रक्तदान शिविर
24 जून को अदानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी के 61वें जन्मदिन पर एक राष्ट्रीय स्तर का रक्तदान अभियान आयोजित किया गया. अदाणी ग्रुप में इस दिन को अदाणी दिवस के रूप में मनाया गया. इस पहल को अदाणी समूह के कर्मचारियों का अभूतपूर्व सहयोग मिला जो एक खास उद्देश्य के प्रति अपना योगदान देने के लिए एकजुट हुए.
अदाणी फाउंडेशन की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, इन सभी ने मिलकर 20,621 यूनिट रक्त दान किया, जो लगभग 8,200 लीटर के बराबर है. यह दान अनुमानित रूप से 61,000 जीवन को बचाने में सहायता करेगा. इस रक्तदान अभियान को 22 राज्यों में 250 से अधिक स्थानों पर आयोजित किया गया और इसे 3,000 से अधिक कर्मचारियों के प्रयास से पूरा किया गया.
इस रक्त का उपयोग मरीजों को पूर्ण रक्त, पीसीवी, प्लेटलेट कॉन्संट्रेट, प्लाज्मा, एफएफपी, क्रायो प्रेसिपिटेट और एल्ब्यूमिन जैसे तत्वों के माध्यम से सहायता प्रदान करने के लिए उपयोग में लाया जाएगा. इस साल के रक्तदान अभियान ने पिछले वर्ष के 14,657 यूनिट रक्त के रिकॉर्ड को पार किया है. अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्षा डॉ. प्रीति अदाणी ने रक्तदान में अभूतपूर्व समर्थन और योगदान देने के लिए सबका आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा, “मैं अपने कर्मचारियों द्वारा दिखाए गए अद्भुत समर्थन के लिए आभारी हूँ।.आपका रक्तदान हमारी संवेदनशीलता को प्रदर्शित करने के साथ समुदायों में सकारात्मक प्रभाव बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को मजबूती देता है. मैं समाज को उन्नत करने के लिए अदाणी परिवार के समर्पण की सराहना करती हूँ.”
अदाणी फाउंडेशन सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने और सतत विकास में योगदान देने के लिए हमेशा समर्पित है. रक्तदान अभियान जैसे पहलों के माध्यम से फाउंडेशन लोगों के जीवन में बदलाव करने का उद्देश्य रखता है.
अदाणी फाउंडेशन, अदाणी समूह का सामुदायिक सहायता और कार्यात्मक अंग है जो देशभर में स्थायी परिणामों को हासिल करने और सामाजिक निवेश के लिए समर्पित है. 1996 से फाउंडेशन ने कुछ मूल क्षेत्रों में अपना ध्यान केंद्रित किया है जिसमे शामिल है शिक्षा, स्वास्थ्य, स्थायी आजीविका, स्किल डेवलपमेंट और कम्युनिटी इंफ्रास्ट्रक्चर. सतत् विकास लक्ष्यों और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर आधारित रणनीतियों द्वारा फाउंडेशन अपने नए दृष्टिकोण पर फोकस के लिए जाना जाता है जो अदाणी समूह के व्यवसायों के आस-पास बसे समुदायों के कल्याण में अपना योगदान देता है. वर्तमान में यह 19 राज्यों के 5,675 गाँवों में कार्यरत है और करीब 76 लाख लोगों की ज़िन्दगी में एक सकारात्मक बदलाव ला चुका है.
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