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| Patna (पटना) |
Sahib Sushant Shekhar (साहिब सुशांत शेखर)
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| Kumhrar (कुम्हरार) |
Indradeep Chandravanshi (इंद्रदीप चंद्रवंशी)
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| Kasba (कसबा) | Irfan Alam (इरफान आलम) |
| Benipatti (बेनीपट्टी) | Nailini Ranjan Jha (नैलिनी रंजन झा) |
| Kuchaikote (कुचायकोट) |
Harinayaran Kushwaha (हरिनारायण कुशवाहा)
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| Jan Suraj (जन सुराज) | |
| Morwa (मोरवा) | Jagriti Thakur (जागृति ठाकुर) |
| Karhar (करहर) | Ritesh Pandey (रितेश पांडेय) |
| Manjhi (मांझी) | VV Giri (वीवी गिरी) |
| Kumhrar (कुम्हरार) | KC Sinha (केसी सिन्हा) |
| Matihani (मटिहानी) | Dr. Arun Kumar (डॉ. अरुण कुमार) |
| AIMIM (एआईएमआईएम) | |
| Nawada (नवादा) | Naseema Khatoon (नसीमा खातून) |
| Kadwa (कदवा) | Shakir Raza (शाकिर रजा) |
| Kasba (कसबा) | Shahnavaz Alam (शाहनवाज आलम) |
| Jale (जाले) | Faisal Rahman (फैसल रहमान) |
| Thakurganj (ठाकुरगंज) | Ghulam Hasnain (गुलाम हसनैन) |
| लोजपा-R | |
| Garkha (गरखा) | Seemant Mrinal (सीमांत मृणाल) |
| Fatuha (फतहां) | Roopa Kumari (रूपा कुमारी) |
| Parbatta (परबत्ता) | Babu Lal Shaurya (बाबू लाल शौर्य) |
| RALOMO (रालुमो) | |
| Sasaram (सासाराम) | Sneh Lata (स्नेह लता) |
| HUM (हम) | |
| Atari (अतरी) | Rohit Kumar (रोमित कुमार) |
छोटे दलों का हाल
- छोटे दलों ने भी पारिवारिक और स्थानीय पहचान वाले चेहरों पर दांव लगाया है.
- रालोमो ने उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेह लता को सासाराम से उतारा है.
- लोजपा (आर) ने चिराग पासवान के भांजे सीमांत मृणाल को गरखा से टिकट दिया है.
- हम ने पूर्व मंत्री अनिल कुमार के भतीजे रोमित कुमार को टिकट दिया है.
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बदल जाएगा बिहार का समीकरण? (Bihar Election Record)
अगर इन सभी ‘फर्स्ट टाइमर्स’ को जनता का समर्थन मिल गया, तो बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. पुराने नेताओं की पकड़ ढीली पड़ेगी, और नई पीढ़ी की सोच राजनीति की दिशा तय कर सकती है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता ‘अनुभव’ पर भरोसा जताती है या ‘नई ऊर्जा’ को मौका देती है. 14 नवंबर को मतगणना ही यह तय करेगी कि बिहार की जनता ने अनुभवहीनता को स्वीकार किया है या फिर इन नए चेहरों के माध्यम से एक नई राजनीतिक गाथा लिखने का फैसला किया है. अगर ये नए उम्मीदवार जीत गए, तो विधानसभा में एक नई राजनीतिक पीढ़ी का आगाज़ तय है.
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